महावीर जन्म कल्याणक 30 मार्च को मनाने का ऐतिहासिक निर्णय। जानिए तिथि भ्रम का पूरा कारण, जैन पंचांग अनुसार सही दिन और संतों का मार्गदर्शन।
राजेश जैन दद्दू, इंदौर
महावीर जन्म कल्याणक 30 मार्च: तिथि भ्रम के बीच ऐतिहासिक निर्णय
प्रतिवर्ष वर्तमान शासन नायक 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म कल्याणक महामहोत्सव पूरे भारत में अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।इस वर्ष महावीर जन्म कल्याणक 30 मार्च को ही मनाया जाएगा।तिथि भ्रम के कारण सरकारी कैलेंडर में 31 मार्च घोषित होने के बावजूद, जैन पंचांग, जैन आगम और संतों के मार्गदर्शन के अनुसार सही तिथि 30 मार्च ही है।धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू, इंदौर ने समाज को स्पष्ट मार्गदर्शन देते हुए बताया कि महावीर जन्म कल्याणक 30 मार्च को ही मनाया जाना चाहिए।
भगवान महावीर स्वामी
महावीर जन्म कल्याणक प्रतिवर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है।इस वर्ष तिथि की गणना को लेकर भ्रम की स्थिति बनी। सरकारी कैलेंडर में 31 मार्च को अवकाश घोषित किया गया, जिससे समाज में प्रश्न उठा कि महावीर जन्म कल्याणक 30 मार्च को मनाया जाए या 31 मार्च को?यही कारण है कि संत समाज को आगे आकर स्पष्ट मार्गदर्शन देना पड़ा।
जैन पंचांग अनुसार महावीर जन्म कल्याणक 30 मार्च
जैन परम्पराओं, जैन पंचांग और जैन आगम के अनुसार:
- त्रयोदशी तिथि 30 मार्च को प्रातः 07 बजे से प्रारंभ
- 31 मार्च को प्रातः लगभग 07 बजे तक समाप्त
- उसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उदयातिथि मान्य होती है, अर्थात सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही पूरे दिन के लिए मान्य मानी जाती है।30 मार्च को सूर्योदय के बाद प्रातः 07 बजे से त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होकर पूरे दिन विद्यमान रहेगी।इसी आधार पर महावीर जन्म कल्याणक 30 मार्च को ही मनाना शास्त्र सम्मत है।
संतों का स्पष्ट मार्गदर्शन
आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी
आचार्य श्री विशुद्ध सागर ने समाज को परम्पराओं के अनुरूप निर्णय लेने की प्रेरणा दी।
निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव सुधासागर जी
मुनि पुंगव सुधासागर ने स्पष्ट कहा कि 31 मार्च को सूर्योदय के समय त्रयोदशी केवल सुबह 07 बजे तक रहेगी, उसके बाद चतुर्दशी लग जाएगी।जबकि 30 मार्च को त्रयोदशी पूरे दिन रहेगी।
शंका समाधान प्रणेता मुनि श्री प्रमाणसागर जी
मुनि श्री प्रमाणसागर ने भी अपने उद्बोधन में समाज से आग्रह किया कि महावीर जन्म कल्याणक 30 मार्च को ही मनाया जाए।
क्यों 31 मार्च उपयुक्त नहीं?
- 31 मार्च को त्रयोदशी केवल सुबह 07 बजे तक
- जन्म कल्याणक के कार्यक्रम 07 बजे से पहले संभव नहीं
- 07 बजे के बाद चतुर्दशी प्रारंभ
- शास्त्र अनुसार त्रयोदशी तिथि आवश्यक
इसलिए 31 मार्च को आयोजन शास्त्रीय आधार पर उचित नहीं।
पूरे भारत में एकजुटता की अपील
महावीर जन्म कल्याणक केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जैन धर्म की आस्था, अहिंसा और सत्य का उत्सव है।ऐसे में महावीर जन्म कल्याणक 30 मार्च को पूरे भारत एवं विश्व में एक साथ मनाने की अपील की गई है।
निष्कर्ष
तिथि भ्रम के बीच संत समाज ने स्पष्ट कर दिया है कि शास्त्र, पंचांग और उदयातिथि के आधार पर महावीर जन्म कल्याणक 30 मार्च को ही मनाया जाएगा।समाज से अपेक्षा है कि एकजुट होकर परम्पराओं के अनुरूप इस पावन उत्सव को मनाए।
