राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के नेतृत्व में पंचवटी भेड़ाघाट से निकली कांवड़ यात्रा, 121 किमी का सफर तय कर पहुंचेगी बांदकपुर
संवाददाता — सोनू अठया, स्वराज वाणी, दमोह (मध्य प्रदेश)
पांच दिवसीय कांवड़ यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; तेंदूखेड़ा से सांगा पहुंची यात्रा, भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद, स्कूली सामग्री वितरण और पौधरोपण से दिया सामाजिक सरोकार का संदेश
दमोह। भगवान शिव की आराधना और धार्मिक आस्था के साथ प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी के नेतृत्व में पंचवटी भेड़ाघाट से प्रारंभ हुई पांच दिवसीय कांवड़ यात्रा पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ रही है। कांवड़ यात्रा करीब 121 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए प्रसिद्ध देव श्री जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर पहुंचेगी। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा कांवड़ियों का स्वागत किया जा रहा है।
यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और सामाजिक सेवा का संदेश भी दिया जा रहा है। यात्रा के दौरान स्कूलों में विद्यार्थियों को निशुल्क शैक्षणिक सामग्री वितरित करने के साथ पौधरोपण भी किया गया। आयोजकों का प्रयास है कि भगवान शिव की भक्ति के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी लोगों तक पहुंचे।
पंचवटी भेड़ाघाट से शुरू हुई पांच दिवसीय कांवड़ यात्रा
पांच दिवसीय कांवड़ यात्रा का शुभारंभ पंचवटी भेड़ाघाट से हुआ। राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शिवभक्त कांवड़ लेकर यात्रा में शामिल हुए हैं। यात्रा का अंतिम पड़ाव देव श्री जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर होगा।
पंचवटी भेड़ाघाट से बांदकपुर तक लगभग 121 किलोमीटर की यात्रा पैदल तय की जा रही है। कांवड़िए भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यात्रा मार्ग पर भक्तिमय गीत-संगीत और भगवान शिव के जयघोष से वातावरण धार्मिक रंग में रंगा नजर आ रहा है।
कांवड़ यात्रा जिस भी क्षेत्र से गुजर रही है, वहां स्थानीय श्रद्धालु उत्साह के साथ यात्रा का स्वागत कर रहे हैं। कई स्थानों पर कांवड़ियों के लिए जलपान, भोजन और विश्राम की व्यवस्था भी की जा रही है।
सांसद राहुल सिंह लोधी और भाजपा जिलाध्यक्ष भी हुए शामिल
कांवड़ यात्रा में दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु भी कांवड़ियों के साथ यात्रा में शामिल होकर भगवान शिव की आराधना कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच यात्रा लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है। कांवड़ियों के हाथों में कांवड़ और भगवान शिव के जयकारों से पूरा मार्ग भक्तिमय नजर आ रहा है।
यात्रा में अलग-अलग आयु वर्ग के श्रद्धालुओं की भागीदारी देखने को मिल रही है। स्थानीय ग्रामीण भी यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत कर धार्मिक आयोजन में अपनी सहभागिता दर्ज करा रहे हैं।
तीसरे दिन तेंदूखेड़ा से आगे बढ़ी यात्रा
पांच दिवसीय कांवड़ यात्रा के तीसरे दिन यात्रा तेंदूखेड़ा से प्रारंभ हुई। सुबह से ही कांवड़ियों में उत्साह देखने को मिला। भगवान शिव के जयकारों के साथ श्रद्धालु अपने अगले पड़ाव की ओर रवाना हुए।
तेंदूखेड़ा से निकलने के बाद यात्रा विभिन्न स्थानों से गुजरते हुए दोपहर के समय ग्राम सांगा पहुंची। यहां स्थानीय स्तर पर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के स्वागत की व्यवस्था की गई थी।
यात्रा के सांगा पहुंचने पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में कांवड़ियों और स्थानीय लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन से जुड़े लोगों ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं कीं।
धार्मिक यात्रा के साथ सामाजिक सेवा का संदेश

कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रखते हुए इसके माध्यम से सामाजिक सरोकारों का संदेश भी दिया जा रहा है। यात्रा के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की पहल करते हुए स्कूल के छात्र-छात्राओं को निशुल्क स्कूली सामग्री वितरित की गई।
विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराकर शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। यात्रा से जुड़े लोगों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज के जरूरतमंद वर्ग तक सहायता पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है।
इसी उद्देश्य के तहत कांवड़ यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर सामाजिक गतिविधियों को भी शामिल किया गया है।
तेजगढ़ स्कूल परिसर में किया पौधरोपण
कांवड़ यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रमुखता से दिया गया। तेजगढ़ स्थित स्कूल परिसर में पौधरोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण को हरा-भरा रखने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया गया।
पौधरोपण के माध्यम से लोगों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन में शामिल लोगों ने कहा कि पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल भी जरूरी है, तभी पौधरोपण का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सकेगा।
धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण की इस पहल को स्थानीय लोगों ने भी सराहा।
राज्यमंत्री लोधी का परिवार भी यात्रा में शामिल
राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के साथ उनके अनुज सत्येंद्र सिंह लोधी सहित परिवार के सदस्य भी कांवड़ यात्रा में लगातार शामिल हो रहे हैं। परिवार के सदस्य कांवड़ियों के साथ यात्रा करते हुए श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ा रहे हैं।
यात्रा के दौरान अलग-अलग पड़ावों पर स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के लोगों द्वारा कांवड़ियों का स्वागत किया जा रहा है। इससे यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह और बढ़ रहा है।
जयकारों से गूंज रहा यात्रा मार्ग
कांवड़ यात्रा के दौरान भक्तिमय संगीत और भगवान भोलेनाथ के जयकारों से पूरा यात्रा मार्ग शिवमय नजर आ रहा है। श्रद्धालु धार्मिक उत्साह के साथ कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। जगह-जगह लोगों द्वारा कांवड़ियों का अभिनंदन किया जा रहा है।
यात्रा के दौरान भगवान शिव की आराधना के साथ श्रद्धालुओं को सामाजिक एकता, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता के कारण यात्रा के पड़ावों पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है।
121 किलोमीटर का सफर पूरा कर पहुंचेगी जागेश्वरनाथ धाम
पंचवटी भेड़ाघाट से शुरू हुई यह पांच दिवसीय कांवड़ यात्रा लगभग 121 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बांदकपुर स्थित देव श्री जागेश्वरनाथ धाम पहुंचेगी। यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के साथ यात्रा का धार्मिक उद्देश्य पूर्ण होगा।
कांवड़ यात्रा के आगे बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं का उत्साह भी लगातार बना हुआ है। आस्था, सामाजिक सेवा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ रही इस यात्रा को मार्ग में स्थानीय लोगों का समर्थन और स्वागत मिल रहा है।
राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के नेतृत्व में निकली यह कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हुए अपने अंतिम पड़ाव देव श्री जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर की ओर बढ़ रही है।
