मेवानगर पेटलावद में पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन: दादा नाकोड़ा भैरव के दर्शन को उमड़े हजारों भक्त, 50 से अधिक मन्नतधारियों ने उतारी मन्नतें
पेटलावद (निप्र)।
मेवानगर पेटलावद स्थित पावन तीर्थक्षेत्र में 4 दिसंबर को आयोजित पूर्णिमा महोत्सव इस बार भक्तिभाव, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास की अनोखी छटा बिखेरकर संपन्न हुआ। गादीपति श्री सुमित जी पिपाड़ा के निर्देशानुसार आयोजित इस भव्य आयोजन में देश के कई राज्यों—महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और मध्यप्रदेश—से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और दादा नाकोड़ा भैरव देव के दर्शन का लाभ लिया।
भक्तों की भारी भीड़, मेवानगर बना आध्यात्मिक केंद्र
पूर्णिमा के अवसर पर मेवानगर में सुबह से ही भक्तों का तांता लग गया। लगभग 50 से अधिक मन्नतधारियों ने दादा के समक्ष अपनी मन्नतें उतारीं और कृतज्ञता स्वरूप छप्पन भोग, पुष्पमाला, श्रीफल, घी-तेल तथा अलंकरण सामग्री अर्पित की।
आरतियों से गूंजा वातावरण—108 दीपकों की महाआरती आकर्षण का केंद्र
महोत्सव की शुरुआत प्रातः 10 बजे श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भगवान और श्री अछुपता देवी की मंगल आरती से हुई। इसके बाद पूरे परिसर में अध्यात्म का अलौकिक वातावरण तब और प्रखर हो उठा जब श्री नाकोड़ा भैरव देव की 108 दीपकों वाली महाआरती संपन्न हुई। आरती के दौरान उपस्थित भक्तों ने “जय दादा नाकोड़ा” के उद्घोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय कर दिया।
इसके पश्चात श्री नाकोड़ा काला भैरव देव की विशेष आरती भी आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं और युवा भक्तों ने सहभागिता की।
लाभार्थी परिवारों ने उतारी मन्नतें, दादा के दरबार में नवाजा आशीर्वाद
दादा के आदेशानुसार लाभार्थी परिवारों ने श्रद्धापूर्वक:
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छत्र
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पुष्पमाला
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श्रीफल
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छप्पन प्रकार का नेवैद्य
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मिठाइयाँ
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घी–तेल
अर्पित करते हुए अपनी-अपनी मन्नतें उतारीं। इस पूरे आयोजन में जो शांति, अनुशासन और भावनात्मक समर्पण दिखाई दिया, उसने कार्यक्रम को और पावन बना दिया।
दिनभर भजनों की सुरमयी प्रस्तुतियाँ: मल्हार म्यूजिकल ग्रुप की रही सराहना
पूर्णिमा महोत्सव का सांस्कृतिक पक्ष भी बेहद आकर्षक रहा।
मल्हार म्यूजिकल ग्रुप के मार्गदर्शक संतोष बारोट के नेतृत्व में प्रसिद्ध संगीतकार:
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पदम् मेहता
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मिताली गुप्ता
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सिद्धि परमार
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भूमि टडावी
ने अपनी मधुर आवाज़ में भक्ति-भजनों और गरबा जैसी विविध प्रस्तुतियों से दिनभर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। वातावरण में भक्ति रस की अनूठी धारा बहती रही।
संगीतकारों का सम्मान—ट्रस्ट और महिला मंडल ने किया स्वागत
समारोह में उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले सभी संगीतकारों का सम्मान श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव ट्रस्ट मंडल द्वारा किया गया।
ट्रस्टी:
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सौरभ खेमेसरा
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सुनील भांगु
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मनीष कुमट
तथा मेवानगर पेटलावद महिला मंडल की बहनों ने सभी कलाकारों को दुपट्टा पहनाकर आदरपूर्वक स्वागत किया।
कार्यक्रम की जानकारी मीडिया प्रभारी ने दी
पूरे आयोजन की विस्तृत जानकारी श्री नाकोड़ा पार्श्वभैरव मेवानगर पेटलावद की कार्यकारिणी के मीडिया प्रभारी पीयूष पटवा ने दी। उन्होंने बताया कि हर पूर्णिमा पर देशभर से भक्त बड़ी संख्या में दर्शन के लिए आते हैं, और मेवानगर जैन समाज के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है।
निष्कर्ष
मेवानगर पेटलावद का पूर्णिमा महोत्सव इस बार भी भक्ति, समर्पण और सामाजिक एकता का अनूठा संगम बना। भक्तों की भीड़, संगीत के सुर और दादा नाकोड़ा भैरव देव की महाआरती ने इस पर्व को यादगार बना दिया। आने वाली पूर्णिमा पर भी और अधिक भक्तों के आगमन की संभावना जताई जा रही है।
