MP Bhavantar Yojana: देवास से सीएम मोहन यादव ने जारी की पहली किस्त, 1.33 लाख किसानों के खाते में 233 करोड़ रुपए ट्रांसफर
देवास, मध्यप्रदेश | 13 नवंबर 2025
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज देवास में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान MP Bhavantar Yojana (भावांतर योजना) की पहली किस्त जारी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सोयाबीन किसानों के 1.33 लाख खातों में 233 करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए। यह राशि किसानों को मंडियों में प्राप्त कम दाम और केंद्र द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के बीच के अंतर की भरपाई के लिए जारी की गई है।
सीएम मोहन यादव ने इस मौके पर स्पष्ट किया कि उनकी सरकार किसानों की आय में स्थिरता लाने और आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि MP Bhavantar Yojana किसानों को फसल का उचित दाम दिलाने का एक मजबूत माध्यम बनेगी।
सीएम मोहन यादव ने किया सिंगल क्लिक से 233 करोड़ रुपए ट्रांसफर
देवास में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की। उन्होंने कहा:
“हमने किसानों से किया हुआ वादा निभाया है। यह राशि उनके नुकसान की सीधी भरपाई है।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कृषि मशीनों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझा।
देवास में हुआ भव्य कार्यक्रम
देवास से किए गए इस भावांतर योजना भुगतान में 1.33 लाख किसानों को पहली किस्त मिली। देवास के कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने जानकारी दी कि राशि समय पर किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई। उन्होंने बताया कि यह कदम किसानों की आय में स्थिरता और उनके आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए जरूरी था।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर यह भी बताया कि राज्य सरकार ने सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना लागू की है ताकि वे कम दाम पर उपज बेचने की स्थिति में भी नुकसान से बच सकें।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीएम मोहन यादव का संदेश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा:
“हमारी सरकार प्रदेश की माताओं-बहनों और किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। यह बात कांग्रेस नहीं पचा रही। उन्होंने कई साल सत्ता में रहते हुए यह काम नहीं किया।”
सीएम मोहन यादव ने यह भी उल्लेख किया कि लाडली बहना योजना के तहत 12 नवंबर को प्रदेश की महिलाओं के खातों में पहली बार 1,500 रुपए ट्रांसफर किए गए। यह दिखाता है कि सरकार प्रदेश के नागरिकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रही है।
भावांतर योजना का महत्व और किसानों के लिए लाभ
MP Bhavantar Yojana का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। इस योजना के तहत, यदि किसी किसान को मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दाम मिलता है, तो उसका अंतर DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किसानों के खातों में भेजा जाता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस योजना के जरिए किसानों को उनके फसल के नुकसान की भरपाई मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने यह भी बताया कि 15 जनवरी तक सरकार द्वारा अधिसूचित मंडियों में फसल की खरीद जारी रहेगी।
सोयाबीन मॉडल रेट और भावांतर भुगतान
राज्य सरकार ने भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का मॉडल रेट 7 नवंबर 2025 से तय करना शुरू किया। इस दौरान लगातार मॉडल रेट में बढ़ोतरी की गई:
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7 नवंबर: 4,020 रुपए प्रति क्विंटल
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8 नवंबर: 4,033 रुपए प्रति क्विंटल
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9 नवंबर: 4,036 रुपए प्रति क्विंटल
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12 नवंबर: 4,077 रुपए प्रति क्विंटल
सीएम मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि भावांतर भुगतान का आकलन इसी मॉडल रेट के आधार पर किया गया।
केंद्र सरकार ने सोयाबीन का MSP 5,328 रुपए प्रति क्विंटल तय किया था, लेकिन मंडियों में किसानों को इससे कम दाम मिल रहे थे। MP Bhavantar Yojana के तहत सरकार ने इस अंतर को भरकर किसानों को आर्थिक राहत दी।
किसानों के लिए जरूरी निर्देश
योजना के लिए पंजीकरण ई-उपार्जन पोर्टल (E-Uparjan Portal) पर किया गया था। पंजीकरण के बाद किसानों के रकबे की वेरिफिकेशन राजस्व विभाग द्वारा की गई। केवल वेरिफिकेशन पूरा होने पर ही भुगतान स्वीकृत हुआ।
सरकार ने किसानों को सलाह दी कि वे अपने बैंक खाते को आधार से लिंक कर लें और रजिस्टर्ड अकाउंट विवरण सही दर्ज कराएं। यदि बैंक खाता आधार से लिंक नहीं होगा या अकाउंट नंबर गलत होगा, तो भुगतान अटक सकता है।
योजना में पंजीकरण और आगे की किस्तें
राज्य सरकार ने जानकारी दी कि भावांतर योजना के लिए कुल 9,36,352 किसानों ने पंजीकरण कराया। इसमें बड़ी संख्या सोयाबीन उत्पादन से जुड़े किसान थे।
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पहली किस्त में: 1.33 लाख किसानों को भुगतान
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अगले चरण में: 3.68 लाख किसानों के खाते में भुगतान किया जाएगा
अब तक लगभग 4 लाख किसानों से 24 लाख क्विंटल से अधिक सोयाबीन की सरकारी खरीद की जा चुकी है। सरकार ने कहा कि खरीद प्रक्रिया और भावांतर भुगतान समानांतर रूप से जारी रहेंगे ताकि किसानों को फसल का पूरा दाम मिल सके।
गीता जयंती की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी घोषणा की कि 1 दिसंबर 2025 को पूरे प्रदेश में श्रीमद्भगवद्गीता का सस्वर पाठ आयोजित किया जाएगा। उज्जैन, भोपाल और अन्य जिलों में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव कार्यक्रम होंगे।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि ऑनलाइन गीता ज्ञान प्रतियोगिता में 21 लाख प्रतिभागियों को शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है।
सीएम मोहन यादव की प्रमुख बातें
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MP Bhavantar Yojana किसानों को फसल का उचित दाम दिलाने का माध्यम है।
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देवास से पहली किस्त में 1.33 लाख किसानों के खातों में 233 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए।
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किसानों के लाभ के लिए सोयाबीन का मॉडल रेट लगातार अपडेट किया गया।
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लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान किया गया।
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कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीएम ने अपनी सरकार की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को उजागर किया।
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1 दिसंबर को गीता जयंती के माध्यम से सनातन संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा।
निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में MP Bhavantar Yojana ने मध्यप्रदेश के किसानों को आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। देवास से जारी पहली किस्त 233 करोड़ रुपए सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर कर यह दिखा दिया कि उनकी सरकार किसानों के हितों के लिए समर्पित है।
यह योजना और इसके साथ चल रही सरकारी खरीद प्रक्रिया किसानों को उनके फसल का उचित मूल्य दिलाने में निर्णायक साबित होगी।

