मध्य प्रदेश के सबसे अमीर IFS अधिकारी: मनोज अग्रवाल शीर्ष पर
भोपाल, 16 मार्च 2026:
IPS और IAS अधिकारियों के बाद अब भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की संपत्ति सार्वजनिक कर दी गई है। संपत्ति की यह खुलासे वाले डेटा से स्पष्ट होता है कि मध्य प्रदेश के IFS अधिकारियों ने वर्षों में संपत्ति का अच्छा संग्रह किया है, जिसमें खरीदी गई और विरासत में मिली संपत्तियाँ शामिल हैं। इस सूची में मनोज अग्रवाल, जो कि प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) हैं, सबसे अमीर अधिकारी के रूप में उभरे हैं।
मनोज अग्रवाल की संपत्ति और आय
मनोज अग्रवाल के पास दिल्ली, गाजियाबाद, भोपाल और कटनी में बहुमूल्य मकान, फ्लैट, दुकान और जमीन हैं। इन संपत्तियों की कुल कीमत ₹12.61 करोड़ आंकी गई है। इन संपत्तियों से उन्हें सालाना लगभग ₹5.50 लाख की आय प्राप्त होती है।
उनकी संपत्तियों में शामिल हैं:
- गाजियाबाद, शिप्रा सन सिटी में फ्लैट: पत्नी के साथ साझा, मूल्य ₹50 लाख। सालाना आय ₹2.5 लाख।
- उत्तर प्रदेश के झालू गांव में मकान: विरासत में मिला, मूल्य ₹50 लाख।
- कटनी, झिन्ना में जमीन: खरीदी गई, मूल्य ₹20 लाख।
- दिल्ली और भोपाल में अन्य फ्लैट और मकान: विभिन्न स्थानों पर फैली संपत्तियां, जिनकी कुल मूल्यवान संपत्ति ₹12.61 करोड़ तक पहुँचती है।
यह स्पष्ट करता है कि मनोज अग्रवाल ने न केवल अपने करियर में उच्च पद प्राप्त किया है, बल्कि संपत्ति और निवेश के मामले में भी अग्रणी भूमिका निभाई है।
अन्य प्रमुख IFS अधिकारी और उनकी संपत्ति
1. बिंदु शर्मा (IFS, उत्पादन)
बिंदु शर्मा दिल्ली के जंगपुरा में एक फ्लैट की मालिक हैं, जिसकी कीमत ₹3.6 करोड़ है। यह फ्लैट उनके IPS अधिकारी पति ए. साईं मनोहर के साथ संयुक्त खाता में है। इस फ्लैट से उन्हें सालाना ₹17.13 लाख की आय प्राप्त होती है।
2. अर्चना शुक्ला (APCCF, भोपाल)
अर्चना शुक्ला मध्य प्रदेश कैडर के IAS एवं ACS अधिकारी शिवशेखर शुक्ला की पत्नी हैं। उनके पास भोपाल में संपत्तियों का कुल मूल्य ₹2.5 करोड़ है, जिससे उन्हें सालाना ₹3.76 लाख की आय होती है। उनकी प्रमुख संपत्तियों में शामिल हैं:
- एमराल्ड पार्क, डुप्लेक्स फ्लैट: मूल्य ₹1.25 करोड़, किराया ₹1.84 लाख।
- तुलसी टॉवर, 3BHK फ्लैट: मूल्य ₹1.25 करोड़, किराया ₹1.92 लाख।
3. शुभरंजन सेन (वन बल प्रमुख)
हाल ही में वन बल प्रमुख की कमान संभालने वाले शुभरंजन सेन ने अपने पास ₹42 लाख मूल्य की संपत्ति होने की जानकारी दी। उनके द्वारा संपत्ति ब्योरे में कोई अन्य जानकारी साझा नहीं की गई।
4. एच.यू. खान (PCCF, MD, वन विकास निगम)
एच.यू. खान के पास गूना के सैय्यदपुरा में विरासत में मिली रहवासी मकान है, जिसकी कीमत ₹1.25 करोड़ है। इसमें उनकी मां भी हिस्सेदार हैं। इसके अलावा भोपाल की इंदिरा विहार कॉलोनी में उनका एक प्लॉट है, जिसकी कीमत ₹85 लाख है। गूना के गुलाबगंज में उनका एक प्लॉट है, जो विरासत में मिला, मूल्य ₹15 लाख। कुल संपत्ति ₹2.25 करोड़ और सालाना आय ₹2 लाख है।
