Bhimal में युवक पर जानलेवा हमले के विरोध में फूटा जनआक्रोश,
मुख्य बाजार की घटना के बाद शहर में तनाव, हजारों लोग धरने पर बैठे
Bhimal शहर सोमवार को उस समय आक्रोश से भर उठा जब मुख्य बाजार में एक युवक पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में देवासी समाज सहित सर्वसमाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। घटना के खिलाफ लोगों ने उपखंड कार्यालय के बाहर विशाल धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।
भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में लोग न्याय की मांग को लेकर धरना स्थल पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर पूजा सक्सेना को ज्ञापन सौंपा।
सर्वसमाज ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो क्षेत्रभर में उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मुख्य बाजार में हुई वारदात से फैला भय
बताया जा रहा है कि भीनमाल के मुख्य बाजार क्षेत्र में एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया, जिससे पूरे शहर में भय और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना की जानकारी फैलते ही विभिन्न समाजों और संगठनों के लोग एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचने लगे।
लोगों का कहना था कि दिनदहाड़े मुख्य बाजार में इस तरह की वारदात होना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आम नागरिकों ने आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और शहर में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होती जा रही है।
सर्वसमाज ने कहा — यह जातीय नहीं, अपराध के खिलाफ लड़ाई
धरना प्रदर्शन के दौरान रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह मामला किसी जाति विशेष का नहीं बल्कि अपराध के खिलाफ लड़ाई है। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान हिंसा नहीं हो सकता और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना जरूरी है।
उन्होंने कहा:
“अपराधी की कोई जाति नहीं होती। समाज कानून के दायरे में रहकर न्याय चाहता है। यदि अपराधियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का कानून व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा।”
भीनमाल विधायक डॉ. समरजीत सिंह राठौड़ ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि मुख्य बाजार में हुई ऐसी वारदातें बेहद चिंताजनक हैं और प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

पूर्व जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने जताई चिंता
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सांवलाराम देवासी ने कहा कि अपराधियों को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराध को जाति या समाज से जोड़ना गलत है और दोषियों को कानून के अनुसार कठोर सजा मिलनी चाहिए।
रमेश सोनी पुनासा ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस घटना के बाद आम लोगों में भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि भीनमाल जैसे शांत शहर में यदि मुख्य बाजार में भी लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं तो यह प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी है।
उपखंड कार्यालय के बाहर उमड़ा जनसैलाब
सोमवार सुबह से ही लोग उपखंड कार्यालय पहुंचना शुरू हो गए थे। कुछ ही समय में वहां हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई। धरना स्थल पर महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
धरने में शामिल लोगों ने प्रशासन से मांग की कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था
बढ़ते जनआक्रोश और भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे समय हालात पर नजर बनाए रहे।
धरना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की अपील भी की।

भीषण गर्मी में भी डटे रहे लोग
धरना प्रदर्शन के दौरान भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। बड़ी संख्या में लोग घंटों तक धरना स्थल पर बैठे रहे और न्याय की मांग करते रहे।
कई सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शनकारियों के लिए पानी और अन्य व्यवस्थाएं भी कीं। लोगों का कहना था कि जब तक प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में निम्न मांगें प्रमुख रूप से रखी गईं—
- सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी
- घटना की निष्पक्ष और तेज जांच
- पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय
- शहर में कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए विशेष कदम
- मुख्य बाजार और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाना
सर्वसमाज ने कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे क्षेत्र में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
विभिन्न समाजों और संगठनों का मिला समर्थन
धरना प्रदर्शन में देवासी समाज के साथ कई सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों ने भी भाग लिया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज अब अपराध और असुरक्षा के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठा रहा है।
इस दौरान ओमप्रकाश खेतावत, जयरुपाराम माली, शेखर व्यास, हरिसिंह सोलंकी, जोरावर सिंह राव, भरत सिंह भोजानी, सुरेश बंजारा, संजीव माथुर, स्वामी दिव्य स्वरूपदास महाराज, दिनेश दवे, मनोज गुप्ता, जोगाराम चौधरी, हाजी सतार खान, मुस्ताक खान और सतीश सेन सहित कई नेताओं और समाजसेवियों ने सभा को संबोधित किया।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे गणमान्य नागरिक
धरना स्थल पर हकसिंह राव, ओमप्रकाश महेश्वरी, विजय सिंह राव, डॉ. पांचाराम देवासी, सीएल गहलोत, जयंतीलाल घांची, सरदाराम माली, संदीप देसाई, डॉ. वरदाराम देवासी, श्रवण सिंह राव, पारस घांची, महेंद्र जीनगर, जगदीश प्रसाद, सुरेश नामा, जबराराम भाटी, परबत सिंह राव और रामलाल माली सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ कौम सहित विभिन्न समाजों के प्रबुद्धजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए और घटना की निंदा की।
शहर में चर्चा का विषय बना विरोध प्रदर्शन
भीनमाल में हुआ यह विरोध प्रदर्शन पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। शहर के विभिन्न हिस्सों में लोग कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा करते नजर आए।
स्थानीय नागरिकों का कहना था कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की घटना को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके।
निष्कर्ष
मुख्य बाजार में युवक पर हुए जानलेवा हमले ने भीनमाल शहर को झकझोर कर रख दिया है। घटना के विरोध में सर्वसमाज का एकजुट होकर सड़क पर उतरना इस बात का संकेत है कि लोग अब अपराध और असुरक्षा के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने लगे हैं।
धरना प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से लोगों ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अब सबकी नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है ।

