MP में IAS-IPS प्रमोशन का रास्ता साफ, 22 अधिकारियों को मिलेगा ऑल इंडिया सर्विस का दर्जा
भोपाल
मध्यप्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) और राज्य पुलिस सेवा (SPS) के अधिकारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) कैडर में शामिल होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। जानकारी के अनुसार, इस वर्ष राज्य प्रशासनिक सेवा के 13 अधिकारियों को IAS और राज्य पुलिस सेवा के 9 अधिकारियों को IPS कैडर प्रदान किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित की जाएगी।
राज्य शासन द्वारा आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) और गृह विभाग ने पात्र अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है। अब इन नामों को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के समक्ष भेजे जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (CR), सेवा रिकॉर्ड, कार्य निष्पादन और वरिष्ठता के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा।
पदोन्नति प्रक्रिया में UPSC की महत्वपूर्ण भूमिका
आईएएस और आईपीएस कैडर में राज्य सेवाओं से पदोन्नति एक निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत की जाती है। इसमें राज्य सरकार की भूमिका के साथ-साथ संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की भी महत्वपूर्ण भागीदारी होती है।
पदोन्नति के लिए गठित विभागीय पदोन्नति समिति में UPSC के प्रतिनिधि, मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव (Chief Secretary), संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा पुलिस सेवा के मामलों में पुलिस महानिदेशक (DGP) शामिल होते हैं। यह समिति पात्र अधिकारियों के संपूर्ण सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा करती है।
अधिकारियों के पिछले वर्षों के गोपनीय प्रतिवेदन, उपलब्धियां, अनुशासनिक स्थिति, प्रशासनिक क्षमता और कार्यकुशलता का विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है। इसके आधार पर मेरिट सूची तैयार होती है और रिक्त पदों के अनुरूप अधिकारियों का चयन किया जाता है।
IAS कैडर के लिए 39 अधिकारियों के नामों पर होगा विचार
राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति के लिए इस बार कुल 39 अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। इनमें से 13 अधिकारियों को अंतिम रूप से IAS कैडर प्रदान किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, यह पदोन्नति उन रिक्तियों के विरुद्ध होगी जो वर्ष 2025 में सेवानिवृत्त हुए प्रमोटी IAS अधिकारियों के कारण उत्पन्न हुई हैं। राज्य सरकार ने पात्र अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है और जल्द ही इसे UPSC को भेजा जाएगा।
चयन प्रक्रिया में केवल वरिष्ठता ही नहीं बल्कि अधिकारियों का प्रदर्शन और उनकी सेवा अवधि के दौरान किए गए कार्य भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अच्छी CR और उत्कृष्ट प्रशासनिक रिकॉर्ड वाले अधिकारियों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है।
IPS कैडर के लिए 27 अधिकारियों की पात्रता सूची तैयार
राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नति के लिए कुल 27 अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। इनमें से 9 अधिकारियों को IPS कैडर प्रदान किया जाएगा।
गृह विभाग ने इस प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ाया है और बताया जा रहा है कि DPC की तारीख तय करने के लिए प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड का परीक्षण किया जा रहा है ताकि पात्र अधिकारियों का अंतिम चयन किया जा सके।
आईपीएस अवार्ड मिलने के बाद चयनित अधिकारियों को अखिल भारतीय सेवा का दर्जा प्राप्त होगा, जिससे उनके करियर में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। उन्हें राज्य और केंद्र स्तर पर उच्च प्रशासनिक एवं पुलिस दायित्व निभाने का अवसर मिलेगा।
ऑल इंडिया सर्विस का दर्जा मिलने का महत्व
IAS और IPS देश की सबसे प्रतिष्ठित अखिल भारतीय सेवाओं में शामिल हैं। राज्य सेवा से इन सेवाओं में पदोन्नति किसी भी अधिकारी के करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
ऑल इंडिया सर्विस का दर्जा मिलने के बाद अधिकारियों की जिम्मेदारियां और अधिकार दोनों बढ़ जाते हैं। उन्हें राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने का अवसर मिल सकता है।
इसके अलावा वे नीति निर्माण, प्रशासनिक सुधार, कानून व्यवस्था और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए राज्य सेवाओं के अधिकारी लंबे समय से इन पदोन्नतियों का इंतजार करते हैं।
क्या होगी पूरी प्रक्रिया?
