Iran-इजराइल युद्ध का असर: दुबई में फंसे महाकाल के पुजारी, सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से लगाई गुहार
पश्चिम एशिया में Iran और इजराइल के बीच हाल ही में शुरू हुए संघर्ष का असर अब सीधे भारत के नागरिकों पर भी पड़ने लगा है। इस तनाव के बीच उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर के प्रमुख पुजारी विकास शर्मा दुबई में फंसे हुए हैं। वे अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुबई गए थे, लेकिन हालात बिगड़ने के कारण भारत लौटने में असमर्थ हैं।
फ्लाइट्स निरस्त और एयरपोर्ट बंद
विकास शर्मा मोतीबाग, उज्जैन के रहने वाले हैं और महाकाल मंदिर के मुख्य पुजारी घनश्याम शमां के पुत्र हैं। उन्हें 5 दिवसीय ज्योतिष सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुबई जाना था। बताया गया है कि 28 फरवरी की रात वे भारत लौटने के लिए एयरपोर्ट पहुंच गए। करीब ढाई घंटे तक विमान में बैठे रहने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने युद्ध और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उनकी फ्लाइट रद्द कर दी।
इसके बाद दुबई, शारजाह और अबू धाबी के सभी एयरपोर्ट्स को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इस कारण विकास शर्मा फिलहाल दुबई में फंसे हुए हैं और उनके परिवार का तनाव लगातार बढ़ रहा है।
परिवार की चिंता और वीडियो कॉल में हालात
महाकाल मंदिर के पुजारी आशीष शर्मा, जो विकास के बड़े भाई हैं, ने बताया कि रविवार को वीडियो कॉल के माध्यम से विकास ने वहां के हालात से परिवार को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि दुबई में फिलहाल कर्फ्यू जैसे हालात हैं और सामान्य जीवन लगभग ठप हो गया है। एयरपोर्ट्स कब खुलेंगे, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
विकास शर्मा वर्तमान में बुर्ज खलीफा क्षेत्र के एक होटल में रुके हुए हैं। उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से सरकार से मदद की गुहार लगाई है, ताकि वे सुरक्षित तरीके से भारत लौट सकें।
दुबई और शारजाह में फंसे अन्य भारतीय नागरिक
होली और वीकेंड की छुट्टियों के चलते इस सप्ताह उज्जैन से कई लोग दुबई टूर के लिए गए थे। अधिकांश लोग इंदौर से शारजाह पहुंचे और फिर चार-पांच दिन दुबई में घूमने और एक रात आबूधाबी में रहने की योजना बना रहे थे।
धीरेंद्रसिंह परिहार, जो कई यात्रियों की बुकिंग कर रहे थे, ने बताया कि दुबई में हालात बिगड़ने के कारण सभी फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं। 2, 5 और 6 मार्च के लिए 25 यात्रियों की बुकिंग थी, जिन्हें निरस्त कर दिया गया। कुछ यात्रियों की बुकिंग 12 मार्च और उसके बाद की थी, लेकिन वर्तमान में स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
Iran-इजराइल युद्ध का वैश्विक प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, Iran और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध का असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर नागरिकों की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव डाल रहा है। दुबई जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई और व्यापारिक केंद्र में फ्लाइट्स रद्द होना और नागरिकों का फंसना इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है।
इस युद्ध ने न केवल यात्रा योजनाओं को प्रभावित किया है, बल्कि वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय इस समय अपनी नजरें उन नागरिकों पर बनाए हुए हैं, जो दुबई और आसपास के क्षेत्रों में फंसे हुए हैं।
महाकाल के पुजारी की सुरक्षित वापसी की गुहार
विकास शर्मा ने अपने परिवार और वीडियो संदेश में कहा कि वह सुरक्षित रूप से भारत लौटना चाहते हैं। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से तत्काल मदद की अपील की है। परिवार ने भी सोशल मीडिया और अधिकारियों के माध्यम से सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है।
विकास के फंसे होने के कारण उज्जैन और आसपास के मंदिर समुदाय में भी चिंता बढ़ गई है। कई श्रद्धालु और स्थानीय प्रशासन उनके सुरक्षित लौटने के लिए प्रयासरत हैं।
उज्जैनियों की परेशानियां और यात्रा योजनाओं पर असर
दुबई और शारजाह के एयरपोर्ट्स बंद होने से उज्जैनियों की अन्य यात्रा योजनाओं पर भी असर पड़ा है। पर्यटन कंपनियों ने यात्रियों को अस्थायी रूप से होमस्टे और होटल में रुकने की सलाह दी है। कई लोगों ने अपनी छुट्टियों को स्थगित किया है और सरकार से सुरक्षित वापसी की व्यवस्था करने की मांग की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल दुबई में फंसे नागरिकों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार और भारतीय दूतावास के बीच संपर्क लगातार बना हुआ है। स्थिति सामान्य होने के बाद ही फ्लाइट्स पुनः संचालित होंगी।
निष्कर्ष
Iran -इजराइल युद्ध का प्रभाव सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रह गया है। दुबई में फंसे विकास शर्मा जैसे भारतीय नागरिक इसका जीवंत उदाहरण हैं। सुरक्षित वापसी के लिए उनका परिवार और सरकार सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है।
हालात के बिगड़ने और फ्लाइट्स रद्द होने के कारण विदेश में फंसे नागरिकों की सुरक्षा और उनके जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। इस समय अंतरराष्ट्रीय सहयोग और त्वरित निर्णय बेहद जरूरी है, ताकि संकट का समाधान किया जा सके।
इस पूरी घटना से यह स्पष्ट होता है कि युद्ध का असर केवल सैन्य या राजनीतिक स्तर पर नहीं, बल्कि आम नागरिकों की रोज़मर्रा की जिंदगी और सुरक्षा पर भी गहरा असर डालता है।
