INDIA गठबंधन की बैठक के बाद खरगे ने मांगा CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR से पहले की मतदाता सूची इस्तेमाल करने की मांग
नई दिल्ली में हुई बैठक में 20 पार्टियां शामिल; कांग्रेस अध्यक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। INDIA गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े विवाद पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने भविष्य के चुनावों में पुनरीक्षण से पहले वाली मतदाता सूची इस्तेमाल करने की मांग भी रखी। साझा रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली में आयोजित गठबंधन की इस बैठक में 20 राजनीतिक पार्टियां शामिल हुईं। बैठक के बाद सामने आए खरगे के बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा और पुरानी मतदाता सूची का उपयोग प्रमुख मुद्दे रहे।
नई दिल्ली में जुटीं गठबंधन की 20 पार्टियां
INDIA गठबंधन की बैठक में विभिन्न सहयोगी दलों ने भाग लिया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसमें शामिल पार्टियों की संख्या 20 थी। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने SIR विवाद को लेकर गठबंधन की चर्चा से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात सामने रखी।
हालांकि, साझा विवरण में शामिल सभी दलों और उनके प्रतिनिधियों के नाम नहीं दिए गए हैं। बैठक के विस्तृत प्रस्ताव या किसी लिखित संयुक्त बयान का ब्योरा भी उपलब्ध नहीं है। इसलिए खरगे की ओर से सामने आई मांगों को उनके बयान के आधार पर ही प्रस्तुत किया जा रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ने की मांग की। उनका यह बयान SIR से जुड़े विवाद के संदर्भ में आया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने बैठक के बाद इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए इस्तीफे की मांग सामने रखी।
यह राजनीतिक मांग है। साझा खबर में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने या पद छोड़ने के किसी निर्णय की जानकारी नहीं है। इसी तरह, उनके खिलाफ किसी विशिष्ट मामले में निष्कर्ष अथवा कार्रवाई का विवरण भी उपलब्ध अंश में शामिल नहीं है। खबर का प्रमुख तथ्य खरगे की ओर से उठाई गई मांग है।
भविष्य के चुनावों में पुरानी वोटर लिस्ट की मांग
खरगे ने भविष्य के चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची इस्तेमाल करने की मांग भी की। इस तरह उनका बयान केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मतदाता सूची से भी संबंधित था।
उपलब्ध विवरण में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उनकी मांग किन राज्यों अथवा किन आगामी चुनावों के संदर्भ में है। किस तारीख की मतदाता सूची इस्तेमाल करने की बात कही गई, इसका भी उल्लेख नहीं है। इन बिंदुओं पर विस्तृत बयान सामने आने से मांग का दायरा अधिक स्पष्ट हो सकेगा।
SIR विवाद रहा बयान का प्रमुख विषय
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर उठे विवाद के संदर्भ में कांग्रेस अध्यक्ष ने दोनों मांगें रखीं। पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी से संबंधित है, जबकि दूसरी मतदाता सूची के उपयोग से जुड़ी है। दोनों विषय निर्वाचन व्यवस्था पर विपक्ष की आपत्तियों को सामने रखते हैं।
हालांकि, साझा सामग्री में किसी विशेष क्षेत्र के मतदाताओं की संख्या, नाम हटाने के आंकड़े या संबंधित दस्तावेज नहीं दिए गए हैं। इसलिए इस खबर के आधार पर किसी निश्चित संख्या में मतदाताओं के प्रभावित होने का दावा नहीं किया जा सकता। उपलब्ध जानकारी बैठक और उसके बाद दिए गए बयान तक सीमित है।
संयुक्त निर्णय का विस्तृत ब्योरा अभी उपलब्ध नहीं
बैठक में 20 पार्टियों की मौजूदगी बताई गई है, लेकिन प्रत्येक दल की अलग प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। खरगे की मांगों पर सभी दलों की सहमति का लिखित विवरण भी साझा अंश में नहीं दिया गया है।
फिलहाल बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष का रुख सामने आया है। निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया और गठबंधन के विस्तृत बयान से आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। उपलब्ध रिपोर्ट में आयोग का जवाब शामिल नहीं है।
