सादगी और श्रद्धा का संगम बना माहेश्वरी समाज नागदा का दीपावली मिलन एवं अन्नकूट महोत्सव
माहेश्वरी भवन में भक्ति, एकता और संस्कृति का सुंदर संगम – गणेश भक्त मंडल ने भजनों से बांधा समां
नागदा (जीवन लाल जैन की रिपोर्ट)।
माहेश्वरी समाज, नागदा द्वारा मंगलवार, 4 नवम्बर 2025 को माहेश्वरी भवन में आयोजित दीपावली मिलन एवं अन्नकूट महोत्सव इस वर्ष सादगी, भक्ति और सामाजिक एकता का अनूठा उदाहरण बन गया। कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, उमंग और आध्यात्मिकता से सराबोर रहा, जिसमें समाज के हर वर्ग ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
भगवान श्रीनाथ जी के 56 भोग और आरती से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीनाथ जी के भव्य 56 भोग श्रृंगार एवं आरती के साथ की गई। जैसे ही आरती की घंटियों की ध्वनि माहेश्वरी भवन में गूंजी, पूरा परिसर भक्ति रस से भर उठा। समाज बंधुओं ने परिवार सहित श्रीनाथ जी के दर्शन कर महाप्रसादी का लाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर गणेश भक्त मंडल, खाचरोद द्वारा प्रस्तुत भजन संध्या और हनुमान चालीसा पाठ ने श्रद्धालुओं को भक्ति भाव में डुबो दिया। भजनों की मधुर स्वर लहरियों ने दीपावली के इस पर्व को और भी पावन बना दिया।
समाज के सभी वर्गों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति, युवा वर्ग एवं बालक-बालिकाओं ने मिलकर कार्यक्रम को सजीव बना दिया। सभी ने भक्ति और सादगी के इस माहौल में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित कर समाज में एकता और प्रेम का संदेश दिया।
मंच पर उपस्थित सभी सदस्यों ने समाज की परंपराओं को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी में सांस्कृतिक मूल्यों के संचार का संकल्प लिया।
भजन संध्या ने बांधा भक्ति का रंग
गणेश भक्त मंडल के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों ने समूचे सभागार में आनंद और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। “जय श्रीनाथजी”, “राम सिया राम” और “हनुमान चालीसा” के सामूहिक पाठ ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
मंच पर सजे दीपों की रोशनी और आरती की लौ ने भवन को मंदिर जैसा पवित्र वातावरण प्रदान किया।
समाज के वरिष्ठजनों की गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ सदस्य —
श्री गोविंदलाल मोहता, मदनलाल गगरानी, रमेश मोहता, देवकरण डांगरा, गिरिराज मालपानी, नाथूलाल बांगड़, महेंद्र बिसानी, राजेंद्र मंडोवरा, आनंद गगरानी, राधेश्याम राठी, राजकुमार मोहता, नंदकिशोर मालपानी, जमनालाल मालपानी, गिरिराज राठी, मुकेश नवाल, उमेश सोडानी, अशोक बिसानी, सुभाष गगरानी, बसंत मालपानी, अजय माहेश्वरी, सौरभ मोहता, पंकज डांगरा, प्रियेश मोहता, प्रतीक सोडानी आदि उपस्थित रहे।
इन सभी वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति से आयोजन का गौरव और बढ़ गया।
महिला शक्ति की विशेष भागीदारी
माहेश्वरी समाज की मातृशक्ति ने पूरे आयोजन में प्रमुख भूमिका निभाई।
उज्जैन जिला महिला संगठन अध्यक्ष सीमा मालपानी, माहेश्वरी महिला मंडल सचिव ऋषिता खटोड, चंद्रिका मोहता, हेमा मोहता, सरिता मोहता, किरण बजाज, ज्योति गगरानी, सुषमा बिसानी सहित महिला मंडल की कई सदस्याएं कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल रहीं।
महिला मंडल ने महाप्रसाद व्यवस्था, पुष्प सज्जा और दीप व्यवस्था में सराहनीय योगदान दिया।
आभार एवं धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में समाज सचिव प्रतीक गगरानी ने सभी आगंतुकों, समाज सदस्यों, सहयोगियों और महिला मंडल का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा —
“यह आयोजन भव्यता का नहीं, बल्कि भक्ति और सादगी का प्रतीक है। दीपावली का असली अर्थ समाज में प्रेम, एकता और श्रद्धा का दीप जलाना है, और आज माहेश्वरी समाज ने यही संदेश दिया है।”
समाज के युवा वर्ग ने भी मिलन समारोह को सफल बनाने में विशेष सहयोग दिया। आयोजन के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से अन्नकूट प्रसादी ग्रहण की।
सादगी और भक्ति का अद्भुत उदाहरण
माहेश्वरी समाज, नागदा का यह दीपावली मिलन एवं अन्नकूट महोत्सव न केवल धार्मिक आयोजन था, बल्कि यह समाजिक एकता, सामूहिकता और भारतीय संस्कृति का प्रतीक बन गया।
यह आयोजन बताता है कि भक्ति का असली सौंदर्य भव्यता में नहीं, बल्कि सादगी और भावना में निहित है।
आयोजन की विशेष झलकियाँ
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भगवान श्रीनाथजी का 56 भोग श्रृंगार और आरती
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गणेश भक्त मंडल, खाचरोद की भजन संध्या
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सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ
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समाज के वरिष्ठजनों और मातृशक्ति की सहभागिता
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सामूहिक महाप्रसाद वितरण
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दीप सज्जा और सांस्कृतिक एकता का संदेश
निष्कर्ष
दीपावली मिलन एवं अन्नकूट महोत्सव ने इस वर्ष यह सिखाया कि समाज की असली शक्ति एकता और भक्ति भावना में है। माहेश्वरी समाज, नागदा ने इस आयोजन के माध्यम से समूचे नगर को यह संदेश दिया कि दीपावली केवल प्रकाश का पर्व नहीं, बल्कि आत्मा के आलोक का भी प्रतीक है।


