सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान: आयुष डॉक्टरों को मिलेगा स्वास्थ्य विभाग के बराबर वेतन
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आयुष डॉक्टरों के लिए ऐतिहासिक घोषणा की है। अब राज्य के आयुष डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग के समान वेतनमान दिया जाएगा। यह निर्णय प्रदेश के हजारों आयुष चिकित्सकों के लिए बड़ी राहत और सम्मान की बात है।
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर भोपाल में सीएम मोहन यादव ने यह ऐलान करते हुए कहा कि आयुष विभाग के चिकित्सा अधिकारियों को अब प्रथम श्रेणी के पदों पर रखा जाएगा। इस फैसले से कुल 2,698 अधिकारी लाभान्वित होंगे, जिनमें 1,453 आयुर्वेद, 228 होम्योपैथी और 85 यूनानी चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। आयुष कॉलेजों में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। आयुष चिकित्सा अधिकारी संघ ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
आयुष और पर्यटन का संगम
कार्यक्रम के दौरान आयुष एवं पर्यटन विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी साइन हुआ। इसका उद्देश्य प्रदेश में वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देना है। अब पर्यटन स्थलों पर भी आयुष चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे आयुर्वेद, होम्योपैथी और योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
कैंसर मरीजों के लिए ‘कारुण्य’ कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कैंसर रोगियों के लिए विशेष योजना ‘कारुण्य’ शुरू की। इसके अंतर्गत 55 जिलों में 55 इकाइयां स्थापित की गई हैं, जहां आयुर्वेदिक उपचार से कैंसर रोगियों को लाभ मिलेगा। लोगों को औषधीय पौधों की जानकारी देने के लिए एक हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। इसी मौके पर ‘मध्य हर्बल दर्पण’ नामक मासिक पत्रिका का पहला अंक भी जारी किया गया।
प्रदेश को 12 नए आयुष अस्पतालों की सौगात
सीएम ने प्रदेशवासियों को 12 नए आयुष अस्पतालों का तोहफा भी दिया। उज्जैन और खजुराहो में 50-50 बिस्तरों वाले बड़े अस्पताल खोले जाएंगे, जबकि पचमढ़ी, मंदसौर, आगर-मालवा, चित्रकूट, चंदेरी, दतिया, सिंगरौली, ओरछा, ओंकारेश्वर और आलीराजपुर में 10-10 बिस्तरों वाले छोटे अस्पताल स्थापित होंगे।
इन फैसलों से मध्यप्रदेश में आयुष चिकित्सा प्रणाली को नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर होंगी।

