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गुरु पूर्णिमा अमृत महोत्सव आज से: मां कृष्णा धाम आश्रम में पांच दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन का शुभारंभ, देश-विदेश से पहुंचेंगे हजारों श्रद्धालु

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Published On: 24 July 2026
"Guru Purnima Amrit Mahotsav begins at Maa Krishna Dham Ashram with spiritual gatherings and devotional activities."
— "Guru Purnima Amrit Mahotsav begins at Maa Krishna Dham Ashram with spiritual gatherings and devotional activities."

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गुरु पूर्णिमा अमृत महोत्सव आज से: मां कृष्णा धाम आश्रम में पांच दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन का शुभारंभ, देश-विदेश से पहुंचेंगे हजारों श्रद्धालु

संवाददाता: अनीस कुमार खाचरोद
आष्टा (सीहोर)।
आष्टा नगर की पावन धरा पर स्थित मां कृष्णा धाम आश्रम, मालीपुरा एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होने जा रहा है। ब्रह्मानंद जन सेवा संघ के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय “गुरु पूर्णिमा अमृत महोत्सव” का शुभारंभ शुक्रवार, 25 जुलाई से हो रहा है। यह भव्य आध्यात्मिक आयोजन 29 जुलाई तक चलेगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी हजारों गुरु भक्तों के शामिल होने की संभावना है।

गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति का वह पावन पर्व है, जो गुरु और शिष्य के अटूट संबंध, ज्ञान, आस्था और आत्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मां कृष्णा धाम आश्रम में प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा अमृत महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी आयोजन समिति ने भक्तों के लिए विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की है।

पांच दिनों तक भक्ति और आध्यात्म का संगम

गुरु पूर्णिमा अमृत महोत्सव के दौरान आश्रम परिसर में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन समिति के अनुसार, पांच दिनों तक आश्रम में सुबह से लेकर शाम तक साधना, सत्संग, गुरु पूजन और आध्यात्मिक प्रवचनों का क्रम जारी रहेगा।

आश्रम परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है। श्रद्धालुओं के स्वागत, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, प्रसाद वितरण, चिकित्सा सहायता तथा पार्किंग जैसी सुविधाओं की भी व्यापक तैयारियां की गई हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

परम पूज्य मां कृष्णा जी के सानिध्य में होंगे आध्यात्मिक कार्यक्रम

इस पांच दिवसीय आयोजन का मुख्य आकर्षण परम पूज्य मां कृष्णा जी का दिव्य सानिध्य रहेगा। उनके मार्गदर्शन में प्रतिदिन ध्यान, योग, सत्संग और आध्यात्मिक प्रवचन आयोजित किए जाएंगे।

भक्तों का मानना है कि गुरु के सानिध्य में बिताया गया प्रत्येक क्षण जीवन को नई दिशा प्रदान करता है। गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन के कठिन मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देते हैं। इसी उद्देश्य से हजारों श्रद्धालु हर वर्ष इस महोत्सव में भाग लेने के लिए आष्टा पहुंचते हैं।

प्रतिदिन होगा ध्यान-योग साधना शिविर

आयोजन के दौरान प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक विशेष ध्यान एवं योग साधना शिविर आयोजित किया जाएगा।

योग विशेषज्ञों और आध्यात्मिक मार्गदर्शकों के निर्देशन में श्रद्धालुओं को ध्यान, प्राणायाम और मानसिक शांति से जुड़े अभ्यास कराए जाएंगे। आयोजकों का कहना है कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में ध्यान और योग व्यक्ति को मानसिक संतुलन, सकारात्मक ऊर्जा और स्वस्थ जीवन प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है।

ध्यान शिविर में सभी आयु वर्ग के लोगों को शामिल होने का अवसर मिलेगा।

प्रतिदिन दोपहर में होगा दिव्य सत्संग

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक दिव्य सत्संग का आयोजन किया जाएगा।

सत्संग में धर्म, अध्यात्म, मानव जीवन के उद्देश्य, संस्कार, सेवा, करुणा, परिवार और समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना जैसे विषयों पर प्रवचन होंगे।

आयोजकों के अनुसार, सत्संग का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।

