लैंक्सेस ने तीसरी तिमाही 2025 के नतीजे जारी किए: चुनौतीपूर्ण वैश्विक बाज़ार के बीच वित्तीय स्थिति स्थिर, लागत कटौती से उम्मीदें बढ़ीं
नागदा, 18 नवंबर 2025। विशिष्ट रसायन निर्माण के क्षेत्र में प्रतिष्ठित नाम लैंक्सेस (LANXESS) ने वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम जारी करते हुए बताया कि कठिन वैश्विक आर्थिक माहौल, भू-राजनीतिक तनाव और मांग में निरंतर गिरावट ने कंपनी के प्रदर्शन पर सीधा असर डाला है।
कंपनी की कुल बिक्री (Sales) इस तिमाही में घटकर 1.338 अरब यूरो रह गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 1.598 अरब यूरो की तुलना में 16.3% की गिरावट दर्शाती है। इसी तरह EBITDA pre-exceptionals भी 173 मिलियन यूरो से घटकर 125 मिलियन यूरो पर आ गया, यानी लगभग 27.7% की कमी।
यह स्पष्ट करता है कि वैश्विक रसायन उद्योग वर्तमान में दबाव में है और इसका असर लैंक्सेस सहित कई कंपनियों पर दिखाई दे रहा है। कंपनी के मुताबिक मांग में गिरावट, बिक्री वॉल्यूम कम होना और प्रतिकूल विदेशी मुद्रा विनिमय दरें इस नतीजे के प्रमुख कारण हैं।
कमजोर वैश्विक मांग ने प्रदर्शन पर डाला दबाव
लैंक्सेस ने बताया कि दुनिया भर में उपभोक्ता और औद्योगिक क्षेत्रों में मांग सुस्त पड़ने लगी है, जिसका असर रसायन उद्योग पर गहराई से हुआ है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैथायस ज़ाखबूट (Matthias Zachert) ने कहा:
“वैश्विक स्तर पर मांग में निरंतर कमजोरी पूरी रसायन उद्योग को प्रभावित कर रही है। इसका स्पष्ट असर हमारे समूह पर भी दिख रहा है। अभी स्थिति में तत्काल सुधार की उम्मीद नहीं है और यह परिस्थिति अगले वर्ष तक कायम रह सकती है।”
कंपनी का कहना है कि 1 अप्रैल 2025 को यूरोपीय सिस्टम्स व्यवसाय प्रमुख की बिक्री के बाद उस खंड के वित्तीय नतीजे अब तिमाही प्रदर्शन में शामिल नहीं किए जा रहे, जिससे कुल राजस्व में कमी देखी गई। मुद्रा विनिमय दरों ने भी आय को घटाने में भूमिका निभाई।
मार्जिन में गिरावट, EBITDA मार्जिन 9.3% पर
वैश्विक परिस्थितियों के दबाव का सीधा प्रभाव कंपनी के मुनाफे पर पड़ा।
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पिछली तीसरी तिमाही में EBITDA मार्जिन प्री-एक्ससेप्शनल्स 10.8% था।
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वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में यह घटकर 9.3% रह गया।
कंपनी इस गिरावट को मांग में कमी, इन्वेंट्री एडजस्टमेंट और औद्योगिक ग्राहकों द्वारा स्लोडाउन के कारण ऑर्डर घटने से जोड़ती है।
पूरे वर्ष 2025 की गाइडेंस में संशोधन: निचले स्तर तक सीमित रहने का अनुमान
लैंक्सेस ने वित्तीय वर्ष 2025 के लिए अपनी गाइडेंस को और सटीक करते हुए कहा कि पूरे वर्ष का EBITDA pre-exceptionals पहले घोषित 520–580 मिलियन यूरो के दायरे के निचले स्तर के आसपास रहने की उम्मीद है।
कंपनी के मुताबिक वर्तमान ग्लोबल ट्रेड माहौल, डिमांड कर्व और ऊर्जा लागत की दिशा को देखते हुए इस अनुमान में बदलाव करना आवश्यक था।
“फॉरवर्ड!” प्रोग्राम से मिले लाभ, अब और गहरी लागत कटौती की तैयारी
लैंक्सेस ने अपने चल रहे रणनीतिक लागत कटौती अभियान “Forward!” को सफल बताया।
कंपनी का कहना है:
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2023 में शुरू की गई योजना से 2025 के अंत तक 150 मिलियन यूरो की स्थायी वार्षिक बचत हासिल हो जाएगी।
