मंगलगिरी महामहोत्सव 2025: सागर में होगा भव्य श्री मज्जिनेंद्र 1008 श्री आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं सप्त गजरथ महामहोत्सव
आचार्य चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ के सानिध्य में 29 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक दिव्य आध्यात्मिक आयोजन
सागर (मध्यप्रदेश) — अतिशय क्षेत्र सागर मंगलगिरी तीर्थ क्षेत्र इस वर्ष भव्यता, आध्यात्मिकता और श्रमण संस्कृति की दिव्यता का अद्भुत साक्षी बनने जा रहा है। यहाँ मंगलगिरी महामहोत्सव 2025 के अंतर्गत श्री मज्जिनेंद्र 1008 श्री आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं सप्त गजरथ महामहोत्सव का विशाल आयोजन 29 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक संपन्न होगा।
कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी धर्म समाज प्रचारक श्री राजेश जैन दद्दू (इंदौर) ने देते हुए बताया कि यह आयोजन सदियों में दुर्लभ अवसरों में से एक है, जिसमें पंचकल्याणक, गजरथ, दीक्षा तथा मस्तकाभिषेक जैसे दिव्य कार्यक्रम एक ही स्थल पर संपन्न होंगे। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ के सानिध्य में यह आयोजन और भी अधिक दिव्य एवं प्रभावी होने जा रहा है।
27 नवंबर 2025 — मंगल आगवानी से होगा शुभारंभ
महोत्सव के पूर्व दिवस 27 नवंबर 2025 को दोपहर 2 बजे से आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ की अत्यंत भव्य मंगल आगवानी महिला आश्रम सागर से प्रारंभ होकर मंगलगिरी तीर्थ क्षेत्र तक की जाएगी। यह स्वागत यात्रा जैन समाज की आस्था, भक्ति और सामूहिक भावना का अत्यंत आकर्षक रूप प्रस्तुत करेगी।
28 नवंबर 2025 — गणधर वलय विधान एवं दीक्षार्थियों की गोद भराई
अगले दिन 28 नवंबर को प्रातः गणधर वलय विधान, भावभीनी आराधना और मंगल पाठ के साथ महोत्सव का आध्यात्मिक प्रवाह प्रारंभ होगा।
साथ ही इस दिन भावी दीक्षार्थियों की गोद भराई, शाम में मेहंदी और संगीत कार्यक्रम का आयोजन—पूरे वातावरण को भावनात्मक और उत्साह से भर देगा।
29 नवंबर 2025 — मंडप उद्घाटन एवं भव्य जैनेश्वरी दीक्षा
29 नवंबर 2025 महोत्सव का सबसे विशिष्ट और दिव्य दिन होगा।
- प्रातः काल होगा केशलोंचन संस्कार, जो किसी भी दीक्षा का अत्यंत मार्मिक और पुण्ययोग्य क्षण माना जाता है।
- दोपहर 2 बजे आर्यिका श्री विजिज्ञाषा श्री माता जी के करकमलों से दीक्षा संस्कार सम्पन्न होगा।
दीक्षार्थी
- बा.ब्र. रूबी दीदी जी
- ब्र. सरस्वती दीदी जी
जैनेश्वरी दीक्षा 2025 न केवल सागर, बल्कि समस्त जैन समाज के लिए गर्व एवं प्रेरणा का महत्वपूर्ण क्षण होगा।
30 नवंबर 2025 — ध्वजारोहण एवं घटयात्रा
30 नवंबर को तीर्थ क्षेत्र पर ध्वजारोहण समारोह के साथ दिव्य घटयात्रा का आयोजन किया जाएगा। हजारों श्रद्धालुओं के साथ यह शोभायात्रा आध्यात्मिक ऊर्जा का दिव्य अनुभव कराएगी।
पंचकल्याणक उत्सव — 1 दिसंबर से 5 दिसंबर 2025
