स्कूली वाहनों की सघन जांच अभियान में नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई, कई वाहन जप्त
बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने चलाया संयुक्त अभियान
Jhabua ,पेटलावद मनीष कुमट। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार सुबह स्कूली वाहनों की सघन जांच के लिए संयुक्त अभियान चलाया। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशन में जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती कृतिका मोहटा और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर स्कूल वाहनों की जांच की।
अभियान के दौरान स्कूल बसों, वैन और बच्चों के परिवहन में उपयोग किए जा रहे अन्य वाहनों के दस्तावेज, परमिट, बीमा, फिटनेस, क्षमता और वाहन की भौतिक स्थिति की जांच की गई। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कई वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें जप्त किया गया और चालानी कार्रवाई की गई।
जेल तिराहा पर तीन वाहन जप्त
संयुक्त जांच दल ने सबसे पहले जेल तिराहा क्षेत्र में स्कूली वाहनों की जांच की। इस दौरान कुल तीन वाहन नियमों के उल्लंघन के चलते कार्रवाई के दायरे में आए।
जांच में लक्ष्य अकादमी स्कूल से संबंधित एक वाहन द्वारा आवश्यक परमिट के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद उक्त वाहन को रिलीज कर दिया गया। वहीं, दो निजी श्रेणी के वाहन बिना निर्धारित नियमों के संचालित पाए गए, जिन्हें मौके पर जप्त कर लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि बच्चों के परिवहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी वाहन संचालकों को शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
सांदीपनि स्कूल में सभी बसों के दस्तावेज मिले पूर्ण
इसके बाद जांच दल ने सांदीपनि स्कूल, कल्याणपुरा पहुंचकर वहां संचालित स्कूल बसों का निरीक्षण किया। विद्यालय परिसर में कुल पांच स्कूल बसें खड़ी मिलीं।
जांच के दौरान सभी बसों के दस्तावेज पूर्ण पाए गए। वाहनों की फिटनेस, भौतिक स्थिति और अन्य आवश्यक मानकों की जांच में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन की व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि सभी स्कूल संचालकों को इसी प्रकार नियमों का पालन करना चाहिए।
क्रिएटिव कॉन्वेंट स्कूल में क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन मिला
संयुक्त दल ने क्रिएटिव कॉन्वेंट स्कूल, कल्याणपुरा में भी जांच अभियान चलाया। यहां जांच के दौरान पांच ऐसे वाहन पाए गए, जिनका उपयोग विद्यार्थियों को लाने-ले जाने के लिए अभिभावकों द्वारा निजी रूप से किराये पर किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि इन वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर परिवहन किया जा रहा था। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर उल्लंघन को देखते हुए संबंधित सभी पांच वाहनों को जप्त कर कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों को क्षमता से अधिक संख्या में बैठाकर ले जाना बेहद जोखिमपूर्ण है। ऐसे मामलों में वाहन संचालकों के साथ-साथ विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

विद्यालय प्रबंधन को रिकॉर्ड रखने के निर्देश
जांच के दौरान विद्यालय संचालक श्री अरुण डामोर को निर्देश दिए गए कि स्कूल आने-जाने वाले सभी वाहनों और वाहन चालकों का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।
उन्हें कहा गया कि विद्यालय परिसर से संचालित या विद्यार्थियों के परिवहन में उपयोग होने वाले प्रत्येक वाहन की जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाया जाए।
प्रशासन ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवहन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि स्कूल प्रबंधन, वाहन संचालक और अभिभावकों की भी समान जिम्मेदारी है।
बिना बीमा और ओवरलोडिंग पर चालानी कार्रवाई
जांच अभियान के दौरान एक तूफान वाहन बिना वैध बीमा के संचालित पाया गया। वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3 हजार रुपये का चालान किया गया।
वहीं, एक अन्य तूफान वाहन में निर्धारित क्षमता से 25 बच्चे अधिक बैठाकर परिवहन किया जा रहा था। इस गंभीर लापरवाही पर संबंधित वाहन के खिलाफ 5 हजार रुपये का चालान किया गया।
इसके अलावा अन्य मामलों में भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान
जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती कृतिका मोहटा ने बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहनों और वाहन संचालकों के खिलाफ आगे भी लगातार संयुक्त जांच अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन द्वारा समय-समय पर ऐसे अभियानों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्कूली वाहन सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें।
उन्होंने वाहन संचालकों से अपील की कि वे परमिट, फिटनेस, बीमा सहित सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रखें और बच्चों के परिवहन में निर्धारित नियमों का पालन करें।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
