MP Electricity Employees: मध्य प्रदेश के 6500 बिजली संविदाकर्मियों को बड़ी राहत, परीक्षा पास कर बन सकेंगे नियमित कर्मचारी
MP के हजारों बिजली संविदाकर्मियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार के ऊर्जा विभाग ने करीब 6500 संविदा बिजली कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति का अवसर देने के लिए एक नई योजना शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत पात्र संविदा कर्मचारियों को एक विशेष परीक्षा देनी होगी। परीक्षा में सफल होने वाले कर्मचारियों को मेरिट के आधार पर नियमित पदों पर नियुक्ति दी जा सकेगी।
ऊर्जा विभाग की इस योजना से लंबे समय से संविदा पर काम कर रहे बिजली कर्मचारियों को स्थायी नौकरी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। विभाग ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं और नियमित पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया है।
परीक्षा के माध्यम से मिलेगा नियमित होने का मौका
ऊर्जा विभाग द्वारा शुरू की गई इस योजना का नाम “संविदा आधार पर कार्यरत कार्मिकों की समकक्ष नियमित पदों पर नवीन नियुक्ति योजना-2026” रखा गया है। इस योजना के तहत पात्र संविदा कर्मचारियों को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर नियमित रिक्त पदों पर नियुक्ति पाने का अवसर मिलेगा।
योजना के अनुसार, संविदा कर्मचारियों को पहले परीक्षा में शामिल होना होगा। परीक्षा में प्राप्त अंकों और अनुभव के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद चयनित कर्मचारियों को संबंधित विभागों में नियमित पदों पर नियुक्त किया जाएगा।
खास बात यह है कि कर्मचारियों को परीक्षा में शामिल होने का केवल एक ही मौका दिया जाएगा। इसलिए पात्र कर्मचारियों को इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए तैयारी करनी होगी।
पांच बिजली कंपनियों के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
ऊर्जा विभाग की इस योजना का लाभ प्रदेश की पांच प्रमुख बिजली कंपनियों में काम कर रहे पात्र संविदा कर्मचारियों को मिलेगा। इनमें शामिल हैं:
- मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड
- मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी
- पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी
- पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी
- मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड
इन कंपनियों में कार्यरत पात्र संविदा कर्मचारी नियमित नियुक्ति के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा में भाग ले सकेंगे।
किन कर्मचारियों को मिलेगा परीक्षा में शामिल होने का अवसर
ऊर्जा विभाग की योजना के तहत विभिन्न पदों पर कार्यरत संविदा कर्मचारियों को परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। इनमें मुख्य रूप से:
- लाइन अटेंडेंट
- टेस्टिंग अटेंडेंट
- जूनियर इंजीनियर
- असिस्टेंट इंजीनियर
जैसे पदों पर काम कर रहे संविदा कर्मचारी शामिल हैं।
विभाग के आदेश के अनुसार, योजना को लागू करने की जिम्मेदारी संबंधित बिजली कंपनियों के प्रबंध संचालकों को दी गई है। वे पात्र कर्मचारियों की जानकारी जुटाकर आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
अनुभव के आधार पर मिलेंगे बोनस अंक
इस योजना में संविदा कर्मचारियों के अनुभव को भी महत्व दिया जाएगा। परीक्षा में सफल होने के बाद मेरिट सूची तैयार करते समय कर्मचारियों को उनके अनुभव के आधार पर अतिरिक्त बोनस अंक दिए जाएंगे।
इससे लंबे समय से बिजली कंपनियों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को चयन प्रक्रिया में लाभ मिलने की संभावना है। विभाग का उद्देश्य है कि अनुभवी और योग्य कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति का अवसर दिया जाए।
पात्रता के लिए पूरी करनी होंगी ये शर्तें
ऊर्जा विभाग ने परीक्षा में शामिल होने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें तय की हैं। इसके अनुसार:
- वही संविदा कर्मचारी आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने योजना की स्वीकृति तिथि तक संबंधित बिजली कंपनी में कम से कम दो वर्ष की संविदा सेवा पूरी की हो।
- अलग-अलग अनुबंधों के बीच का अंतराल सेवा में व्यवधान नहीं माना जाएगा।
- हालांकि अनुबंधों के बीच का अंतराल अनुभव की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।
- यदि किसी कर्मचारी को दोबारा संविदा नियुक्ति मिली है तो अनुभव की गणना करते समय सेवा से बाहर रहने की अवधि को हटाया जाएगा।
- अनुभव प्रमाण पत्र कार्यपालन अभियंता (Executive Engineer) या उससे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जारी किया जाना जरूरी होगा।
MPPGCL को योजना से रखा गया बाहर
ऊर्जा विभाग की इस नियमित नियुक्ति योजना में मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) को शामिल नहीं किया गया है। यानी इस कंपनी में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
फिलहाल यह योजना केवल उन पांच बिजली कंपनियों के संविदा कर्मचारियों के लिए लागू की गई है, जिन्हें आदेश में शामिल किया गया है।
कर्मचारियों में बढ़ी उम्मीद
ऊर्जा विभाग के इस फैसले से वर्षों से संविदा पर काम कर रहे बिजली कर्मचारियों में उम्मीद जगी है। लंबे समय से कर्मचारी नियमितीकरण की मांग कर रहे थे। अब परीक्षा और मेरिट के माध्यम से स्थायी नियुक्ति का रास्ता खुलने से उन्हें नौकरी में स्थिरता मिलने की संभावना है।
बिजली कंपनियों में संविदा कर्मचारी लंबे समय से तकनीकी और मैदानी सेवाओं में योगदान दे रहे हैं। सरकार की इस योजना को उनके अनुभव और कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया कदम माना जा रहा है।
अब कर्मचारियों की नजर परीक्षा प्रक्रिया, आवेदन की तारीख और चयन से जुड़ी आगामी जानकारी पर है। ऊर्जा विभाग और संबंधित बिजली कंपनियां जल्द ही इस संबंध में आगे की प्रक्रिया जारी कर सकती हैं।
