MP मौसम अपडेट: घना कोहरा और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तीन दिन बारिश और ठंड का अलर्ट
भोपाल, 30 जनवरी 2026 – MP में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। शुक्रवार की सुबह प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्सों में घना कोहरा छा गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और यातायात में भी बाधा आई। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से 31 जनवरी से 2 फरवरी तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना है। इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का असर और बढ़ जाएगा।
आधे MP में घना कोहरा
शुक्रवार सुबह राजधानी भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में हल्का से मध्यम कोहरा छाया। कई इलाकों में सुबह 10 बजे तक धूप नहीं निकल सकी। इसको देखते हुए सड़क और रेल यातायात में काफी प्रभावित हुई। विशेष रूप से, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, सागर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में दृश्यता काफी कम रही।
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, “पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से प्रदेश में एक बार फिर बारिश का सिलसिला शुरू होगा। वर्तमान घने कोहरे का असर अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय देखा जा सकता है।” कोहरे के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोग सुबह के समय कम दिखाई देने वाले हालात का सामना कर रहे हैं।
तीन दिनों का बारिश अलर्ट
मौसम विभाग ने तीन दिन के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और बौछारें पड़ सकती हैं।
- 31 जनवरी, 2026: ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में बारिश का अनुमान है।
- 1 फरवरी, 2026: नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में बारिश होने की संभावना है।
- 2 फरवरी, 2026: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत 40 से अधिक जिलों में बारिश का अनुमान है। इसमें नर्मदापुरम, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, धार, कटनी, उमरिया, शहडोल और सिंगरौली जैसे जिले भी शामिल हैं।
इस अलर्ट के तहत अधिकारियों और जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान जलभराव, सड़क और रेल यातायात में रुकावटें हो सकती हैं।
बारिश के बाद तापमान में गिरावट और ठंड का असर
मौसम विभाग ने बताया कि बारिश के बाद प्रदेश में ठंड का असर और बढ़ जाएगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी के कारण ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश तक पहुँच रही हैं। इन हवाओं के प्रभाव से ग्वालियर-चंबल अंचल में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने के दौरान दिन और रात के तापमान में और गिरावट आएगी। ठंड अधिक तीखी होगी और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रात और सुबह के समय लोगों को अधिक ठंड का सामना करना पड़ेगा।

मंदसौर और पचमढ़ी सबसे ठंडी जगहें
बारिश और ओलों का दौर थमते ही प्रदेश में सर्दी और कोहरा और गहरा गया। गुरुवार सुबह 20 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया। मंदसौर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। पचमढ़ी प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा स्थान रहा। इसके कारण लोगों को सुबह के समय घर से निकलने में कठिनाई हुई।
पश्चिमी विक्षोभ: मौसम परिवर्तन का मुख्य कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान मौसम की स्थिति में पश्चिमी विक्षोभ प्रमुख भूमिका निभा रहा है। यह प्रणाली भूमध्य सागर से उत्पन्न होकर उत्तर भारत की ओर बढ़ती है और ठंडी हवाओं के साथ बारिश, ओले या हिमपात ला सकती है। मध्य प्रदेश में यह प्रणाली मौसम में बदलाव, बारिश और तापमान में गिरावट का मुख्य कारण है।
IMD की भविष्यवाणी के अनुसार, यह सिस्टम अगले तीन दिनों तक सक्रिय रहेगा। इससे ग्वालियर-चंबल, भोपाल, इंदौर, सागर, जबलपुर और रीवा अंचल में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। स्थानीय लोग और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जनजीवन पर असर
घने कोहरे और ठंड के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हुआ। कई जिलों में ट्रेन और सड़क यातायात में देरी हुई। स्कूलों और कार्यालयों ने विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए समय में बदलाव की सलाह दी। सुबह के समय बाज़ारों में भीड़ कम रही।
बारिश और कोहरे के दौरान जलभराव की संभावना को देखते हुए नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सुरक्षा और सावधानी
IMD और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से कई सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है:
- घने कोहरे और बारिश के समय अनावश्यक यात्रा से बचें।
- वाहन चलाते समय हेडलाइट और फॉग लाइट का उपयोग करें।
- बच्चों और बुजुर्गों के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें।
- घर में टॉर्च और गर्म कंबल जैसी आवश्यक चीजें तैयार रखें।
- किसानों और बाहरी कामगारों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
स्थानीय प्रशासन को जल निकासी, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से ठंड और सर्दी से संबंधित बीमारियों से बचाव के उपाय अपनाने को कहा है।
निष्कर्ष
MP में शुक्रवार को घना कोहरा प्रदेश के आधे हिस्सों में छाया। IMD ने 31 जनवरी से 2 फरवरी तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का असर और बढ़ेगा।
जनता को मौसम की बदलती परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने, सुरक्षा उपाय अपनाने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी, यह मौसम जनजीवन, यातायात और कृषि कार्यों पर प्रभाव डाल सकता है।