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अगस्त 2025 में कंपनी ने अपने प्रोडक्शन नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन के तहत अतिरिक्त कदमों की घोषणा की थी, जिससे 2027 के अंत तक 50 मिलियन यूरो की वार्षिक बचत की उम्मीद है।
अब कंपनी एक नई बचत योजना पर काम कर रही है जो करीब 100 मिलियन यूरो की अतिरिक्त संभावित बचत दे सकती है।
इन उपायों की विस्तृत जानकारी कंपनी 2026 की पहली तिमाही में साझा करेगी।
कंपनी का कहना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती को संतुलित करने के लिए लागत को नियंत्रित रखना और संचालन क्षमता को बढ़ाना बेहद आवश्यक है।
कठिन बाजार स्थिति के बावजूद वित्तीय स्थिरता बरकरार
वर्तमान समय में यूरोप से लेकर एशिया और अमेरिका तक कई केमिकल कंपनियाँ मांग में गिरावट और ऊर्जा चुनौतियों का सामना कर रही हैं। इसके बावजूद लैंक्सेस ने बताया कि कंपनी की कुल वित्तीय स्थिति स्थिर बनी हुई है।
कंपनी के नेट फाइनेंशियल डेब्ट (शुद्ध वित्तीय देनदारियाँ):
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दूसरी तिमाही 2025 के अंत में: 2.069 बिलियन यूरो
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तीसरी तिमाही 2025 के अंत में: 2.072 बिलियन यूरो
अर्थात, चुनौतीपूर्ण बाज़ार परिस्थितियों के बावजूद कंपनी ने कड़े नकद प्रबंधन (Strict Cash Management) की बदौलत अपनी देनदारियों को नियंत्रित रखा है। यह निवेशकों और बाजार विश्लेषकों दोनों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
बाज़ार विशेषज्ञों की नजर लैंक्सेस की रणनीति पर
उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक मंदी-सदृश माहौल में लैंक्सेस की ओर से घोषित लागत कटौती और ऑपरेशनल सुधार आने वाले वर्षों में कंपनी की लाभप्रदता को मजबूत कर सकते हैं।
यूरोपीय बाजारों में ऊर्जा लागत अधिक होने और चीन-अमेरिका व्यापार तनाव के बीच कई केमिकल कंपनियाँ इसी तरह की रणनीतियों पर काम कर रही हैं।
लैंक्सेस का फोकस अब:
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लागत को कम करने,
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संचालन क्षमता बढ़ाने,
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और उच्च-मार्जिन वाले रसायन पोर्टफोलियो पर ध्यान केंद्रित करने पर है।
इसके अलावा, कंपनी अपने सस्टेनेबल केमिकल्स, स्पेशलिटी इंटरमीडिएट्स, और ग्रीन सॉल्यूशंस वाले उत्पाद खंडों को मजबूत कर रही है, जो आने वाले वर्षों में ग्लोबल डिमांड को आकर्षित कर सकते हैं।
नागदा से संवाददाता जीवन लाल जैन की रिपोर्ट
स्थानीय स्तर पर कंपनी से जुड़े कर्मचारियों और उद्योग जानकारों का भी कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता अभी बनी हुई है, लेकिन लैंक्सेस की वित्तीय अनुशासन और लागत नियंत्रण रणनीति उसे इस कठिन दौर से बाहर निकलने में मदद कर सकती है। नागदा यूनिट सहित कई उत्पादन केंद्रों पर कंपनी लगातार उत्पादन दक्षता और गुणवत्ता पर काम कर रही है।
वर्ष 2026 और 2027 कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं, क्योंकि इस अवधि में घोषित लागत कटौती योजनाएँ पूरी तरह लागू होंगी और बाहरी आर्थिक परिस्थितियों में भी सुधार की संभावना है।
