MP Govt Employees ACR Time Limit Fixed: मध्य प्रदेश में ACR प्रक्रिया की नई समयसीमा तय, 30 जून तक अनिवार्य Self-Assessment
सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव
MP सरकार ने राज्य के सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के लिए गोपनीय चरित्रावली (ACR – Annual Confidential Report) लिखने की प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब प्रदेश में ACR तैयार करने की पूरी प्रक्रिया एक तय समयसीमा के भीतर ही पूरी करनी होगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
नई व्यवस्था के अनुसार सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 30 जून 2026 तक अपना Self-Assessment (स्व-मूल्यांकन) अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। इसके बाद निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी ACR प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
ACR प्रक्रिया में लापरवाही पर सख्ती
सरकारी व्यवस्था में अब तक यह देखा जाता था कि कई अधिकारी और कर्मचारी समय पर अपनी ACR नहीं भरते थे। कई मामलों में यह प्रक्रिया वर्षों तक लंबित रहती थी, जिससे प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ता था।
ACR समय पर न होने के कारण कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं प्रभावित होती थीं, जैसे—
- पदोन्नति (Promotion)
- स्थानांतरण (Transfer)
- वेतन निर्धारण (Salary Evaluation)
- सेवा मूल्यांकन (Performance Review)
इस तरह की देरी से विभागीय कामकाज में असंतुलन पैदा होता था। सरकार का मानना है कि पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव जरूरी था।
नई समयसीमा के अनुसार ACR प्रक्रिया
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब ACR प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा गया है—
1. Self-Assessment की अंतिम तिथि
सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी 30 जून 2026 तक अपना स्व-मूल्यांकन अनिवार्य रूप से जमा करेंगे।
2. पूरी ACR प्रक्रिया की समयसीमा
वित्तीय वर्ष 2025-26 की ACR प्रक्रिया को 31 दिसंबर 2026 तक पूरी तरह समाप्त करना अनिवार्य होगा।
इस नई व्यवस्था के तहत हर विभाग को तय समय पर रिपोर्ट तैयार करनी होगी और उसे संबंधित अधिकारियों को भेजना होगा।
सीनियर अफसरों को मिला विशेष अधिकार
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी निर्धारित समयसीमा तक अपना Self-Assessment जमा नहीं करता है, तो उस स्थिति में सीनियर अफसरों को अधिकार होगा कि वे अपने विवेक से संबंधित कर्मचारी की ACR तैयार कर सकें।
इसका मतलब यह है कि देरी की स्थिति में कर्मचारी की राय या स्व-मूल्यांकन के बिना ही वरिष्ठ अधिकारी मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार कर सकेंगे।
सरकार का मानना है कि इससे काम में अनुशासन आएगा और समय पर मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
लापरवाही पर कर्मचारियों की बढ़ेगी जिम्मेदारी
नई व्यवस्था के बाद यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी समय पर ACR जमा नहीं करता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उसी की होगी। विभागीय स्तर पर यह माना जाएगा कि संबंधित व्यक्ति ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
इससे उनके करियर पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि ACR सीधे तौर पर पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों से जुड़ा होता है।
वर्षों से लंबित ACR की समस्या खत्म करने की कोशिश
अब तक कई विभागों में ACR प्रक्रिया वर्षों तक लंबित रहती थी। कई कर्मचारियों की ACR समय पर न बनने के कारण उन्हें प्रमोशन या अन्य लाभों में देरी का सामना करना पड़ता था।
सरकार का कहना है कि नई समयसीमा लागू होने के बाद इस तरह की समस्याएं काफी हद तक समाप्त हो जाएंगी। इससे न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली में भी सुधार आएगा।
ट्रांसफर और प्रमोशन प्रक्रिया होगी प्रभावित
ACR का सीधा संबंध सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर और प्रमोशन से होता है। यदि ACR समय पर और सही तरीके से तैयार नहीं होती है, तो इससे कर्मचारियों की करियर प्रगति प्रभावित होती है।
नई व्यवस्था के लागू होने से अब सभी विभागों को समय पर मूल्यांकन करना होगा, जिससे ट्रांसफर और प्रमोशन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध हो सकेगी।
विभागों को दिए गए सख्त निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की ACR प्रक्रिया को गंभीरता से लें। प्रत्येक विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी कर्मचारी समयसीमा के भीतर अपना Self-Assessment जमा करें।
इसके साथ ही विभागों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी स्तर पर प्रक्रिया में देरी न हो।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला मध्य प्रदेश प्रशासन में एक बड़ा सुधारात्मक कदम है। इससे सरकारी कामकाज में जवाबदेही बढ़ेगी और कर्मचारियों के प्रदर्शन का सही मूल्यांकन समय पर हो सकेगा।
सरकार का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जिसमें हर कर्मचारी की कार्यक्षमता का मूल्यांकन समय पर और पारदर्शी तरीके से किया जा सके।
निष्कर्ष
MP सरकार द्वारा ACR प्रक्रिया में की गई यह नई व्यवस्था प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 30 जून तक Self-Assessment अनिवार्य करने और 31 दिसंबर तक पूरी ACR प्रक्रिया को समाप्त करने का निर्णय कर्मचारियों में अनुशासन और जवाबदेही को बढ़ाएगा।
इस बदलाव से जहां एक ओर लंबित फाइलों की समस्या खत्म होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और गति भी आएगी।
