बंधु बेलड़ी मुनि श्री पीयूषचंद्र विजयजी और मुनि श्री रजतचंद्र विजयजी को मालवा में पधारने की संघों ने की विनती
मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ, डोंगरीपाड़ा दहाणु।
श्री मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ में भीतर बसो भगवान चातुर्मास के पावन अवसर पर देशभर से गुरुभक्त और श्रीसंघ लगातार दर्शनार्थ पहुँच रहे हैं। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और दक्षिण भारत से आए अनेकों संघों ने परोपकार सम्राट मोहनखेड़ा महातीर्थ विकास प्रेरक आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी महाराजा साहेब के शिष्य एवं वर्षीतप तपस्वी मुनि श्री पीयूषचंद्र विजयजी म.सा. तथा प्रवचनदक्ष मुनि श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा. के दर्शन का लाभ लिया।
संघों का आगमन और विनती
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मंदसौर श्रीसंघ (20 सदस्य) अध्यक्ष हस्तीमलजी नाहार के नेतृत्व में पहुँचे।
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राजगढ़ (जन्मभूमि नगर) श्रीसंघ (20 सदस्य) सेवंतीलालजी मोदी के नेतृत्व में पहुँचे।
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जावरा श्रीसंघ (30 सदस्य), रतलाम श्रीसंघ (11 सदस्य), इंदौर सिलिकॉन सिटी श्रीसंघ, झाबुआ, खारुवाकला और महिदपुर रोड-बड़ावदा श्रीसंघ भी गुरुधाम पहुँचे।
सभी संघों ने सामूहिक रूप से बंधु बेलड़ी मुनि श्री पीयूषचंद्र विजयजी और मुनि श्री रजतचंद्र विजयजी को मालवा में पधारने की विनती की। विशेष रूप से सिलिकॉन सिटी इंदौर श्रीसंघ ने चातुर्मास हेतु भावपूर्ण निवेदन किया।
धर्मसभा और प्रवचन
धर्मसभा की शुरुआत मंगलाचरण और सामूहिक गुरुवंदन से हुई।
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मुनि श्री पीयूषचंद्र विजयजी म.सा. ने संसार की असारता और धर्म के वास्तविक मर्म पर वैराग्यमय प्रवचन दिया।
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गुरुधाम की ऐतिहासिक महत्ता बताई गई।
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प्रवचन उपरांत संघों ने सामूहिक खमतखामणा मिच्छामी दुक्कडम् किया।
धर्मसभा में संघ पूजन (₹70-₹70) हुआ और गुरुभक्त समाजसेवी राजेशजी रूपावत (मुंबई) भी अपने मित्र मंडल के साथ उपस्थित रहे।
सम्मान और अनुमोदना
मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ ट्रस्ट के राकेशजी पूनमिया, रमेशजी जैन बागरा, हितेशजी जैन राजावत, मनसुखजी, सुरेशजी आदि ने सभी संघों का शाल, श्रीफल और माला पहनाकर स्वागत किया।
वर्षीतप अनुमोदना में श्रीमती उषा किरण सुभाषजी कोठारी की ओर से चौविसी का भव्य आयोजन हुआ।
आगामी ऐतिहासिक आयोजन
मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थभूमि एवं राड पट्टी में पहली बार गुरु गौतम स्वामीजी महाराजा साहेब की 36 जोड़े से युक्त रत्न प्रतिमा के साथ ऐतिहासिक भक्ति-संगीतमय आयोजन होने जा रहा है।
इस आयोजन में –
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11,000 के नखरे में रत्न प्रतिमा,
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21 दुर्लभ वस्तुओं से युक्त लब्धि कलश,
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रत्न माला,
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अभिमंत्रित रक्षा सूत्र,
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पूजन वस्त्र आदि प्रदान किए जाएंगे।
तैयारियाँ जोरों पर चल रही हैं और अनेकों गुरुभक्त इस आध्यात्मिक महोत्सव से जुड़ रहे हैं।
