दिल्ली में SIR विरोध प्रदर्शन के दौरान मनोज झा हिरासत में, गांधी जयंती पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर उठाए सवाल
नई दिल्ली। गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार, दो अक्टूबर को जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद मनोज झा को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे झा ने इससे पहले मीडिया से बातचीत में पुलिस की पाबंदियों और प्रदर्शन के लिए अनुमति की जरूरत पर सवाल उठाए। उन्होंने गांधी जयंती का उल्लेख करते हुए लोकतांत्रिक विरोध का समर्थन किया। उनकी हिरासत की खबर अन्य समाचार रिपोर्टों में भी सामने आई है।
मनोज झा ने प्रतिबंधों पर जताई नाराजगी
दिए गए समाचार विवरण के अनुसार, मनोज झा ने पूछा कि क्या प्रदर्शन करने के लिए अनुमति चाहिए। उन्होंने कहा कि यह गांधी का देश है और आज गांधी जयंती है। उनका बयान प्रदर्शन स्थल के आसपास लगाई गई पाबंदियों के संदर्भ में आया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह विरोध कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।
एएनआई के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, झा ने प्रदर्शन को केवल विपक्षी दलों तक सीमित मानने से इनकार किया। उन्होंने इसे गणतंत्र और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर चिंतित नागरिकों से भी जुड़ा बताया। उन्होंने राजधानी में लगाए गए प्रतिबंधों और मेट्रो के प्रवेश-निकास बंद करने की कार्रवाई की आलोचना की। उनके मुताबिक, गांधी जयंती पर इस तरह के लोकतांत्रिक विरोध का अपना विशेष महत्व है।
चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया पर विरोध
जंतर-मंतर का कार्यक्रम चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। विरोध का केंद्र मतदाता सूचियों में बदलाव और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से संबंधित आरोप रहे।
इन आरोपों को लेकर प्रदर्शनकारियों और चुनाव आयोग का पक्ष अलग है। समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आलोचकों ने पात्र मतदाताओं के नाम हटने की आशंका जताई है, जबकि आयोग का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया का उद्देश्य दोहरी और अपात्र प्रविष्टियां हटाना है। इसलिए प्रदर्शन में उठाए गए आरोपों को स्थापित तथ्य की बजाय संबंधित पक्षों के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।
पुलिस ने नहीं दी थी अनुमति
प्रकाशित जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद राजनीतिक नेताओं, छात्र संगठनों और नागरिक समूहों के प्रतिनिधि विरोध जताने पहुंचे। कार्यक्रम के मद्देनजर जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस की पाबंदियों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी व्यक्त की।
जंतर-मंतर पहुंचे आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और पार्टी कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। उनकी हिरासत चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध के दौरान हुई। इस तरह मनोज झा के अलावा अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भी पुलिस कार्रवाई की गई।
मेट्रो और यातायात पर भी असर
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में परिवहन संबंधी प्रतिबंध भी लगाए गए। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, 11 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास बंद किए गए, हालांकि प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर ट्रेन बदलने की सुविधा जारी रही। यातायात पुलिस ने जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और आसपास के मार्गों पर प्रतिबंध तथा मार्ग परिवर्तन की जानकारी दी। यात्रियों से इन क्षेत्रों में जाने से पहले यात्रा की योजना बनाने को कहा गया।
हिरासत के बाद आगे की स्थिति पर नजर
गांधी जयंती पर आयोजित विरोध में चुनावी पारदर्शिता के साथ प्रदर्शन की अनुमति का मुद्दा भी प्रमुख रहा। मनोज झा ने पुलिस कार्रवाई और प्रतिबंधों पर सवाल उठाए। उपलब्ध विवरण में उनकी रिहाई के समय या उनके खिलाफ किसी औपचारिक मामले की जानकारी नहीं है। आगे की स्थिति पुलिस और संबंधित नेताओं की आधिकारिक सूचना से स्पष्ट होगी।
