Nagda के मेहतवास क्षेत्र में शराब दुकान के खिलाफ बढ़ता विरोध। समाजवादी पार्टी के कमलेश परमार ने 3 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी। पढ़ें पूरी खबर।
मेहतवास शराब दुकान विरोध: 3 दिन में कार्रवाई नहीं तो आमरण अनशन
Nagda जंक्शन (निप्र)। मेहतवास शराब दुकान विरोध अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। वार्ड क्रमांक 35 के मेहतवास क्षेत्र में स्थित शराब की दुकान को लेकर स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं और छात्राओं में भारी आक्रोश है।समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष कमलेश परमार ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए जिला आबकारी अधिकारी निधि जैन को एक लिखित पत्र भेजकर चेतावनी दी है कि यदि आगामी दो-तीन दिनों के भीतर शराब दुकान को बंद या स्थानांतरित नहीं किया गया, तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे।
क्या है पूरा मामला? (मेहतवास शराब दुकान विरोध)
Nagda मेहतवास क्षेत्र की मुख्य सड़क पर पिछले तीन वर्षों से देशी और विदेशी शराब की दुकान का संचालन किया जा रहा है। यह क्षेत्र पूर्णतः आवासीय है, जहां बड़ी संख्या में परिवार, महिलाएं और स्कूल जाने वाली छात्राएं रहती हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि:
- शराब दुकान के आसपास रोजाना भीड़ लगती है
- खुलेआम सड़क और चौराहों पर शराब का सेवन किया जाता है
- शराब पीने वाले राहगीरों, खासकर महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करते हैं
- कई बार उत्पात और असामाजिक गतिविधियां भी होती हैं
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
Nagda मेहतवास शराब दुकान विरोध का सबसे संवेदनशील पहलू महिलाओं की सुरक्षा है।क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि:
- रोजाना स्कूल जाने वाली छात्राओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है
- रास्ते में फब्तियां कसना आम बात हो गई है
- कई बार छेड़छाड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं
यह स्थिति न केवल सामाजिक रूप से चिंताजनक है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
कानून की अनदेखी का आरोप
समाजवादी पार्टी और स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि:
- आबकारी एक्ट के तहत दुकान के आसपास शराब पीना प्रतिबंधित है
- पुलिस प्रशासन द्वारा भी सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन पर रोक है
इसके बावजूद:
- दुकान के बाहर खुलेआम शराब पी जाती है
- प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही
पहले भी उठ चुका है मुद्दा
Nagda :मेहतवास शराब दुकान विरोध कोई नया मामला नहीं है।
07 अक्टूबर 2010
डॉ. राममनोहर लोहिया समिति और अन्य संगठनों ने उज्जैन आयुक्त आबकारी विभाग को आवेदन दिया था।
तत्कालीन आबकारी अधिकारी राघवेन्द्र उपाध्याय
उनके कार्यकाल में दुकान को स्थानांतरित किया गया था।
29 मार्च 2024
संगठन द्वारा पुनः उज्जैन उपायुक्त राज सोनी को आवेदन दिया गया,लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
कमलेश परमार की सख्त चेतावनी
समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष कमलेश परमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है:यदि 2-3 दिन में दुकान नहीं हटाई गई:
- आमरण अनशन किया जाएगा
- शराब ठेकेदार और आबकारी विभाग कार्यालय के सामने प्रदर्शन होगा
उन्होंने यह भी कहा:“जनहित में मेहतवास क्षेत्र से शराब दुकान को तत्काल हटाया जाए या अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।”
जिम्मेदारी किसकी होगी?
कमलेश परमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि:
- यदि स्थिति बिगड़ती है
- या आंदोलन उग्र होता है
तो इसकी पूरी जिम्मेदारी:
- शराब ठेकेदार
- और आबकारी विभाग की अधिकारी निधि जैन की होगी
जनता की मांग क्या है? (मेहतवास शराब दुकान विरोध)
स्थानीय निवासियों की मुख्य मांगें:
- शराब दुकान को तुरंत बंद किया जाए
- या इसे किसी अन्य गैर-आवासीय क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए
- क्षेत्र में पुलिस निगरानी बढ़ाई जाए
- सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन पर सख्ती से रोक लगे
निष्कर्ष
Nagda मेहतवास शराब दुकान विरोध अब केवल एक स्थानीय समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है, या फिर यह आंदोलन एक बड़े जनसंघर्ष में बदलता है।
दिनांक: 04/05/2026
कमलेश परमार
मो.नं.: 91651 99839
