विद्योदय महाविद्यालय मनावर में “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान संपन्न
सप्ताहभर चले जागरूकता अभियान में विद्यार्थियों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ, व्याख्यान, स्लोगन एवं निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से दिया नशामुक्त समाज का संदेश
Manawar (धार)। कार्यालय आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार विद्योदय महाविद्यालय, मनावर में दिनांक 15 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में नशामुक्ति का सकारात्मक संदेश पहुंचाना रहा।
अभियान का संचालन संस्था के प्राचार्य डॉ. अजय वाघे के मार्गदर्शन एवं नशा मुक्त भारत अभियान, धार जिला के सदस्य डॉ. बालाजी अवसरकर के नेतृत्व में किया गया। सप्ताहभर चले इस अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
नशे के दुष्परिणामों की दी गई जानकारी
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ उसके परिवार, समाज और आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
विद्यार्थियों को समझाया गया कि युवा वर्ग देश का भविष्य है और यदि युवा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहेंगे तो समाज और राष्ट्र को मजबूत दिशा मिलेगी। साथ ही उन्हें नशामुक्त भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन
सप्ताहभर चले इस अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें नशा मुक्ति शपथ, व्याख्यानमाला, स्लोगन प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता एवं जागरूकता कार्यक्रम प्रमुख रहे।
इन गतिविधियों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशे के खिलाफ अपनी रचनात्मक सोच प्रस्तुत की। स्लोगन और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने नशे से होने वाले नुकसान तथा इससे बचाव के उपायों को प्रभावी रूप से व्यक्त किया।

नशामुक्त समाज निर्माण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने का संकल्प लिया। उन्हें प्रेरित किया गया कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी नशे की आदतों से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
महाविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं और उन्हें समाजहित के कार्यों में भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं।
प्राचार्य एवं शिक्षकों ने की अभियान की सराहना
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय वाघे ने अभियान की सफलता पर विद्यार्थियों एवं सभी सहयोगी शिक्षकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल एक व्यक्ति या संस्था के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे समाज की भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं और स्वस्थ एवं सकारात्मक समाज के निर्माण में सहयोग करें।
सफल आयोजन में शिक्षकों का रहा विशेष सहयोग
अभियान के सफल संचालन में महाविद्यालय के शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस दौरान प्रो. आर.एस. मुकाती, प्रो. चेतन शर्मा, प्रो. संतोष शर्मा, प्रो. अनिल मुकाती, प्रो. शिवानी शर्मा, प्रो. सचिन पाटीदार, प्रो. पूजा मावकर एवं डॉ. सुनीता पाटीदार का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को जागरूक करने और कार्यक्रमों के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।
नशामुक्त भारत के लिए निरंतर प्रयास का संदेश
अभियान के समापन अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने नशामुक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी अपनाकर ही एक बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।
विद्योदय महाविद्यालय में आयोजित “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने और समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
रिपोर्ट: कौशिक पण्डित, स्वराज वाणी
संवाददाता – मनावर, जिला धार (मध्य प्रदेश)
