LPG की e-KYC हो चुकी है तो Re-KYC कब जरूरी? गैस सिलेंडर उपभोक्ता जान लें नियम
LPG कनेक्शन की एक बार e-KYC पूरी होने का अर्थ यह नहीं कि हर ग्राहक को तुरंत दोबारा सत्यापन कराना होगा। हालांकि सब्सिडी लेने वाले उपभोक्ताओं, रिकॉर्ड में गड़बड़ी या उपभोक्ता के विवरण में बदलाव होने पर Re-KYC जरूरी हो सकती है।
एलपीजी गैस कनेक्शन की e-KYC को लेकर उपभोक्ताओं के बीच कई तरह के सवाल हैं। बड़ी संख्या में ग्राहक आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन करा चुके हैं, लेकिन अब वे जानना चाहते हैं कि क्या उन्हें दोबारा KYC यानी Re-KYC करानी होगी। इसका जवाब उपभोक्ता की श्रेणी, सब्सिडी की स्थिति और गैस कंपनी के रिकॉर्ड पर निर्भर करता है।
सामान्य तौर पर यदि किसी ग्राहक की e-KYC सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है, उसके नाम, आधार, मोबाइल नंबर और गैस कनेक्शन के रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी नहीं है तो उसे केवल अफवाह या अनधिकृत संदेश के आधार पर दोबारा KYC कराने की जरूरत नहीं है। हालांकि सब्सिडी प्राप्त करने वाले ग्राहकों के लिए समय-समय पर बायोमेट्रिक सत्यापन की आवश्यकता हो सकती है।
सब्सिडी लेने वालों के लिए दोबारा सत्यापन संभव
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार घरेलू एलपीजी सब्सिडी प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं, विशेष रूप से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों, को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन कराने के लिए कहा जा सकता है। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थी की पहचान सुनिश्चित करना और फर्जी या निष्क्रिय कनेक्शनों के माध्यम से सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना है।
ऐसे में यदि उपभोक्ता ने पहले e-KYC करा ली थी, लेकिन गैस कंपनी के ऐप, पोर्टल या वितरक के रिकॉर्ड में चालू वित्तीय वर्ष का सत्यापन लंबित दिख रहा है तो उसे Re-KYC करानी पड़ सकती है। ग्राहक को इस संबंध में अपनी तेल विपणन कंपनी अथवा अधिकृत गैस एजेंसी से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
किन परिस्थितियों में जरूरी हो सकती है Re-KYC?
इन प्रमुख परिस्थितियों में गैस कंपनी उपभोक्ता से दोबारा KYC या बायोमेट्रिक सत्यापन कराने के लिए कह सकती है:
1. वार्षिक बायोमेट्रिक सत्यापन लंबित हो
सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ता के लिए चालू वित्तीय वर्ष का आधार प्रमाणीकरण लंबित है तो Re-KYC की आवश्यकता हो सकती है। इसमें उज्ज्वला योजना के लाभार्थी भी शामिल हो सकते हैं।
2. पहली e-KYC सफलतापूर्वक दर्ज न हुई हो
कई बार उपभोक्ता बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी कर देता है, लेकिन तकनीकी खराबी, कमजोर इंटरनेट या डेटा मिलान नहीं होने के कारण रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पाता। यदि स्टेटस ‘Pending’, ‘Failed’ या ‘Authentication Required’ दिख रहा है तो प्रक्रिया दोहरानी पड़ सकती है।
3. नाम या जन्मतिथि में अंतर हो
आधार कार्ड, बैंक खाते और एलपीजी उपभोक्ता रिकॉर्ड में नाम, जन्मतिथि अथवा अन्य जानकारी अलग-अलग होने पर सब्सिडी रुक सकती है। रिकॉर्ड सुधारने के बाद ग्राहक को दोबारा सत्यापन कराना पड़ सकता है।
4. कनेक्शन ट्रांसफर या उपभोक्ता बदलने पर
यदि गैस कनेक्शन किसी दूसरे शहर या वितरक के पास स्थानांतरित किया गया है, तो रिकॉर्ड की दोबारा जांच हो सकती है। कनेक्शनधारक की मृत्यु के बाद परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम कनेक्शन स्थानांतरित कराने पर नए उपभोक्ता की KYC अनिवार्य होगी।
5. आधार या बैंक खाते से जुड़ी समस्या हो
आधार का बैंक खाते से लिंक नहीं होना, बैंक खाता बंद होना या प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से जुड़े रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने पर दस्तावेज अपडेट करने पड़ सकते हैं। इसके बाद गैस कंपनी पहचान की पुष्टि के लिए Re-KYC मांग सकती है।
6. गैस कंपनी संदिग्ध या निष्क्रिय कनेक्शन की जांच करे
लंबे समय से सिलेंडर बुक नहीं कराने, एक ही पते पर असामान्य संख्या में कनेक्शन होने या रिकॉर्ड में अन्य विसंगति मिलने पर तेल कंपनी दोबारा दस्तावेज अथवा बायोमेट्रिक सत्यापन करा सकती है।
घर बैठे ऐसे पूरी कर सकते हैं e-KYC
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार घरेलू एलपीजी उपभोक्ता कई माध्यमों से आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा कर सकते हैं। उपभोक्ता गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी के उपकरण से सत्यापन करा सकता है। इसके अतिरिक्त संबंधित कंपनी के वितरक कार्यालय जाकर भी बायोमेट्रिक e-KYC कराई जा सकती है।
घर से प्रक्रिया पूरी करने के लिए इंडेन ग्राहक IndianOil ONE, भारत गैस ग्राहक Hello BPCL और एचपी गैस ग्राहक HP Pay जैसे अधिकृत ऐप का उपयोग कर सकते हैं। चेहरे से प्रमाणीकरण के लिए संबंधित कंपनी के ऐप के साथ Aadhaar FaceRD ऐप की आवश्यकता हो सकती है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना कीपर भी फेस आधारित बायोमेट्रिक e-KYC की जानकारी उपलब्ध है।
फर्जी लिंक और एजेंटों से रहें सावधान
e-KYC के नाम पर भेजे गए अनजान लिंक पर आधार नंबर, ओटीपी, बैंक विवरण या कार्ड की जानकारी दर्ज नहीं करें। गैस कंपनी का कोई कर्मचारी KYC के लिए यूपीआई पिन, एटीएम पिन या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड नहीं मांगता। यदि कोई व्यक्ति e-KYC कराने के नाम पर भुगतान मांगता है तो पहले अपनी अधिकृत गैस एजेंसी से पुष्टि करें।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया है कि उपभोक्ता डिलीवरी कर्मचारी, अधिकृत वितरक या तेल कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप के माध्यम से बायोमेट्र
