Jhaknawada स्कूल में सेवानिवृत्त एवं स्थानांतरित शिक्षकों को भावभीनी विदाई, 30 वर्षों की सेवा का हुआ सम्मान
शिक्षा के प्रति समर्पण को विद्यालय परिवार ने किया नमन
पीएम श्री शासकीय विद्यालय Jhaknawada में शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक योगदान देने वाले सेवानिवृत्त एवं स्थानांतरित शिक्षक-शिक्षिकाओं के सम्मान में एक भव्य और भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत, समर्पण और शिक्षा के प्रति निष्ठा को सम्मान देने का अवसर बन गया।
कार्यक्रम में पूरा विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राएं, ग्रामीणजन और शिक्षण स्टाफ शामिल हुआ। जैसे-जैसे शिक्षकों के योगदान की बातें सामने आती गईं, माहौल भावुक होता चला गया। कई शिक्षकों और विद्यार्थियों की आंखें नम हो गईं।
लगभग तीन दशक की सेवा के बाद सुल्तान सिंह मचार को विदाई
शासकीय प्राथमिक विद्यालय खिंदाखो-बोरिया में लगभग 30 वर्षों तक अपनी सेवाएं देने वाले शिक्षक सुल्तान सिंह मचार के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
विद्यालय परिवार ने उन्हें पारंपरिक तरीके से दुपट्टा, पुष्पमाला, साफा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान वक्ताओं ने उनके लंबे कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल शिक्षा दी बल्कि विद्यार्थियों के जीवन निर्माण में भी अहम भूमिका निभाई।
उनकी सरलता, अनुशासन और बच्चों के प्रति समर्पण को पूरे क्षेत्र में प्रेरणादायक बताया गया। समारोह के अंत में उन्हें सम्मानपूर्वक उनके निवास स्थान तक विदा किया गया, जहां ग्रामीणों ने भी उनका स्वागत और सम्मान किया।
स्थानांतरण पर शिक्षकों को दी गई भावभीनी विदाई
इस अवसर पर विद्यालय में कार्यरत कई शिक्षक-शिक्षिकाओं के स्थानांतरण पर भी विदाई समारोह आयोजित किया गया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे—
- श्रीमती पार्वती चौहान (विज्ञान विषय शिक्षिका), जिन्होंने लगभग 23 वर्षों तक सेवा दी और अब उनका स्थानांतरण धार जिले में हुआ
- संदीप पाटीदार, जिन्होंने अंग्रेजी एवं कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया
- पूजा कटारे, प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका
- मीरा जामोद, कन्या प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका
- ममता राजावत, प्राथमिक विद्यालय सेमलिया की शिक्षिका
इन सभी शिक्षकों को विद्यालय परिवार द्वारा स्मृति चिन्ह और उपहार भेंट किए गए। उनके कार्यकाल को याद करते हुए सहकर्मियों और विद्यार्थियों ने उनके योगदान को सराहा।
विद्यालय में भावनात्मक माहौल, छात्रों ने भी व्यक्त किया आभार
विदाई समारोह के दौरान वातावरण अत्यंत भावुक हो गया। विद्यार्थियों ने अपने प्रिय शिक्षकों को याद करते हुए उनके मार्गदर्शन और स्नेह के लिए धन्यवाद दिया। कई छात्र-छात्राएं अपने शिक्षकों से लिपटकर भावुक हो गए।
शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि झकनावदा विद्यालय उनके लिए केवल कार्यस्थल नहीं बल्कि परिवार जैसा रहा है। उन्होंने यहां के सहयोगी स्टाफ, छात्रों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उपहार और स्मृति चिन्ह से किया गया सम्मान
समारोह के दौरान सभी सेवानिवृत्त एवं स्थानांतरित शिक्षकों को स्मृति चिन्ह और उपहार भेंट किए गए। संकुल परिवार की ओर से यह सम्मान उनके योगदान के प्रतीक के रूप में दिया गया।
कार्यक्रम में यह संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि शिक्षा केवल एक पेशा नहीं बल्कि समाज निर्माण का माध्यम है और शिक्षक इस प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं।
शिक्षकों के अनुभव और भावनाएं
स्थानांतरित शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि झकनावदा में बिताया गया समय उनके जीवन का सबसे यादगार समय रहा है। उन्होंने कहा कि यहां उन्हें न केवल कार्य का अवसर मिला बल्कि सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव भी प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा कि यहां के ग्रामीणों और विद्यालय परिवार से मिला स्नेह हमेशा उनकी यादों में रहेगा। सभी शिक्षकों ने उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने नए कार्यस्थल पर भी पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
विद्यालय परिवार और ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका
इस आयोजन में विद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी, जन शिक्षक और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने यह दिखाया कि जब समाज और शिक्षा संस्थान एक साथ आते हैं तो एक मजबूत और भावनात्मक संबंध बनता है।
संकुल प्राचार्य रमेश कुमार चौरसिया ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज के निर्माता होते हैं और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। अन्य शिक्षकों ने भी सेवानिवृत्त एवं स्थानांतरित शिक्षकों के कार्यों की सराहना की।
प्रमुख उपस्थित लोग
इस अवसर पर अनेक गणमान्य लोग और शिक्षक उपस्थित रहे, जिनमें नारायण दास बैरागी, कैलाश कटारा, मोनू सोलंकी, कलावती मकवाना, दिनेश बघेल, हेमेन्द्र कुमार जोशी, श्रीकांत यादव, लक्ष्मी चौधरी, ललिता बर्फा, प्रतिभा सोलंकी, रंजना बर्फा, आरती लच्छेटा, जन शिक्षक सुरेंद्र सिंगाड, दिनेश राठौड़, अरविंद मेड़ा, प्रदीप मेड़ा, नाथूलाल चारण, वर्दीचंद सिंगाड सहित अनेक लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम का संचालन शत्रुघ्न मालवीय ने किया और आभार प्रदर्शन दिनेश बघेल द्वारा किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में योगदान का सम्मान
यह विदाई समारोह इस बात का प्रतीक था कि शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों तक सेवा देने वाले शिक्षक समाज के लिए कितने महत्वपूर्ण होते हैं। उनके योगदान को केवल एक दिन के समारोह में समेटा नहीं जा सकता, बल्कि यह समाज की प्रगति की नींव है।
विद्यालय परिवार ने यह संदेश दिया कि शिक्षक चाहे सेवानिवृत्त हों या स्थानांतरित, उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
निष्कर्ष
झकनावदा पीएम श्री शासकीय विद्यालय में आयोजित यह विदाई समारोह एक भावनात्मक और प्रेरणादायक आयोजन था, जिसमें शिक्षकों की लंबी सेवाओं को सम्मानपूर्वक याद किया गया। लगभग 30 वर्षों तक शिक्षा देने वाले शिक्षकों से लेकर स्थानांतरित शिक्षकों तक सभी को सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि शिक्षक केवल ज्ञान के वाहक नहीं बल्कि समाज के मार्गदर्शक और निर्माता होते हैं।
यह कार्यक्रम न केवल विदाई का अवसर था, बल्कि शिक्षा के प्रति समर्पण और सम्मान का जीवंत उदाहरण भी बन गया।
