आत्मनिर्भर पंचायत की दिशा में लाखनकोट की पहल, वर्ष 2030 के विकास विजन पर हुआ मंथन
रिपोर्ट – कौशिक पंडित
पंचायत विजन कार्यशाला में ग्रामीणों ने तय की विकास की प्राथमिकताएं, स्वच्छता, शिक्षा और आजीविका पर रहेगा विशेष फोकस
Manawar (धार)। ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ग्राम पंचायत लाखनकोट के पंचायत भवन में पंचायत विजन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में वर्ष 2030 तक पंचायत के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और आगामी पांच वर्षों के लिए विकास का रोडमैप तैयार किया गया।
मनावर विकासखंड की ग्राम पंचायत लाखनकोट ऐसी पहली पंचायत बनी है, जिसने भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अपना पंचायत विजन तैयार किया है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत की वर्तमान स्थिति, स्थानीय आवश्यकताओं और विकास की संभावनाओं का आकलन कर एक व्यवहारिक एवं प्रभावी विकास योजना तैयार करना था।
ग्रामीणों की भागीदारी से तैयार हुआ विकास का खाका
पंचायत विजन कार्यशाला में पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीणों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यशाला के दौरान ग्राम विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई और ग्रामीणों से सुझाव लिए गए। लोगों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं को सामने रखते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही।
कार्यशाला की अध्यक्षता ग्राम पंचायत लाखनकोट के सरपंच राधेश्याम मंडलोई ने की। इस अवसर पर पंचायत सचिव रामपाल मुवेल, पटवारी, विभिन्न विभागों के फ्रंटलाइन कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, युवा वर्ग और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने पंचायत के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े सुझाव दिए। इन सुझावों के आधार पर पंचायत विकास की आगामी कार्ययोजना तैयार की गई।

विकासखंड विजन से जुड़ी पंचायत की योजना
कार्यशाला के दौरान मनावर विकासखंड के विजन और ग्राम पंचायत की स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास के लक्ष्यों पर चर्चा की गई। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने बताया कि पंचायत स्तर पर तैयार किया गया विजन गांव के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) द्वारा पंचायत विजन निर्माण में तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया। TRI के प्रतिनिधि विनम्र धाकड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 जून को मनावर विकासखंड का विजन तैयार किया गया था। इसी क्रम में पायलट परियोजना के तहत मनावर विकासखंड की 10 ग्राम पंचायतें अपना-अपना पंचायत विजन तैयार करेंगी।
उन्होंने बताया कि तैयार किए गए विजन के आधार पर विकास योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा और पंचायत समितियों के माध्यम से समय-समय पर इसकी प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।
स्वच्छता, शिक्षा और प्राकृतिक खेती को मिली प्राथमिकता
ग्राम पंचायत लाखनकोट के सरपंच राधेश्याम मंडलोई ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से पंचायत विकास की प्रमुख प्राथमिकताएं तय की गई हैं। इनमें ग्राम स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आजीविका संवर्धन, प्राकृतिक खेती, आधारभूत अधोसंरचना का विकास और सुशासन को विशेष महत्व दिया गया है।
उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में पंचायत को एक बेहतर, आत्मनिर्भर और विकसित पंचायत बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सभी विभागों और ग्रामीणों के सहयोग से योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।

किसानों और युवाओं के लिए बेहतर अवसरों पर जोर
पंचायत विजन में कृषि क्षेत्र के विकास को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके साथ ही युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए भी योजनाएं तैयार की जाएंगी। पंचायत का उद्देश्य ग्रामीणों को गांव में ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे पलायन को कम किया जा सके और स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिले।
मासिक बैठक में होगी कार्ययोजना की समीक्षा
सरपंच राधेश्याम मंडलोई ने बताया कि पंचायत विजन के तहत तैयार की गई कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत समन्वय समिति निभाएगी। समिति द्वारा प्रत्येक माह बैठक आयोजित कर विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पंचायत विजन केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि गांव के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। इसमें ग्रामीणों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।

आत्मनिर्भर पंचायत की ओर बढ़ता लाखनकोट
लाखनकोट ग्राम पंचायत द्वारा तैयार किया गया वर्ष 2030 का विजन ग्रामीण विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। पंचायत स्तर पर स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजना बनाकर विकास कार्यों को गति देने से गांव में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है।
इस पहल से न केवल पंचायत की विकास योजनाओं को व्यवस्थित रूप मिलेगा, बल्कि ग्रामीणों को भी अपने गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलेगा। पंचायत विजन के माध्यम से लाखनकोट ने आत्मनिर्भर और विकसित पंचायत बनने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
