MP DSO Transfer: खेल एवं युवा कल्याण विभाग में बड़ा फेरबदल, 9 जिलों के डीएसओ बदले, भोपाल अब भी खाली
MP के खेल एवं युवा कल्याण विभाग में एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। विभाग ने 9 जिलों के जिला खेल अधिकारियों (DSO) सहित दर्जनभर से अधिक कर्मचारियों के तबादले कर दिए हैं। जारी आदेशों के बाद कई जिलों में नई पदस्थापना की गई है, लेकिन राजधानी भोपाल अब भी डीएसओ विहीन बनी हुई है। यह स्थिति पिछले एक साल से बनी हुई है, और ताजा तबादलों में भी राजधानी को कोई नया अधिकारी नहीं मिला है।
सीनियर अधिकारियों को डायरेक्ट्रेट से दूर पोस्टिंग
इस बार हुए तबादलों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि वरिष्ठ खेल अधिकारियों को संचालनालय (डायरेक्ट्रेट, टीटी नगर स्टेडियम भोपाल) से दूर रखा गया है। कई अनुभवी और सीनियर अधिकारियों की पोस्टिंग मुख्यालय के बजाय संभाग और जिलों में की गई है। विभागीय हलकों में इसे एक रणनीतिक प्रशासनिक निर्णय के तौर पर देखा जा रहा है।
22 साल बाद मूल पद पर लौटीं शर्मिला डाबर
इस तबादला सूची में सबसे अहम नाम संभागीय खेल अधिकारी शर्मिला डाबर का रहा। वर्ष 2003 में एमपीपीएससी के माध्यम से रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर (RSO) के रूप में नियुक्त हुईं डाबर ने मंडला, शाजापुर और राजगढ़ जैसे जिलों में सेवाएं दी हैं। अब लगभग 22 वर्षों बाद उन्हें सागर संभागीय मुख्यालय में पदस्थ किया गया है।
हालांकि नियमों के अनुसार उनकी पोस्टिंग संचालनालय (भोपाल) में संभावित मानी जा रही थी, लेकिन उन्हें वहां न भेजकर सागर में तैनात किया गया है। विभाग में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं।
संयुक्त संचालक पद को लेकर बढ़ी हलचल
खेल विभाग में संयुक्त संचालक (JD) के पद को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। वर्तमान में बालू सिंह यादव इस पद पर कार्यरत हैं और उनका रिटायरमेंट सितंबर 2026 में प्रस्तावित है। लेकिन नए तबादलों में ऐसे किसी अधिकारी को संचालनालय में नहीं भेजा गया है, जो भविष्य में इस पद को संभाल सके।
नियमों के अनुसार वरिष्ठ पद के रिक्त होने से पहले पर्याप्त प्रशासनिक तैयारी जरूरी होती है, लेकिन इस बार ऐसा स्पष्ट प्लान नजर नहीं आया।
JD पद की दौड़ में कई अधिकारी शामिल
विभाग में संयुक्त संचालक पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं, जिनमें शर्मिला डाबर के अलावा प्रशांत कुशवाह और एमके धौलपुरी प्रमुख हैं।
- प्रशांत कुशवाह वर्तमान में मुरैना में पदस्थ हैं।
- एमके धौलपुरी रीवा में सेवाएं दे रहे हैं।
विभाग में JD के दो स्वीकृत पद हैं, जिनमें से एक पहले से खाली है और दूसरा सितंबर 2026 में रिटायरमेंट के बाद रिक्त होने वाला है।
भोपाल अब भी डीएसओ विहीन
राजधानी भोपाल में पिछले एक वर्ष से कोई भी जिला खेल अधिकारी पदस्थ नहीं है। इसके बावजूद नए तबादला आदेश में भी भोपाल को खाली ही रखा गया है। यह स्थिति खेल प्रशासन में कई सवाल खड़े कर रही है, क्योंकि राजधानी में खेल गतिविधियों के संचालन के लिए स्थायी अधिकारी का न होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कई जिलों में नए डीएसओ की तैनाती
तबादला सूची के अनुसार कई जिलों में डीएसओ की अदला-बदली की गई है।
- उज्जैन और मंदसौर में अधिकारियों की अदला-बदली हुई है।
- ग्वालियर और दतिया के डीएसओ का आपसी ट्रांसफर किया गया है।
- रायसेन के अधिकारी को संचालनालय में पदस्थ किया गया है।
- सागर से टीकमगढ़ और अन्य जिलों में भी नई पोस्टिंग की गई है।
9 जिलों में बदलाव, कई जगह खाली पद
MP में कुल 55 जिले हैं, जिनमें से 9 जिलों के डीएसओ बदले गए हैं। हालांकि अभी भी कई जिलों में डीएसओ पद खाली हैं। इन जगहों पर प्रशासनिक व्यवस्था अस्थायी रूप से अन्य अधिकारियों के भरोसे चल रही है।
कर्मचारियों के भी तबादले
DSO स्तर के बदलाव के साथ-साथ विभाग में लगभग दो दर्जन कर्मचारियों के भी तबादले किए गए हैं। इससे विभागीय ढांचे में व्यापक स्तर पर बदलाव देखा जा रहा है।
निष्कर्ष
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के इस तबादला आदेश ने एक बार फिर प्रशासनिक संरचना और भविष्य की नियुक्तियों को लेकर चर्चाओं को जन्म दे दिया है। जहां एक ओर अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, वहीं भोपाल जैसे महत्वपूर्ण केंद्र का खाली रहना और JD पद को लेकर अनिश्चितता विभागीय रणनीति पर सवाल खड़े कर रही है।
