मेवानगर पेटलावद में पोष दशमी महोत्सव 2025: 21 बग़ियों के साथ निकलेगा श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भगवान का भव्य वरघोड़ा, धार्मिक आयोजनों की होगी झलक
पेटलावद (निप्र)। मेवानगर पेटलावद इस वर्ष एक अत्यंत पावन और भव्य धार्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। 14 दिसंबर 2025 को श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भगवान की पोष दशमी के पावन उपलक्ष्य में श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव ट्रस्ट मंडल मेवानगर पेटलावद द्वारा शानदार और अनुशासित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
यह आयोजन जैन समाज के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बनेगा, क्योंकि इस बार 21 सुसज्जित बग़ियों के साथ नगर में भव्य वरघोड़ा निकाला जाएगा, जो मेवानगर की सड़कों को दिव्यता, श्रद्धा और भक्ति से भर देगा।
पोष दशमी महोत्सव का भव्य आयोजन — गुरुओं की प्रेरणा से सजेगा पूरा नगर
ट्रस्ट मंडल ने बताया कि यह आयोजन गादीपति श्री सुमित जी पिपाड़ा (पेटलावद) के आदेश तथा
प.पूज्य मालव भूषण आचार्य श्री नवरत्न सागर सूरीजी म.सा. के
युवा हृदय सम्राट श्री विश्वरत्न सागर सूरीजी म.सा. की पावन प्रेरणा से आयोजित किया जा रहा है।
उनकी आध्यात्मिक छत्रछाया में यह महोत्सव स्थानीय समाज व भक्तों के लिए एक अविस्मरणीय धार्मिक अनुभव का अवसर प्रदान करेगा।
नगर में 21 बग़ियों के साथ निकलेगा दिव्य वरघोड़ा
ट्रस्ट मंडल के ट्रस्टी मनीष कुमट, सौरभ खेमेसरा, पद्म मेहता और सुनील भांगु ने जानकारी दी कि पोष दशमी के विशेष अवसर पर 21 सुंदरता से सुसज्जित बग़ियों का शानदार काफ़िला नगर भ्रमण पर निकलेगा।
इन बग़ियों के साथ:
- आकर्षक बैंड-बाजा
- पारंपरिक ढोल
- भक्ति संगीत की धुनें
- और भक्तों के जयकारों की गूंज
वरघोड़े को भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक आस्था से भर देंगे।
नगर भ्रमण के उपरांत महाआरती का वृहद आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की संभावना है।
रात्रि में भजन संध्या—नारायणगढ़ के सुप्रसिद्ध गायक करेंगे प्रस्तुति
पोष दशमी महोत्सव का मुख्य आकर्षण रात्रि में आयोजित होने वाली विशाल भजन संध्या होगी।
इसमें नारायणगढ़ के सुप्रसिद्ध भजन गायक ‘दख’ अपनी सुरमयी भक्ति प्रस्तुति देंगे।
उनके मनमोहक भजनों के माध्यम से:
- दादा नाकोड़ा भगवान की स्तुति होगी
- साधक भक्ति रस में डूबेंगे
- पूरा वातावरण आध्यात्मिकता से सरोबार हो जाएगा
यह भजन संध्या भक्तों के लिए अपार आनंद और दिव्य अनुभूति का कारण बनेगी।
पूरे श्रीसंघ और भैरव भक्तों से सहभागिता का आह्वान
श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव ट्रस्ट मंडल एवं कार्यकारिणी मेवानगर पेटलावद ने जैन समाज के सभी श्रीसंघों, स्थानीय भक्तों और नाकोड़ा भैरव प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस पावन आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
संगठन ने कहा कि यह अवसर केवल धार्मिक अनुष्ठानों का नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव, एकता और आस्था का भी प्रतीक है।
पोष दशमी क्यों है विशेष?
जैन धर्म में पोष दशमी का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।
कहा जाता है कि इस दिन पूजा, आराधना, प्रतिक्रमण और भक्ति करने से:
- पापों का क्षालान होता है
- जीवन में शांति और समृद्धि आती है
- साधक का मन आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर होता है
इस दिन वरघोड़ा निकालना और भगवान का नगर भ्रमण कराना शुभता और धर्मलाभ का श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है।
आयोजन की आधिकारिक जानकारी
यह समस्त सूचना मीडिया प्रभारी पीयूष पटवा द्वारा प्रदान की गई।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष का आयोजन मेवानगर पेटलावद में सभी भक्तों के लिए यादगार बनने जा रहा है।
समापन
14 दिसंबर 2025 को होने वाला पोष दशमी महोत्सव मेवानगर पेटलावद के धार्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिखेगा।
21 बग़ियों का अद्भुत वरघोड़ा, भव्य महाआरती और संगीतमय भजन संध्या—ये सभी कार्यक्रम जैन समाज और नाकोड़ा भक्तों के लिए अत्यंत महत्व रखेंगे।
भक्तों से अपेक्षा है कि वे इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में पहुँचकर धर्मलाभ प्राप्त करें और आयोजन की दिव्यता को सफल बनाएं।