गुरु पूजन का रहेगा विशेष महत्व

गुरु पूर्णिमा पर्व का सबसे महत्वपूर्ण आयोजन गुरु पूजन होगा।

इस अवसर पर श्रद्धालु अपने गुरु के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करेंगे। भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी श्रेष्ठ स्थान दिया गया है क्योंकि गुरु ही अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं।

महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में मनाया जाने वाला गुरु पूर्णिमा पर्व ज्ञान, संस्कार और आत्मिक उन्नति का संदेश देता है।

देश-विदेश से पहुंचेंगे हजारों श्रद्धालु

ब्रह्मानंद जन सेवा संघ के पदाधिकारियों के अनुसार इस वर्ष भी देश के विभिन्न राज्यों सहित विदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु महोत्सव में शामिल होंगे।

मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, छत्तीसगढ़ तथा अन्य राज्यों से भी गुरु भक्तों के आने की संभावना है। विदेशों में रहने वाले भारतीय अनुयायी भी इस आयोजन में भाग लेने के लिए आष्टा पहुंच रहे हैं।

श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारियां की हैं।

सेवा और आध्यात्म का अनूठा संगम

महोत्सव के दौरान केवल धार्मिक कार्यक्रम ही नहीं बल्कि सेवा कार्यों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क प्रसाद, भोजन, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

ब्रह्मानंद जन सेवा संघ का उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करना है। संस्था वर्षों से विभिन्न सामाजिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जोड़ने का कार्य कर रही है।

आश्रम परिसर में विशेष तैयारियां

गुरु पूर्णिमा अमृत महोत्सव को लेकर मां कृष्णा धाम आश्रम में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

पूरे आश्रम परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा, पुष्प सजावट और आध्यात्मिक वातावरण के अनुरूप विशेष रूप से सजाया गया है।

श्रद्धालुओं के लिए—

  • विशाल पंडाल
  • बैठने की समुचित व्यवस्था
  • पेयजल सुविधा
  • चिकित्सा सहायता केंद्र
  • वाहन पार्किंग
  • सुरक्षा व्यवस्था
  • प्रसाद वितरण केंद्र

जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

गुरु का जीवन में विशेष महत्व

भारतीय संस्कृति में गुरु को ज्ञान का स्रोत माना गया है।

शास्त्रों में कहा गया है कि गुरु ही व्यक्ति को अज्ञान से ज्ञान की ओर तथा अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। गुरु केवल शिक्षा नहीं देते बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी बताते हैं।

गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर होता है। इसी कारण देशभर में इस दिन विभिन्न आश्रमों, मंदिरों और आध्यात्मिक संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में पहुंचने की अपील

ब्रह्मानंद जन सेवा संघ ने क्षेत्रवासियों एवं सभी गुरु भक्तों से इस पांच दिवसीय अमृत महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

आयोजकों का कहना है कि आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच यदि व्यक्ति कुछ समय अध्यात्म, ध्यान और सत्संग के लिए निकालता है तो उसका जीवन अधिक संतुलित, सकारात्मक और शांतिपूर्ण बन सकता है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि परिवार सहित महोत्सव में शामिल होकर गुरु पूजन, ध्यान योग, सत्संग एवं परम पूज्य मां कृष्णा जी के पावन आशीर्वाद का लाभ प्राप्त करें।

आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनेगा आष्टा

पांच दिनों तक चलने वाला यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक जागरण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

आयोजन के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से आष्टा नगर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहेगा। भजन, कीर्तन, सत्संग और गुरु वंदना से पूरा आश्रम आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई देगा।

निष्कर्ष

आष्टा स्थित मां कृष्णा धाम आश्रम में आयोजित 25 से 29 जुलाई तक चलने वाला गुरु पूर्णिमा अमृत महोत्सव श्रद्धा, भक्ति, सेवा और आध्यात्म का एक भव्य संगम बनने जा रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में गुरु पूजन, ध्यान-योग साधना, दिव्य सत्संग और आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और जीवन मूल्यों का संदेश मिलेगा। ब्रह्मानंद जन सेवा संघ ने सभी श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से इस पावन महोत्सव में शामिल होकर गुरु के आशीर्वाद का लाभ लेने और अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से समृद्ध बनाने की अपील की है।

 

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