—Advertisement—

MP ESB भर्ती परीक्षा घोटाला: परीक्षा स्थगित होने की होगी उच्च स्तरीय जांच, ब्लैकलिस्टेड कंपनी पर उठे सवाल

Author Picture
Published On: 9 June 2026
MP
— MP ESB भर्ती परीक्षा 2026 में बड़ा विवाद!

—Advertisement—

MP ESB भर्ती परीक्षा घोटाला: परीक्षा स्थगित होने की होगी उच्च स्तरीय जांच, ब्लैकलिस्टेड कंपनी पर उठे सवाल

MP कर्मचारी चयन मंडल (मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल) द्वारा आयोजित वनरक्षक, क्षेत्र रक्षक, जेल प्रहरी और सहायक जेल अधीक्षक भर्ती परीक्षा-2026 की द्वितीय पाली को अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के स्थगित किए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे मामले की अब उच्च स्तरीय जांच किए जाने की बात सामने आई है।

परीक्षा संचालन में आई तकनीकी और प्रशासनिक गड़बड़ियों के कारण ईएसबी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सर्वर डाउन होने से लेकर परीक्षा रद्द होने तक की पूरी प्रक्रिया जांच के दायरे में आ गई है।

उच्च स्तरीय जांच के आदेश की तैयारी

जानकारी के अनुसार, परीक्षा स्थगित होने के पीछे क्या तकनीकी खराबी थी या किसी स्तर पर लापरवाही हुई—इन सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि सर्वर फेल होने की स्थिति अचानक क्यों बनी और इससे पहले किसी तरह की चेतावनी क्यों नहीं मिली।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार कर जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

ब्लैकलिस्टेड कंपनी पर गंभीर आरोप

इस पूरे विवाद में एक निजी कंपनी का नाम भी सामने आया है, जिसे परीक्षा संचालन का काम सौंपा गया था। आरोप है कि यह कंपनी पहले से ही अन्य राज्यों में विवादों में रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि परीक्षा संचालन के लिए जिस आउटसोर्स कंपनी को जिम्मेदारी दी गई थी, वह पहले से ही कई राज्यों में ब्लैकलिस्टेड रह चुकी है।

उनका कहना है कि यह कंपनी उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी विवादों के कारण ब्लैकलिस्ट की जा चुकी थी, इसके बावजूद मध्य प्रदेश में इसे काम दिया गया, जो जांच का विषय है।

निविदा प्रक्रिया पर उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार, संबंधित कंपनी को लगभग डेढ़ वर्ष पहले निविदा प्रक्रिया के माध्यम से परीक्षा संचालन का काम दिया गया था। हालांकि अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या टेंडर प्रक्रिया में कंपनी के पिछले रिकॉर्ड की पूरी तरह जांच की गई थी या नहीं।

यह भी सामने आया है कि परीक्षा संचालन के दौरान तकनीकी जिम्मेदारी इसी कंपनी के पास थी, जिसके कारण सर्वर से जुड़ी समस्याओं पर भी सवाल उठ रहे हैं।

सर्वर डाउन और परीक्षा स्थगन की वजह

परीक्षा के दौरान द्वितीय पाली में अचानक सर्वर डाउन होने की वजह से कई केंद्रों पर परीक्षा प्रक्रिया बाधित हो गई। इसके बाद परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।

इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।

अभ्यर्थियों में नाराजगी

परीक्षा स्थगित होने के बाद अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखी गई। कई उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि बार-बार हो रही तकनीकी खामियों से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्थिरता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।

प्रशासन की सफाई

ईएसबी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी गड़बड़ी की जांच की जा रही है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट सामने लाई जाएगी। दोषी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

निष्कर्ष

MP में भर्ती परीक्षाओं के संचालन को लेकर यह विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है। ब्लैकलिस्टेड कंपनी के आरोप, सर्वर फेल्योर और परीक्षा स्थगन ने पूरी प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि उच्च स्तरीय जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और जिम्मेदारी किस पर तय होती है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp