कुंथुनाथ जन्म कल्याणक सुराणा में भव्य आयोजन, महामस्तक अभिषेक, गौ सेवा, जीवदया और सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया गया।
कुंथुनाथ जन्म कल्याणक सुराणा – भक्ति और जीवदया का बेमिसाल संगम
कुंथुनाथ जन्म कल्याणक सुराणा में भक्ति और सेवा का अद्भुत उदाहरण
भक्ति और जीवदया का बेमिसाल संगम: सुराणा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया भगवान कुंथुनाथ का जन्म कल्याणक दिवस
गौशाला में गायों को कलिंगर खिलाकर मनाया भगवान का जन्मकल्याणक दिवस
जालोर जिले के दियावट पट्टी के सुराणा गांव में श्री कुंथुनाथ राजेंद्र नवयुवक मंडल, सुराणा के तत्वावधान में जैन धर्म के 17वें तीर्थंकर भगवान श्री कुंथुनाथ भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव गुरुवार को पूर्ण श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान पूरा सुराणा गाँव तीर्थंकर की भक्ति में डूबा नजर आया और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सेवा कार्यों की अनूठी मिसाल पेश की गई।
18 द्रव्यों से हुआ भव्य महामस्तक अभिषेक
18 द्रव्यों से हुआ भव्य महामस्तक अभिषेक
प्रातः काल से ही गाँव के प्राचीन जैन मंदिर में धार्मिक गतिविधियों की चहल-पहल शुरू हो गई थी। विधिकारकों व सुप्रसिद्ध संगीतकार उमेश भाई शर्मा के द्वारा भगवान कुंथुनाथ का अठारहा अभिषेक व विशेष द्रव्यों के साथ भव्य महामस्तक अभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच हुए इस अभिषेक ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। संगीतकार उमेश भाई शर्मा व अन्य कलाकारों ने “एक जन्म्यो राज दुलारो…” जैसे भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इससे स्थानीय समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार भी हुआ।
जीवदया: बेजुबानों के प्रति दिखाया सेवा भाव
जीवदया: बेजुबानों के प्रति दिखाया सेवा भाव
इस वर्ष महोत्सव के दौरान ‘अहिंसा परमो धर्म’ के मूल मंत्र को सार्थक करते हुए जीवदया के विशेष कार्य किए गए:
- गौ-सेवा: भीषण गर्मी को देखते हुए मंडल द्वारा गौशाला में गोमाता के लिए 12 सौ किलो ठंडे कलिंगर (तरबूज) का वितरण किया गया।
- श्वान सेवा: बेसहारा श्वानों के लिए विशेष रूप से पौष्टिक लापसी बनाई गई और उन्हें खिलाई गई।
- पक्षी बचाओ अभियान: पक्षियों के लिए दाना-पानी और परिंडों की व्यवस्था कर मंडल के सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
यह पहल दर्शाती है कि कुंथुनाथ जन्म कल्याणक सुराणा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मानवीय संवेदनाओं का भी उत्सव है।
सामाजिक समरसता और बहुमान
सामाजिक समरसता और बहुमान मंडल के अध्यक्ष मुकेश सेठिया और सलाहकार के विक्रम सुराणा ने बताया कि मंदिर परिसर के बाहर ‘छत्तीस कौम’ के लोगों को लड्डू बांटकर उनका मुंह मीठा कराया गया, जो सामाजिक एकता का प्रतीक बना। कार्यक्रम के अंत में संगीतकारों और विधिकारक पुजारियों का मंडल द्वारा बहुमान किया गया।यह आयोजन समाज में भाईचारे और एकता का मजबूत संदेश देता है
अत्यंत खुशी एवं पुण्य की बात की हमारे मण्डल द्वारा निरंतर 13 वर्षो से अपनी जन्मभूमि पर अपने गांव के मुलनायक श्री कुंथुनाथ भगवान का जन्मकल्याणक दिवस पर अठारहा अभिषेक एवं जिवदया जैसा श्रेष्ठ कार्य करने का सोभागय हमारे ग्रुप को प्राप्त होता है,और उसी दिन छतिश कौम के लोगों को लडु से मुंह मिठा करवाकर प्रमात्मा का जन्मकल्याणक दिवस मनाना,यह बहुत खुशी जैसा माहौल देखनें को मिलता है।
के विक्रम सुराणा ने बताया की आस पास लगभग 300 से अधिक गांव होंगे,मुलनायक भगवान का जन्मकल्याणक उत्सव सुराणा में ही मनाया जाता है।
महावीर स्वामी एवं पार्श्वनाथ भगवान या आदिनाथ भगवान का जन्मकल्याणक का आयोजन तो प्रत्येक गांव में होता है।परन्तु गांव के मुलनायक का अगर जन्मकल्याणक दिवस का आयोजन होता है तो मात्र सुराणा गांव में श्री कुंथुनाथ राजेन्द्र नवयुवक मंडल सुराणा द्वारा 13 वर्षो से आयोजित होता है।यह मुझे खुशी है की हमारे गांव में जन्मकल्याणक दिवस बड़े हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जाता है।मण्डल के प्रमुख विनोद कुमारश्री कुंथुनाथ राजेन्द्र नवयुवक मंडल सुराणा द्वारा प्रमात्मा का अठारहा अभिषेक,लडु वितरण का आयोजन,चबुतरे वितरण,गांयो के लिए कलिंगर खिलाने का आयोजन,लापसी का आयोजन, कुत्तों के लिए दुध बिस्कीट व संगीतकार के साथ मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण।
उपाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार इस समय शांतिलालजी अंदाणी कुशलराजजी, अशोकजी,अरविंद भाई,मनिष भाई,प्रविण भाई मुथा, संगीतकार उमेश भाई शर्मा,विधिकारक विजय भाई बरोड़ा, पुजारी अजय भाई,लक्ष्मण भाई,व संकल संघ उपस्थित रहा।





