विश्व शांति की भावना से सम्पन्न हुआ शांति महामंडल विधान का भव्य आयोजन
इंदौर। विश्व शांति, सद्भाव और सर्वधर्म समभाव की पवित्र भावना को केंद्र में रखकर रामशाह मंदिर, मल्हारगंज में शांति महामंडल विधान का भव्य एवं दिव्य आयोजन संपन्न हुआ। यह विशेष धार्मिक अनुष्ठान धर्मशील स्वर्गीय श्रीमती चंद्रकला गंगवाल की पुण्य स्मृति में समाज के सुप्रसिद्ध वास्तुविद श्री मृदुल गंगवाल एवं प्रत्यक्ष गंगवाल परिवार द्वारा आयोजित किया गया। आयोजन में मुनिश्री विध्रुव सागर जी महाराज के पावन सान्निध्य और मंगलमय संसघ की उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को अत्यंत आध्यात्मिक, शांति-प्रधान और प्रेरणादायी बना दिया।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए राजेश जैन दद्दू और मनमोहन झांझरी ने बताया कि विश्व शांति की मंगलकामना, आत्मकल्याण और समस्त प्राणियों में करुणा की भावना जागृत करने हेतु बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर केसरिया वस्त्र धारण किए और भावपूर्वक महाअर्ध समर्पण कर पुण्यार्जन किया। उन्होंने बताया कि शांति विधान के प्रत्येक चरण में भक्तों की अपार भक्ति, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा स्पष्ट रूप से अनुभूत हो रही थी।
कार्यक्रम के दौरान इंदौर के विद्वान पंडित श्री रमेश चंद जी बांझल ने अत्यंत मनोहर शैली में अष्टप्रतिहार्य का सुंदर, विस्तारपूर्ण और सरल वर्णन प्रस्तुत किया। उनके प्रवचन में आध्यात्मिक ज्ञान, शास्त्रीय संदर्भ और जीवन में अहिंसा, शांति तथा सद्विचारों के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़े ध्यान और भाव से उनके प्रत्येक शब्द को आत्मसात किया।
अनुष्ठान के अंतिम चरण में जयमाला कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसके पश्चात उपस्थित समस्त श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से शांति जाप किया। पूरे परिसर में “शांति, अहिंसा और करुणा” की भावधारा का अद्भुत संचार हुआ। सामूहिक जाप के माध्यम से समाजजनों ने विश्व में प्रेम, सौहार्द, नैतिकता और शांति स्थापित होने की मंगल भावना व्यक्त की।
इस पुण्य अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन, गंगवाल परिवार, महिला मंडल, युवा साथी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान एक दिव्य, शांतिपूर्ण और संस्कारमय वातावरण बना रहा, जिसने प्रत्येक उपस्थित व्यक्ति के मन में आंतरिक शांति और आध्यात्मिक आनंद का संचार किया।
शांति महामंडल विधान जैसे आयोजन न केवल व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं बल्कि समाज में प्रेम, करुणा और अहिंसा के संदेश को भी व्यापक रूप से फैलाते हैं। इसी उद्देश्य के साथ आयोजित यह समारोह इंदौर शहर में आध्यात्मिक उत्सव का केंद्र रहा, जिसने सभी को “विश्व शांति और सर्वधर्म समभाव” की दिशा में एकजुट होने का संदेश दिया।
