सागर में शराब माफिया पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, पांच अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर
बंडा जहरीली शराब कांड के तीन आरोपियों के मकान, गोदाम और बाउंड्रीवॉल ध्वस्त; वार्ड-11 और 12 में भारी पुलिस बल के बीच कार्रवाई
सागर। जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए जाने के बाद गुरुवार को पुलिस, राजस्व विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने मामले से जुड़े मुख्य आरोपियों के कथित अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया।
प्रशासनिक टीम ने बंडा के वार्ड क्रमांक-11 और 12 सहित संबंधित क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों से जुड़े पांच मकानों, एक गोदाम और बाउंड्रीवॉल सहित कई निर्माणों को जेसीबी की मदद से हटाया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
प्रशासन ने यह कार्रवाई अवैध रूप से किए गए निर्माण और अतिक्रमण को हटाने के लिए की। अधिकारियों की मौजूदगी में दस्तावेजों एवं निर्धारित सीमाओं के आधार पर निर्माणों को चिह्नित किया गया। इसके बाद जेसीबी मशीनों से अवैध हिस्सों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
तीन आरोपियों के ठिकानों पर कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशासन की कार्रवाई चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू, आशीष साहू और मनीष लोधी से जुड़े निर्माणों पर की गई। चंद्रभान सिंह राजपूत का ततरवारा स्थित मकान भी कार्रवाई के दायरे में रहा। इसके अतिरिक्त आशीष साहू के मकान और मनीष लोधी से जुड़े तीन मकानों पर जेसीबी की सहायता से अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण हटाया गया।
कार्रवाई से पहले प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित निर्माणों का निरीक्षण किया था। उसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच नगर पालिका के अमले ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। मकानों के अतिरिक्त गोदाम और बाउंड्रीवॉल पर भी बुलडोजर चलाए जाने की जानकारी सामने आई है।
जहरीली शराब कांड के बाद आरोपियों की संपत्तियों और उनके निर्माण से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित निर्माण किस अनुमति के आधार पर किए गए थे और उनमें कितना हिस्सा नियमों का उल्लंघन कर बनाया गया था।
वार्ड-11 और 12 में तैनात रहा भारी पुलिस बल
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बंडा के वार्ड क्रमांक-11 और 12 में भारी पुलिस बल लगाया गया। पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई स्थल के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया और अनावश्यक भीड़ को दूर रखा।
प्रशासनिक एवं नगर पालिका अधिकारियों की उपस्थिति में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। क्षेत्र में अचानक बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने से स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। कार्रवाई के दौरान यातायात और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए भी पुलिसकर्मियों को लगाया गया।
मनीष लोधी से जुड़े मकान पर कार्रवाई के समय परिजनों और सुरक्षा कर्मचारियों के बीच मामूली नोकझोंक होने की बात भी सामने आई। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए कार्रवाई जारी रखी। किसी बड़ी अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई है।
जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन सख्त
बंडा में जहरीली शराब के सेवन से लोगों की मौत होने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। घटना के बाद शराब के अवैध निर्माण, भंडारण और बिक्री से जुड़े लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद पुलिस और आबकारी विभाग ने मामले से जुड़े आरोपियों तथा संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की जांच तेज की। अवैध शराब की आपूर्ति कहां से की गई, उसका निर्माण किस स्थान पर हुआ और वितरण में कौन-कौन लोग शामिल थे, इन सभी बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है।
आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के साथ उनके कथित अवैध निर्माणों और अतिक्रमण की जांच भी शुरू की गई। इसी क्रम में गुरुवार को संयुक्त टीम ने चिह्नित स्थानों पर बुलडोजर कार्रवाई की।
संपत्तियों और निर्माण संबंधी दस्तावेजों की जांच
प्रशासन मामले से जुड़े लोगों की संपत्तियों और निर्माण अनुमतियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रहा है। अधिकारियों द्वारा यह देखा जा रहा है कि संबंधित मकानों, गोदामों और बाउंड्रीवॉल का निर्माण स्वीकृत नक्शे एवं स्थानीय निकाय के नियमों के अनुसार किया गया था या नहीं।
जिन हिस्सों को जांच में अवैध या अतिक्रमण की श्रेणी में चिह्नित किया गया, उन्हें नगर पालिका के अमले ने जेसीबी मशीनों से हटाया। अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, जहरीली शराब मामले में किसी आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगा। पुलिस संबंधित साक्ष्यों को जुटाने के साथ आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
शराब के नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास
जहरीली शराब कांड के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क का पता लगाना पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि शराब बनाने के लिए सामग्री कहां से लाई गई थी, उसका भंडारण किस स्थान पर किया गया और किन माध्यमों से लोगों तक पहुंचाया गया।
मामले में स्थानीय स्तर पर सहयोग करने वाले व्यक्तियों, आपूर्तिकर्ताओं और विक्रेताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई
तीन आरोपियों से जुड़े पांच ठिकानों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। प्रशासन अन्य संदिग्ध संपत्तियों और निर्माणों के दस्तावेजों की भी जांच कर सकता है। अनियमितता पाए जाने पर आने वाले दिनों में कार्रवाई का दायरा बढ़ने की संभावना है।
बंडा जहरीली शराब कांड के बाद की गई इस कार्रवाई को प्रशासन के सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस की आपराधिक जांच, आबकारी विभाग की कार्रवाई और स्थानीय प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया समानांतर रूप से आगे बढ़ रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के कारोबार और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।