5. बी.एस. अन्नागिरी (PCCF, मानव संसाधन एवं विकास)
बी.एस. अन्नागिरी के पास इंदौर के आंबेडकर नगर में वृंदावन फेस-1 में रहवासी जमीन है। उन्होंने इसे 5.5 लाख रुपए में खरीदा था और अब इसका मूल्य ₹11 लाख हो गया है। उसी पते पर पत्नी के साथ हिस्सेदारी में एक और प्लॉट है, जिसकी कीमत ₹12.5 लाख है। कुल संपत्ति ₹23.5 लाख है।
6. बिभाष कु. ठाकुर (PCCF, अनुसंधान एवं विस्तार)
बिभाष कु. ठाकुर ने भोपाल के फंदा में 50 लाख रुपए की 9500 स्क्वायर फीट जमीन खरीदी है। इसके अलावा नर्मदापुरम रोड पर पत्नी के साथ संयुक्त खाते में चिनार फ़ॉर्च्यून सिटी में 1440 स्क्वायर फीट का मकान है, जिसकी कीमत ₹45 लाख है। भोपाल के सागर विलास में उन्होंने 1900 स्क्वायर फीट का मकान 2014 में ₹44.99 लाख में खरीदा था, वर्तमान में इसका मूल्य ₹50 लाख है और सालाना किराया ₹1.60 लाख है। कुल संपत्ति ₹1.45 करोड़ और आय ₹3.03 लाख।
7. पुरुषोत्तम धीमान (PCCF, विकास)
पुरुषोत्तम धीमान के पास हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में 5.25 लाख की कृषि भूमि है। भोपाल की छत्रपति शिवाजी कॉलोनी में उनका मकान ₹49 लाख का है। हिमाचल के महालाइमा में पत्नी के नाम प्लॉट ₹27.15 लाख का है। नोएडा बुद्ध नगर में फ्लैट ₹78.40 लाख के संयुक्त खाते में है। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में दुकान, मकान और कृषि भूमि विरासत में मिली है जिसकी कीमत ₹16.40 लाख है। कुल संपत्ति ₹1.76 करोड़, सालाना आय ₹37,200।
संपत्ति के सामाजिक और आर्थिक पहलू
IFS अधिकारियों की संपत्ति विवरण से यह स्पष्ट होता है कि रियल एस्टेट और निवेश उनके संपत्ति संग्रह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अधिकांश अधिकारी भोपाल में जमीन खरीदते हैं और इन संपत्तियों से उन्हें नियमित आय प्राप्त होती है। विरासत में मिली संपत्ति भी उनकी संपत्ति में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
इसके अलावा यह भी देखा गया कि कई अधिकारी अपने जीवनसाथियों के नाम संपत्ति रखते हैं, जिससे पारिवारिक सुरक्षा और साझा निवेश की रणनीति पर ध्यान दिया गया है। संपत्ति का यह पैटर्न यह संकेत देता है कि मध्य प्रदेश के IFS अधिकारी वित्तीय रूप से सक्षम हैं और संपत्ति संग्रह में काफी सतर्कता रखते हैं।
निष्कर्ष
संपत्ति के सार्वजनिक विवरण से पता चलता है कि मनोज अग्रवाल सबसे अमीर IFS अधिकारी हैं, इसके बाद बिंदु शर्मा और अर्चना शुक्ला का स्थान है। अधिकांश अधिकारियों ने संपत्ति के माध्यम से स्थिर आय के साधन तैयार किए हैं। इस डेटा से नागरिकों को यह भी जानकारी मिलती है कि IFS अधिकारियों के पास व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर संपत्ति निवेश की मजबूत नींव है।
संपत्ति की यह जानकारी पारदर्शिता और सरकारी अधिकारियों की वित्तीय स्थिति पर निगरानी के लिए महत्वपूर्ण है। इससे न केवल अधिकारी की व्यक्तिगत संपत्ति का अंदाजा लगाया जा सकता है, बल्कि उनके पारिवारिक और सामाजिक आर्थिक प्रभावों को भी समझा जा सकता है।
