कोतमा में प्रस्फुटन शक्ति संचय कार्यक्रम का भव्य आयोजन: जनभागीदारी और आत्मनिर्भर समाज निर्माण का लिया गया संकल्प
संवाददाता: अभिषेक त्रिवेदी, अनूपपुर
कोतमा (अनूपपुर)। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड कोतमा के तत्वावधान में बीआरसी भवन, जनपद पंचायत कोतमा में प्रस्फुटन शक्ति संचय कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय मासिक बैठक एवं प्रशिक्षण सत्र का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, नवांकुर संस्थाओं, प्रस्फुटन समितियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया तथा जनभागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
बैठक में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, सामाजिक जागरूकता बढ़ाने, सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने और आगामी सामाजिक गतिविधियों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न जनहितकारी अभियानों की जानकारी भी दी गई और उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को सम्मानित किया गया।
समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक मासिक बैठक तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर विकास, सेवा और जनसहभागिता की भावना को मजबूत करने का प्रयास था।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के प्रत्येक नागरिक को विकास प्रक्रिया से जोड़ना, सरकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाना तथा सामाजिक संगठनों को अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने समाज हित में निरंतर कार्य करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
बीआरसी भवन में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन बीआरसी भवन, जनपद पंचायत कोतमा में किया गया, जहां विकासखंड के विभिन्न क्षेत्रों से नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि, प्रस्फुटन समितियों के सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।
पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय सहभागिता निभाई तथा सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।
दिलीप शुक्ला ने किया प्रभावी संचालन
कार्यक्रम का संचालन नामांकुर संस्था के प्रतिनिधि दिलीप शुक्ला ने किया।
उन्होंने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं प्रेरणादायी तरीके से संचालित करते हुए विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को समाज सेवा, जनसहभागिता और शासन की योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
संचालन के दौरान उन्होंने उपस्थित सदस्यों को सामाजिक जिम्मेदारियों का महत्व समझाते हुए कहा कि समाज के विकास में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
इन प्रमुख अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
मुख्य अतिथियों में शामिल रहे—
- वरिष्ठ भाजपा नेता एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष जीवन सिंह
- वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं जनपद पंचायत उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह
- आजीविका मिशन से रजनीश सिंह
- विकासखंड समन्वयक सरीमन साकेत
इनके अतिरिक्त विभिन्न नवांकुर संस्थाओं एवं प्रस्फुटन समितियों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
बड़ी संख्या में शामिल हुए सामाजिक कार्यकर्ता
कार्यक्रम में नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि—
- ओंकार सिंह
- निखिल कुमार सैनी
- हिरेंद्र तिवारी
- महेंद्र यादव
- दिलीप शुक्ला
सहित परामर्शदाता—
- रश्मि रैकवार
- सरिता मिश्रा
- कीर्ति राज जैन
- अजय द्विवेदी
और प्रस्फुटन समितियों के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सभी प्रतिभागियों ने सामाजिक विकास के विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
जनभागीदारी को मजबूत बनाने पर हुआ मंथन
बैठक का प्रमुख विषय समाज में जनभागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।
प्रतिभागियों ने चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब समाज स्वयं उनकी जानकारी प्राप्त करेगा और उनके क्रियान्वयन में सक्रिय सहयोग देगा।
इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में संचालित सामाजिक गतिविधियों की समीक्षा भी की गई तथा आगामी कार्ययोजना तैयार करने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाई जाएगी।
वक्ताओं ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही वास्तविक विकास का आधार है।
इसके लिए नवांकुर संस्थाओं, प्रस्फुटन समितियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी गई।
‘एक पेड़ मां के नाम’ सहित कई अभियानों की दी जानकारी
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न जनहितकारी अभियानों पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण रहा।
दिलीप शुक्ला ने प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित—
- एक पेड़ मां के नाम अभियान
- नवांकुर सखी अभियान
- हर घर तिरंगा अभियान
सामाजिक जागरूकता और जनसहभागिता को मजबूत करने वाले महत्वपूर्ण अभियान हैं।
उन्होंने इन अभियानों के उद्देश्य, कार्यप्रणाली और समाज में उनके सकारात्मक प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रस्फुटन समितियों की भूमिका पर दिया गया मार्गदर्शन
कार्यक्रम के समापन सत्र में विकासखंड समन्वयक सरीमन साकेत ने प्रस्फुटन समितियों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि प्रस्फुटन समितियां केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने, लोगों को संगठित करने और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने समितियों से अपेक्षा की कि वे गांव स्तर पर लोगों को शासन की योजनाओं से जोड़ने का कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से करें।
आत्मनिर्भर समाज निर्माण पर दिया गया विशेष बल
कार्यक्रम के दौरान सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आत्मनिर्भर समाज का निर्माण केवल शासन के प्रयासों से संभव नहीं है।
जब तक समाज स्वयं जागरूक होकर विकास की प्रक्रिया में भागीदारी नहीं करेगा, तब तक स्थायी विकास संभव नहीं हो सकता।
इसलिए प्रत्येक नागरिक को सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सेवा और जनजागरण की भावना से कार्य करना चाहिए।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया गया सम्मानित


कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सदस्यों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथियों एवं विकासखंड समन्वयक ने सम्मानित प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समाज सेवा के प्रति लोगों को और अधिक प्रेरित करते हैं।
उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से भविष्य में भी इसी उत्साह के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
सेवा और समर्पण का दिया संदेश
मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि समाज सेवा किसी एक व्यक्ति का कार्य नहीं बल्कि सामूहिक प्रयास है।
यदि प्रत्येक नागरिक अपने क्षेत्र में छोटी-छोटी जिम्मेदारियों का भी ईमानदारी से निर्वहन करे तो समाज में बड़े सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं।
उन्होंने उपस्थित सभी सदस्यों से सेवा, समर्पण और जनजागरण की भावना के साथ कार्य करने का आग्रह किया।
सुरुचि भोज से बढ़ा आपसी सौहार्द
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों के लिए सुरुचिपूर्ण सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने एक-दूसरे से विचारों का आदान-प्रदान किया, जिससे आपसी सहयोग और सामाजिक समन्वय की भावना और मजबूत हुई।
“जागरूक समाज ही विकास की पहचान“
कार्यक्रम के समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि—
“जब समाज जागरूक होता है, तभी विकास की नई इबारत लिखी जाती है।”
इसी संदेश के साथ सभी प्रतिभागियों ने जनभागीदारी को जनआंदोलन का रूप देने और आत्मनिर्भर, जागरूक एवं सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
दिलीप शुक्ला ने व्यक्त किया आभार
कार्यक्रम के अंत में नवांकुर संस्था प्रतिनिधि दिलीप शुक्ला ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति तभी संभव है जब सभी लोग मिलकर सेवा, सहयोग और सहभागिता की भावना के साथ कार्य करें।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा कोतमा में आयोजित प्रस्फुटन शक्ति संचय कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता, जनभागीदारी और आत्मनिर्भर समाज निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। कार्यक्रम में शासन की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी, सामाजिक दायित्वों पर मंथन, विभिन्न अभियानों का प्रशिक्षण तथा उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं का सम्मान जैसे कई महत्वपूर्ण आयाम देखने को मिले। आयोजन ने यह संदेश दिया कि शासन और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही एक जागरूक, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।
