MP बजट सत्र 2026: स्ट्रीट डॉग से लेकर सिंचाई परियोजना तक हंगामा, अनुपूरक अनुमान पेश होंगे
भोपाल, – MP विधानसभा का बजट सत्र अपने दूसरे दिन आज भी चर्चा और बहसों से भरपूर रहने वाला है। मंगलवार को सदन में कई जनहित से जुड़े मुद्दों पर विधायकों की तीखी बहस होने की संभावना है। यह दिन न केवल राज्य के आर्थिक एजेंडे पर केंद्रित रहेगा, बल्कि स्थानीय प्रशासन और विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं पर भी गहन चर्चा होगी।
सदन में प्रमुख मुद्दे
आज के सत्र में सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करने वाले मुद्दों में शामिल हैं:
- भोपाल में स्ट्रीट डॉग्स की बढ़ती समस्या
- दमोह के सीतानगर मध्य सिंचाई परियोजना में अनियमितताओं के आरोप
- 2025-26 के तृतीय अनुपूरक अनुमान का प्रस्तुतीकरण
- विभिन्न विभागीय समितियों के निर्वाचन प्रस्ताव
- राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा और 19 याचिकाओं पर विचार
सत्र के दौरान, विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों ही जनहित और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह दिन विधानसभा की प्रशासनिक पारदर्शिता और योजनाओं की प्रभावशीलता को परखने वाला साबित होगा।
भोपाल में स्ट्रीट डॉग्स पर विधायकों का ध्यानाकर्षण
भोपाल में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या ने नागरिकों की सुरक्षा और जीवन पर खतरा बढ़ा दिया है। इस विषय को कांग्रेस के विधायक आतिफ अकील और राजन मंडलोई ने सदन में उठाया।
विधायकों का कहना है कि नगर निगम के दावे जमीन पर पूरी तरह लागू नहीं हो रहे हैं। कुत्ते आए दिन लोगों पर हमले कर रहे हैं, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह खतरा गंभीर है।
सदन में विधायकों ने मांग की कि स्टरलाइजेशन और वैक्सीनेशन अभियान को तेज किया जाए और आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए स्थायी योजनाएँ बनाई जाएँ। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या पूरे प्रदेश में है, लेकिन राजधानी भोपाल में यह अधिक गंभीर रूप ले चुकी है।
MP सीतानगर सिंचाई परियोजना पर सवाल
दमोह जिले की सीतानगर मध्य सिंचाई परियोजना भी आज सदन में चर्चा का विषय है। वरिष्ठ भाजपा विधायक जयंत मलैया ने जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से इस परियोजना में मूल डीपीआर में बदलाव और अनियमितताओं की जांच की मांग की है।
यह परियोजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण है और दमोह, पथरिया तथा हटा क्षेत्रों में हजारों हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा प्रदान कर सकती है। हालांकि, डीपीआर में कथित बदलाव के कारण परियोजना की लागत बढ़ने और देरी होने के आरोप लगे हैं।
विधायक मलैया का जोर किसानों के हितों और सूखे प्रभावित क्षेत्रों की मदद पर है। यह मुद्दा प्रदेश की सिंचाई योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी प्रश्न खड़ा करता है।
तृतीय अनुपूरक अनुमान पेश होगा
आज वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 2025-26 के तृतीय अनुपूरक अनुमान सदन में पेश करेंगे। इस अनुमान का आकार लगभग 10-20 हजार करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है।
अनुपूरक अनुमान का उद्देश्य विभिन्न विभागों की अतिरिक्त जरूरतों और वित्तीय कमियों को पूरा करना है। यह बजट मौजूदा वित्तीय वर्ष के खर्चों और विकास योजनाओं की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
साथ ही, यह सत्र विभिन्न विभागीय समितियों के निर्वाचन प्रस्ताव के लिए भी महत्त्वपूर्ण है। इनमें शामिल हैं:
- लेखा-जोखा समिति
- प्राक्कलन समिति
- सरकारी उपक्रम समिति
- स्थानीय निकाय और पंचायती राज लेखा समितियाँ
इन समितियों के गठन और निर्वाचन से विधानसभा की विधायी प्रक्रियाओं की मजबूती सुनिश्चित होती है।
राज्यपाल अभिभाषण और याचिकाएं
राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण पर चर्चा भी आज सदन में प्रमुख रहेगी। यह चर्चा पिछले दिन के हंगामे और बहस के बाद जारी रहेगी। अभिभाषण पर विचार से सत्र की दिशा और प्राथमिकताएं तय होंगी।
इसके अलावा, आज सदन में 19 याचिकाएं प्रस्तुत की जाएंगी। ये याचिकाएं विभिन्न जनहित और प्रशासनिक मामलों से संबंधित हैं। इसके साथ ही, मंत्री प्रहलाद पटेल, प्रद्युम्न सिंह तोमर, धर्मेन्द्र सिंह लोधी और दिलीप अहिरवार अपने-अपने विभागों के पत्र और दस्तावेज सदन में रखेंगे।
सत्र का महत्व
MP विधानसभा बजट सत्र 2026 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 12 बैठकें निर्धारित हैं। यह सत्र न केवल आर्थिक प्रबंधन और अनुपूरक बजट पर केंद्रित है, बल्कि स्थानीय प्रशासन, विकास कार्यों और जनहित मुद्दों पर भी बहस का अवसर देगा।
विश्लेषकों के अनुसार, इस सत्र में विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों की सक्रियता देखने को मिलेगी। जहाँ विपक्ष जनहित मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा, वहीं सत्तापक्ष के विधायक भी अपने क्षेत्रों से जुड़े लंबित विकास कार्यों और समस्याओं को उजागर करेंगे।
इस प्रकार, आज का दिन MP की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों को उजागर करने के साथ-साथ विधानसभा की पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक तत्परता को परखने वाला साबित होगा।
