काम ऐसा करो कि देश के नागरिकों की जिंदगी आसान हो—डॉ. प्रीति अदाणी | Adani University Convocation 2025 News
अहमदाबाद के शांतिग्राम स्थित अदाणी यूनिवर्सिटी में आयोजित दूसरे दीक्षांत समारोह ने शिक्षा, भारतीय मूल्यों और भारत के भविष्य की दिशा को एक मंच पर जोड़ दिया। समारोह की अध्यक्षता यूनिवर्सिटी की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने की, जबकि विशेष अतिथि के रूप में क्वालकॉम इंडिया के प्रेसिडेंट सावी एस. सोइन उपस्थित रहे। यह अवसर सिर्फ डिग्री वितरण का नहीं था, बल्कि उन युवा सपनों को नई उड़ान देने का था जो आने वाले वर्षों में भारत के विकास का आधार बनेंगे।
समारोह में कुल 87 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई, जिनमें 79 छात्र एमबीए (इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट) और 8 छात्र एम-टेक (कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट) के शामिल थे। तीन योग्य छात्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए यूनिवर्सिटी मेडल से सम्मानित किया गया।
डॉ. प्रीति अदाणी का संदेश: “काम ऐसा करो कि देश के नागरिकों की जिंदगी आसान हो”
अपने प्रेरक संबोधन में डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि भारत इस समय विकास की एक नई ऐतिहासिक यात्रा पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर का पैमाना जितना बड़ा है, उससे भी बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ आम नागरिकों की जिंदगी आसान बनाए।
उन्होंने कहा—
“कनेक्टिविटी और सुविधा से आगे एक बड़ी जिम्मेदारी है—ऐसी व्यवस्था बनाना जहाँ लोगों की सेहत, सुरक्षा और अवसर बेहतर हों। प्रगति की असली पहचान वही है जहाँ नागरिक बेहतर जीवन जी सकें।”
यह संदेश समारोह के विद्यार्थियों के लिए सिर्फ प्रेरणा नहीं बल्कि उनके करियर की दिशा तय करने वाला मार्गदर्शन भी था।
भारतीय सभ्यता की विरासत को करियर में अपनाने पर जोर
डॉ. अदाणी ने छात्रों को भारतीय ज्ञान–परंपरा और सभ्यता की गहराई का स्मरण कराते हुए कहा—
“आप ऐसी सभ्यता के उत्तराधिकारी हैं जिसने गहराई से सोचा, साहस के साथ बनाया और नैतिकता के साथ नेतृत्व किया। इस विरासत को अपने करियर का आधार बनाएं और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ें।”
उनके इन शब्दों ने युवाओं को यह याद दिलाया कि वे केवल एक डिग्री नहीं ले रहे, बल्कि भारत के भविष्य को आकार देने की जिम्मेदारी भी अपने साथ ले जा रहे हैं।
अदाणी यूनिवर्सिटी का नया वैश्विक कैंपस—डॉ. प्रीति अदाणी की बड़ी घोषणा
समारोह का सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह था जब डॉ. अदाणी ने अदाणी यूनिवर्सिटी के नए ग्लोबल कैंपस की घोषणा की। यह घोषणा बताती है कि यूनिवर्सिटी अब न केवल भारत बल्कि वैश्विक शिक्षा–मानकों और रिसर्च के नए स्तर तक पहुँचने जा रही है।
यह कैंपस भविष्य के लिए तैयार नई पीढ़ी को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित शिक्षा, रिसर्च और इंडस्ट्री–कनेक्ट प्रदान करेगा।
क्वालकॉम इंडिया के प्रेसिडेंट सावी एस. सोइन का संबोधन
मुख्य अतिथि सावी एस. सोइन ने तकनीकी बदलावों और ग्लोबल इनोवेशन में भारत की बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा—
“भारत सेमीकंडक्टर, एआई, मोबिलिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में उद्योग और शिक्षा का साझेदारी मॉडल बहुत जरूरी है। अदाणी यूनिवर्सिटी का मल्टीडिसिप्लिनरी मॉडल छात्रों को केवल बदलते भारत का हिस्सा नहीं बनाता, बल्कि उन्हें इसका नेतृत्व करने की क्षमता देता है।”
उनके वक्तव्य ने छात्रों को यह विश्वास दिलाया कि उनके करियर की संभावनाएँ सिर्फ भारत तक सीमित नहीं बल्कि वैश्विक मंच तक विस्तारित हैं।
समारोह के दृश्य—उम्मीदों, सपनों और उपलब्धियों का मिलन
दीक्षांत समारोह का सभागार चमकदार रोशनी, पारंपरिक गाउन में सजे छात्रों और गर्व से भरे परिजनों से भरा हुआ था। स्टेज पर डिग्री प्राप्त करने की खुशी और भविष्य के सपनों की चमक हर चेहरे पर साफ दिख रही थी। अंतिम क्षणों में ली गई ग्रुप फोटो सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाले दशक के नए भारत की संभावनाओं का प्रतीक बन गई।
अदाणी यूनिवर्सिटी—2022 से आज तक एक उभरता शिक्षा–केंद्र
2022 में स्थापित अदाणी यूनिवर्सिटी अत्याधुनिक शिक्षा, शोध और इंडस्ट्री–इंटीग्रेशन का एक प्रमुख केंद्र बन चुकी है। यह यूनिवर्सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट, डेटा साइंस और ग्लोबल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में नई पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार कर रही है।
नई ग्लोबल कैंपस घोषणा के साथ अदाणी यूनिवर्सिटी ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाला समय उच्चस्तरीय वैश्विक शिक्षा और नवाचार को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाला होगा।
निष्कर्ष
अदाणी यूनिवर्सिटी का दूसरा दीक्षांत समारोह सिर्फ एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं था—यह एक ऐसी कहानी थी जहाँ सपनों, जिम्मेदारी, तकनीक और भारतीय संस्कृति का सुंदर संगम दिखाई दिया। डॉ. प्रीति अदाणी और सावी एस. सोइन के संदेशों ने छात्रों को यह विश्वास दिलाया कि वे सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि भारत के भविष्य का निर्माण करने जा रहे हैं।