राज्य सरकार द्वारा पात्र अधिकारियों की सूची तैयार किए जाने के बाद उसे UPSC को भेजा जाएगा। इसके साथ ही विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक के लिए प्रस्तावित तारीख भी आयोग को भेजी जाएगी।
इसके बाद UPSC बैठक की तारीख तय करेगा। DPC बैठक में सभी अधिकारियों के रिकॉर्ड की समीक्षा होगी और चयन सूची तैयार की जाएगी। जिन अधिकारियों की गोपनीय प्रतिवेदन बेहतर होगी और जिनका सेवा रिकॉर्ड उत्कृष्ट पाया जाएगा, उन्हें पदोन्नति के लिए चुना जाएगा।
जानकारी के अनुसार, अधिकारियों को उनकी CR, सेवा विवरण और अन्य आवश्यक जानकारी भरने के लिए निर्धारित प्रारूप उपलब्ध करा दिए गए हैं। विभाग इन जानकारियों को संकलित कर अंतिम प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
2007 और 2008 बैच के SAS अधिकारियों को मिलेगा मौका
इस बार IAS पदोन्नति के लिए मुख्य रूप से 2007 और 2008 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, विभागीय पदोन्नति समिति के समक्ष जिन नामों को रखा जाएगा उनमें कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं जिन्होंने वर्षों तक विभिन्न जिलों और विभागों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं।
इन अधिकारियों के अनुभव, कार्यक्षमता और सेवा रिकॉर्ड का मूल्यांकन कर अंतिम सूची तैयार की जाएगी। चयनित अधिकारियों को IAS कैडर मिलने के बाद उन्हें नई प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
इन SAS अधिकारियों के नाम चर्चा में
IAS चयन के लिए जिन अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाना है, उनमें 2007 बैच के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इनमें मिनिषा पांडे, इला तिवारी, नीता राठौर, शैलेंद्र सिंह सोलंकी, रानी पासी, रंजना देवड़ा, माधवी नागेंद्र, वर्षा सोलंकी, प्रियंका गोयल, अभिषेक दुबे, नरोत्तम प्रसाद भार्गव, निधि सिंह राजपूत, निमिषा जायसवाल और संदीप सोनी सहित कुल 39 अधिकारियों के नाम सूची में शामिल बताए जा रहे हैं।
हालांकि अंतिम चयन पूरी तरह DPC और UPSC की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। इसलिए सूची में शामिल होना पदोन्नति की गारंटी नहीं माना जा सकता।
कुछ मामलों में अटक सकती है प्रक्रिया
पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान कुछ अधिकारियों के मामलों में तकनीकी या कानूनी बाधाएं भी सामने आ सकती हैं।
जानकारी के अनुसार, 1999 बैच के जयेंद्र विजयवत और मनोज मालवीय आयु सीमा संबंधी कारणों से फिटनेस प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। वहीं 2002 बैच के कमल नागर का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण उनके मामले में अंतिम निर्णय लंबित रह सकता है।
पिछले वर्ष भी न्यायिक कारणों से कुछ मामलों में पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। इस बार भी ऐसे मामलों पर DPC अलग से विचार कर सकती है।
सपना एम लोवंशी का मामला भी चर्चा में
सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठता सूची में इला तिवारी के बाद आने वाली 2007 बैच की अधिकारी सपना एम लोवंशी का मामला भी चर्चा में है।
बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ चल रही जांच के कारण उन्हें DPC प्रक्रिया से बाहर रखा जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा ही लिया जाएगा।
यदि जांच लंबित रहती है तो उनका मामला सीलबंद लिफाफे (Sealed Cover Procedure) में भी रखा जा सकता है, जैसा कि सेवा नियमों में प्रावधान है।
IPS के लिए 1997 और 1998 बैच पर रहेगा फोकस
राज्य पुलिस सेवा से IPS पदोन्नति के लिए इस बार मुख्य रूप से 1997 और 1998 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा।
इन अधिकारियों ने राज्य पुलिस सेवा में लंबा अनुभव प्राप्त किया है और विभिन्न जिलों तथा इकाइयों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। विभाग उनके कार्य प्रदर्शन और सेवा रिकॉर्ड का मूल्यांकन कर रहा है।
गृह विभाग का मानना है कि प्रक्रिया समय पर पूरी होने पर जल्द ही चयनित अधिकारियों के नामों की घोषणा की जा सकती है।
IPS अवार्ड के लिए इन अधिकारियों के नामों पर विचार
राज्य पुलिस सेवा से IPS कैडर के लिए जिन अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा, उनमें सीताराम, अमृत मीणा, निमिषा पांडेय, राजेश मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, सब्यसाची सर्राफ, मनीषा सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, समर वर्मा और सत्येन्द्र सिंह तोमर सहित कुल 27 अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं।
इन सभी अधिकारियों की सेवा पुस्तिका, वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन और प्रशासनिक रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही अंतिम चयन सूची तैयार होगी।
कुछ अधिकारियों के मामले में लग सकता है पेंच
आईपीएस पदोन्नति प्रक्रिया में भी कुछ मामलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अमृत मीणा के जाति प्रमाण पत्र से जुड़ा मामला और राजेश मिश्रा से संबंधित विभागीय जांच DPC प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारियों के मामलों को सीलबंद लिफाफे में रखा जा सकता है और अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
अधिकारियों में बढ़ी उत्सुकता
IAS और IPS पदोन्नति को लेकर राज्य प्रशासनिक सेवा और राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों में उत्सुकता का माहौल है। कई अधिकारी वर्षों से इस अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
चूंकि चयन पूरी तरह मेरिट, वरिष्ठता और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर होगा, इसलिए सभी अधिकारी अपनी CR और सेवा उपलब्धियों को लेकर आशान्वित हैं।
राज्य शासन द्वारा प्रक्रिया को आगे बढ़ाए जाने के बाद अब अधिकारियों की निगाहें UPSC और DPC की बैठक पर टिकी हुई हैं।
जल्द हो सकती है अंतिम घोषणा
सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव भेजे जाने के बाद UPSC शीघ्र ही DPC की तारीख तय कर सकता है। यदि प्रक्रिया समय पर पूरी होती है तो आने वाले महीनों में 13 SAS अधिकारियों को IAS और 9 SPS अधिकारियों को IPS कैडर मिलने की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
यह पदोन्नति न केवल संबंधित अधिकारियों के करियर के लिए महत्वपूर्ण होगी, बल्कि राज्य प्रशासन और पुलिस व्यवस्था को भी अनुभवी नेतृत्व प्रदान करेगी। अब सभी की नजरें विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक और उसके अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।
