MP IAS Transfer: मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 32 IAS अधिकारियों के तबादले; ग्वालियर-सतना को मिले नए निगम कमिश्नर
अभिषेक चौधरी को ग्वालियर और डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा को सतना नगर निगम की कमान, जिला पंचायत CEO और SDM स्तर पर भी बदलाव
भोपाल, 21 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 32 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शुक्रवार, 21 अगस्त को जारी आदेश में नगर निगम आयुक्त, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और अनुविभागीय अधिकारी (SDM) सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
नई तबादला सूची के बाद कई जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा। खास तौर पर ग्वालियर और सतना नगर निगम में नए आयुक्तों की नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके साथ ही कई जिला पंचायतों में भी नए मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
अभिषेक चौधरी को ग्वालियर नगर निगम की जिम्मेदारी
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2018 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक चौधरी को नगर निगम ग्वालियर का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। ग्वालियर प्रदेश के प्रमुख शहरों में शामिल है और यहां नगर निगम आयुक्त की जिम्मेदारी प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अभिषेक चौधरी के सामने शहर की स्वच्छता व्यवस्था, सड़क, पेयजल, यातायात से जुड़ी नागरिक सुविधाओं, शहरी विकास योजनाओं और नगर निगम की विभिन्न परियोजनाओं को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी रहेगी।
डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा बने सतना नगर निगम कमिश्नर
तबादला सूची में दूसरा महत्वपूर्ण नाम वर्ष 2019 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा का है। राज्य सरकार ने उन्हें नगर निगम सतना का कमिश्नर नियुक्त किया है।
सतना तेजी से विकसित होते शहरों में शामिल है। ऐसे में नगर निगम प्रशासन की जिम्मेदारी संभालने वाले नए कमिश्नर के सामने शहरी विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी।
जिला पंचायत CEO के पदों पर भी बदलाव
सरकार की इस प्रशासनिक सर्जरी का असर केवल नगर निगमों तक सीमित नहीं है। कई जिलों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की पदस्थापना में भी बदलाव किया गया है।
जिला पंचायत CEO ग्रामीण विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण रोजगार, स्वच्छता और पंचायत स्तर की विभिन्न विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग में इन अधिकारियों की अहम भूमिका होती है।
नई पदस्थापनाओं के बाद संबंधित अधिकारियों से विकास कार्यों की गति बढ़ाने और शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करने की अपेक्षा की जाएगी।
SDM स्तर के अधिकारियों की भी नई पदस्थापना
32 आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची में अनुविभागीय अधिकारी स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। एसडीएम प्रशासन और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं। कानून-व्यवस्था से लेकर राजस्व प्रकरणों और स्थानीय प्रशासन तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां उनके पास रहती हैं।
सरकार द्वारा अधिकारियों की नई पदस्थापना को प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। अलग-अलग जिलों और विभागों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपकर शासन ने प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने का प्रयास किया है।
एक साथ 32 IAS अधिकारियों के तबादले
एक साथ 32 आईएएस अधिकारियों के तबादले ने प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। सूची जारी होने के बाद संबंधित अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के अनुसार पदभार संभालना होगा।
इस तबादला आदेश में अपेक्षाकृत युवा आईएएस अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। नगर निगम और जिला पंचायत जैसे निकाय सीधे आम जनता से जुड़े होते हैं, इसलिए इन पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति का असर स्थानीय विकास और नागरिक सुविधाओं पर भी पड़ता है।
प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने पर सरकार का फोकस
मध्यप्रदेश सरकार समय-समय पर प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार आईएएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव करती रही है। ताजा आदेश भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
ग्वालियर नगर निगम में अभिषेक चौधरी और सतना नगर निगम में डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा की नियुक्ति इस सूची के प्रमुख बदलावों में शामिल है। वहीं जिला पंचायत CEO और एसडीएम स्तर पर किए गए फेरबदल से कई जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नया समीकरण बनेगा।
अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में शासन की प्राथमिक योजनाओं, विकास कार्यों और जनसमस्याओं के निराकरण को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।
