मनरेगा योजना निर्माण कार्य बंद होने को लेकर जिला पंचायत सदस्य एवं म.प्र. युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव सुश्री राधा मालवीय ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। खेत सड़क, सुदूर सड़क, शांतिधाम सड़क और पशु शेड जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य 3 वर्षों से स्वीकृत नहीं होने का दावा किया।
मनरेगा योजना निर्माण कार्य बंद: खेत सड़क, सुदूर सड़क और शांतिधाम सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीण विकास प्रभावित – राधा मालवीय
नागदा जं. (निप्र)। मनरेगा योजना निर्माण कार्य बंद होने को लेकर जिला पंचायत सदस्य एवं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस की प्रदेश महासचिव सुश्री राधा मालवीय ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से मनरेगा योजना के अंतर्गत होने वाले महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों को स्वीकृति नहीं दी गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का विकास प्रभावित हुआ है।
मनरेगा योजना निर्माण कार्य बंद पर कांग्रेस का आरोप
जिला पंचायत सदस्य एवं प्रदेश महासचिव म.प्र. युवा कांग्रेस सुश्री राधा मालवीय ने कहा कि नागदा, खाचरोद तथा उज्जैन जिले की ग्राम पंचायतों में खेत सड़क, सुदूर सड़क, शांतिधाम सड़क और पशु शेड निर्माण की लगातार मांग की जा रही है, लेकिन इन कार्यों को स्वीकृति नहीं मिलने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण विकास कार्यों को प्राथमिकता नहीं दी।
खेत सड़क, सुदूर सड़क और शांतिधाम सड़क निर्माण प्रभावित
राधा मालवीय के अनुसार मनरेगा योजना के अंतर्गत खेत सड़क, सुदूर सड़क, शांतिधाम सड़क और अन्य मूलभूत निर्माण कार्यों का समय 1 अक्टूबर से 15 जून तक निर्धारित है।उन्होंने कहा कि पूरा ग्रीष्मकाल बीत जाने के बावजूद इन निर्माण कार्यों को पर्याप्त गति नहीं मिल सकी। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर बनाने वाले ये कार्य लंबे समय से रुके हुए हैं।
पशु शेड और कूप निर्माण योजनाओं पर भी उठाए सवाल
राधा मालवीय ने कहा कि पूर्व में कांग्रेस सरकार द्वारा लागू की गई महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत किसानों को सिंचाई के लिए लगभग 2 लाख रुपये तक के निशुल्क कूप निर्माण का प्रावधान था।इसके अलावा पशुपालकों के लिए लगभग 1 लाख रुपये तक की लागत से पशु शेड (पशु आवास) निर्माण की सुविधा भी दी गई थी।
उनका दावा है कि इन योजनाओं को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है।
जल संरक्षण और कृषि विकास पर असर
सुश्री मालवीय का कहना है कि यदि पर्याप्त संख्या में कूप निर्माण कार्य होते तो जल स्तर बढ़ता, भूजल संरक्षण को मजबूती मिलती और सिंचित क्षेत्र का विस्तार होता।उन्होंने कहा कि पशु शेड निर्माण को बढ़ावा मिलने से पशुपालन क्षेत्र में वृद्धि होती, दूध उत्पादन बढ़ता और जैविक खेती को भी प्रोत्साहन मिलता।
सरकार पर योजनाओं की उपेक्षा का आरोप
राधा मालवीय ने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों को पर्याप्त बढ़ावा नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जल संरक्षण और जल संवर्धन कार्यक्रमों की बात तो की जा रही है, लेकिन धरातल पर ग्रामीणों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।उनका कहना है कि मनरेगा योजना निर्माण कार्य बंद जैसी स्थिति बनने से ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन दोनों प्रभावित हुए हैं।
राधा मालवीय का बयान
सुश्री राधा मालवीय ने कहा कि सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए खेत सड़क, सुदूर सड़क, शांतिधाम सड़क, पशु शेड और कूप निर्माण जैसे कार्यों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण विकास, कृषि उत्पादन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि संभव है।
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।
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