MP में कथित ‘लव जिहाद’ मामलों ने बढ़ाया तनाव, पुलिस और कानून दोनों सक्रिय
भोपाल:
MP में कथित ‘लव जिहाद’ के आरोपों ने राज्य का सामाजिक और राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। राजधानी भोपाल सहित इंदौर, सागर, छतरपुर और रायसेन जैसे शहरों में पुलिस ने ऐसे कई मामलों में गिरफ्तारियां की हैं। आरोप है कि युवाओं को नौकरी, दोस्ती या शादी का झांसा देकर उनके साथ यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया।
मध्यप्रदेश में 2021 में लागू हुए धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के बावजूद अब तक 300 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन मामलों में अक्सर संगठित गिरोह, फर्जी पहचान और कमजोर महिलाओं को निशाना बनाना शामिल है। राजनीतिक दलों ने भी इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा नेताओं ने कड़ी सजा और कठोर कानून की मांग की है।
भोपाल का मामला: नौकरी का झांसा और धर्मांतरण
भोपाल में हाल ही में पुलिस ने आमरीन और आफरीन नामक दो सगी बहनों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि वे गरीब हिंदू युवतियों को नौकरी का झांसा देकर अपने जाल में फंसा रही थीं। आरोप के अनुसार, युवतियों को पहले अपने करीब रखा गया, फिर लक्ज़री लाइफस्टाइल दिखाकर अमीर लड़कों के सामने पेश किया गया और उसके बाद धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया।
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के तार गुजरात और मुंबई तक जुड़े थे, जहाँ कथित तौर पर लड़कियों को “सप्लाई” किया जाता था। पीड़िताओं ने बताया कि पहले भरोसा जीता गया, फिर पार्टियों और हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल के माध्यम से फंसाया गया। विरोध करने पर धमकियां दी गईं। आमरीन, आफरीन और उनके साथी चंदन यादव गिरफ्तार हो चुके हैं।
इंदौर: फंडिंग और राजनीतिक संबंध
जून 2025 में इंदौर के बाणगंगा इलाके में एक युवती ने साहिल शेख और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि साहिल ने उसे प्रेम जाल में फंसाया, यौन संबंध बनाए और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। युवती ने कहा कि उसे बुर्का पहनने के लिए भी मजबूर किया गया।
जांच में पता चला कि इस पूरे नेटवर्क में पार्षद अनवर कादरी के माध्यम से दो लाख रुपए की फंडिंग की गई थी। कादरी पर केस दर्ज हुआ और बाद में उसने कोर्ट में सरेंडर किया।
35 वर्षीय महिला की आपबीती
मई 2025 में भोपाल के कमला नगर थाने में दर्ज मामले में एक तलाकशुदा महिला ने आरोप लगाया कि नदीम नामक युवक ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया और बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव डाला। महिला ने बताया कि आरोपी ने अपना नाम अमित बताया, जबकि वह मुस्लिम था। उसने महिला के 14 वर्षीय बेटे के खतने तक का दबाव डाला और निजी फोटो एवं वीडियो वायरल करने की धमकी दी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और अन्य आपराधिक धाराओं में केस दर्ज किया और उसे जेल भेजा।
निजी कॉलेज गैंग: ब्लैकमेलिंग का संगठित नेटवर्क
अप्रैल 2025 में भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ। आरोप है कि फरहान नामक युवक ने कॉलेज की कई हिंदू छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाया, यौन शोषण किया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। इसके अलावा लड़कियों पर धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया गया।
पुलिस जांच में फरहान के मोबाइल से कई आपत्तिजनक वीडियो मिले। आरोपी और उसके सहयोगियों ने लड़कियों को पहले हिंदू नाम बताकर दोस्ती की और फिर भोपाल घुमाने और पब्स में जाने के बहाने फंसाया। इस मामले में आरोपी साहिल, अली, साद, नबील और हामिद भी शामिल थे।
टीटी नगर मामला: ब्रेनवॉश और परिवार की संलिप्तता
अप्रैल 2025 में टीटी नगर थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ रेप का मामला सामने आया। आरोपी जावेद ने छात्रा को दोस्ती के बहाने अपने भाई फैजान के घर ले जाकर, उसकी पत्नी जोया और अन्य लोगों के साथ मारपीट और यौन शोषण करवाया।
पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने रेप, पॉक्सो और आपराधिक साजिश के तहत फरियाद दर्ज की और आरोपी जावेद, जोया, फैजान और शाहरुख को गिरफ्तार किया।
सागर और छतरपुर के मामले
सागर जिले में फरहान मकरानी ने खुद को हिंदू “गोलू” बताकर युवती को प्रेम जाल में फंसाया और बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया।
छतरपुर जिले में एक महिला ने आरोप लगाया कि समीर तिवारी बनकर मिला युवक बाद में अपनी असली पहचान समीर खान बताकर धर्म परिवर्तन और मारपीट का दबाव डाल रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया।
कानून और सवाल
मध्यप्रदेश में 2021 में लागू धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत दोष सिद्ध होने पर 10 साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। बावजूद इसके, 2021 से जनवरी 2025 तक लगभग 300 मामले सामने आ चुके हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन मामलों में कई बार आरोपी अपनी असली पहचान छिपाते हैं, ब्लैकमेलिंग करते हैं और कमजोर महिलाओं को निशाना बनाते हैं। बड़े शहरों में पढ़ाई या नौकरी के लिए आने वाली लड़कियां अक्सर “सॉफ्ट टारगेट” बन जाती हैं।
बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया
भोपाल से विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना है कि लव जिहाद के जरिए बेटियों को ब्लैकमेल करना गंभीर अपराध है और ऐसे अपराधियों को जेल में होना चाहिए। विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि आरोपियों के हाथ काटने या आंखें निकालने जैसी सख्त कार्रवाई पर विचार किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश में लगातार सामने आने वाले ये मामले कानून, समाज और राजनीति तीनों पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहे हैं। हालांकि 2021 का धार्मिक स्वतंत्रता कानून इन अपराधों पर लगाम लगाने के लिए बनाया गया था, फिर भी संगठित गिरोह, फर्जी पहचान, ब्लैकमेलिंग और कमजोर महिलाओं को निशाना बनाना लगातार जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त और समयबद्ध कार्रवाई, साथ ही जागरूकता अभियान और युवाओं के लिए सुरक्षा उपाय जरूरी हैं। केवल कठोर कानून ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता भी इन अपराधों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