पंचकल्याणक वे पाँच पवित्र पर्व हैं, जिनसे तीर्थंकर के जीवन के महान प्रसंग जुड़े होते हैं। साधु-साध्वी, मुनिराज, आर्यिका तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस दिव्यता का साक्षी बनने के लिए उपस्थित होंगे।
1 दिसंबर 2025 — गर्भ कल्याणक
माता त्रिशला की शुभ स्वप्नों वाली घटना का अद्भुत मंचन।
2 दिसंबर 2025 — जन्म कल्याणक
भगवान आदिनाथ जन्मोत्सव की दिव्य झांकियाँ, शोभायात्रा एवं मंगल पाठ।
3 दिसंबर 2025 — तप कल्याणक
भगवान के तप, त्याग और संयम की विशेष आराधना।
4 दिसंबर 2025 — ज्ञान कल्याणक
केवलज्ञान की प्राप्ति का अनुपम उत्सव।
5 दिसंबर 2025 — मोक्ष कल्याणक एवं गजरथ परिक्रमा
मोक्ष कल्याणक के साथ-साथ दोपहर 1 बजे से सप्त गजरथ परिक्रमा महोत्सव का दिव्य आयोजन होगा। इसके बाद प्रतिमाओं का महा मस्तकाभिषेक प्रारंभ होगा जो 5 से 10 दिसंबर 2025 तक चलेगा।
प्रतिष्ठाचार्य एवं आयोजन सहयोग
महोत्सव में विभिन्न धार्मिक विभूतियों का विशेष योगदान रहेगा—
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प्रतिष्ठाचार्य:
- बाल ब्र. श्री जयकुमार जी निशांत, टीकमगढ़
- पं. सनत कुमार जी राजवांस
- पं. विनोद कुमार जी राजवांस
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संगीतकार:
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संजय रंगीला, भोपाल
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पुण्यार्जक एवं जिनालय विवरण
सागर मंगलगिरी तीर्थ क्षेत्र पर अनेक दिव्य जिनालयों का निर्माण कार्य भी महोत्सव का प्रमुख आकर्षण होगा।
- सहस्त्रकूट जिनालय – पुण्यार्जक: सकल जैन समाज भारत
- नंदीश्वर जिनालय – पुण्यार्जक: श्री प्रमोद कुमार जी, पीयूष कुमार जी बारदाना परिवार सागर
- समवसरण जिनालय – पुण्यार्जक: श्री श्रेयांश जैन, LIC सागर
- चौबीसी जिनालय – पुण्यार्जक: श्री सुरेश जी सांधेलिया सागर
- ध्यान केंद्र बड़ी स्फटिक प्रतिमा – पुण्यार्जक: संतोष जैन केटर्स परिवार
- मुख्य वेदी पुण्यार्जक – श्री संतोष कुमार जैन, पटना बाले सागर
- ध्यान केंद्र वेदी पुण्यार्जक – श्री दिनेश जी वैशाखिया
आयोजन समिति
इस ऐतिहासिक आयोजन का संचालन—
श्री मज्जिनेंद्र पंचकल्याणक सप्त गजरथ महोत्सव समिति,
सकल दिगंबर जैन समाज,
श्री स्याद्वाद शिक्षण परिषद ट्रस्ट,
अतिशय क्षेत्र मंगलगिरी सागर (म.प्र.)
द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
निष्कर्ष
मंगलगिरी महामहोत्सव 2025 दिगंबर जैन समाज के लिए एक ऐसा महाआध्यात्मिक पर्व है जिसमें पंचकल्याणक, गजरथ, दीक्षा, मस्तकाभिषेक, विधान, शोभायात्राएँ और जिनालयों का उद्घाटन—सब एक ही स्थल पर सम्पन्न होने जा रहा है।
सागर मंगलगिरी तीर्थ क्षेत्र का यह आयोजन न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे भारतवर्ष के जैन समाज के लिए गौरव, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम बनेगा।
