राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगम्बर जैन महिला संगठन द्वारा आयोजित जीवदया सकोरे वितरण अभियान का चौथा एवं अंतिम चरण Indore के 16 मंदिरों में संपन्न हुआ। जानिए इस प्रेरणादायक सेवा अभियान की पूरी जानकारी।
जीवदया सकोरे वितरण अभियान का चौथा एवं अंतिम चरण संपन्न
जीवदया सकोरे वितरण अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगम्बर जैन महिला संगठन द्वारा संचालित निशुल्क सकोरे वितरण अभियान का चौथा एवं अंतिम चरण एयरपोर्ट क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में अत्यंत उत्साह एवं श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। यह अभियान समाज में जीवदया, सेवा, पर्यावरण संरक्षण एवं पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का एक प्रेरणादायक प्रयास बनकर सामने आया।
राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगम्बर जैन महिला संगठन की जनसंपर्क एवं मीडिया प्रमुख रुचि चोविश्या जैन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि संगठन द्वारा निरंतर समाजहित एवं जीवदया के कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी उपलब्ध कराने हेतु निशुल्क सकोरे वितरण का अभियान चलाया गया, जिसे समाजजनों का व्यापक सहयोग एवं समर्थन प्राप्त हुआ।
आचार्य श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में आयोजन
संगठन के संस्थापक संदीप शीतल पहाड़िया ने जानकारी देते हुए बताया कि अंजनी नगर मंदिर स्थित चंद्रप्रभु मांगलिक भवन में पूज्य आचार्य श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में सकोरे वितरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे और सभी ने पक्षियों के संरक्षण एवं जीवदया के इस पुण्य कार्य की सराहना की।
यहां संयोजिका शैफाली गंगवाल, प्रियंका डोसी, प्रभा गंगवाल, दीपाली बज, खुशबू गोधा, नमिता कासलीवाल, श्वेता काला, संगीता काला, प्रीति मोदी, मनोरमा पाटनी, मोनिका काला, राजकुमार पाटनी, देवेंद्र सोगानी, ऋषभ पाटनी एवं राजेश काला ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
सभी कार्यकर्ताओं ने मिलकर समाजजनों को पक्षियों के लिए घरों, छतों एवं बालकनी में सकोरे रखने हेतु प्रेरित किया। गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक माना जाता है और यही इस जीवदया सकोरे वितरण अभियान का मुख्य उद्देश्य भी रहा।
शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, कालानी नगर Indore में हुआ विशेष वितरण
इसी क्रम में शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, कालानी नगर Indore में वरिष्ठ सदस्य ऊषा पाटनी के मार्गदर्शन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां संयोजिका कुसुम काला, लता पाटनी, प्रभा गंगवाल, छाया पाटनी, मंजू रावका एवं कीर्ति कासलीवाल द्वारा सकोरे वितरित किए गए।
विशेष बात यह रही कि केवल मंदिर परिसर तक ही सीमित न रहकर समाज के परिवारों तक घर-घर सकोरे पहुंचाए गए। इससे अधिक से अधिक लोगों को इस जीवदया सकोरे वितरण अभियान से जोड़ा जा सका।
समाज की महिलाओं ने लोगों को यह संदेश दिया कि जीवदया केवल धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। पक्षियों के लिए पानी रखना छोटे प्रयासों के माध्यम से बड़ा बदलाव लाने जैसा है।
लीड्स एनक्लेव छोटा बांगड़दा मंदिर में दिखा उत्साह
लीड्स एनक्लेव छोटा बांगड़दा Indore मंदिर जी में भी समाज के परिवारों ने बालकनी एवं घरों में पक्षियों हेतु सकोरे रखने के उद्देश्य से उत्साहपूर्वक सकोरे ग्रहण किए।
यहां संयोजिका निरुपमा जैन डोसी (नूरी), मोना गंगवाल एवं शीतल जैन के साथ समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने इस अभियान की सराहना करते हुए इसे समाजहित एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताया।
गर्मी के दिनों में पक्षियों को पानी उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक हो जाता है। ऐसे में जीवदया सकोरे वितरण अभियान समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।
विद्या पैलेस छोटा बांगड़दा Indore मंदिर में भी हुआ आयोजन
दिगम्बर जैन मंदिर, विद्या पैलेस छोटा बांगड़दा Indore में भी सकोरे वितरण कार्यक्रम उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यहां संयोजिका निर्मला पाटनी, बबीता लुहाड़िया, मंजू पहाड़िया, रेणु जैन, इंद्रा अजमेरा एवं प्रीति सेठी ने सहभागिता करते हुए बताया कि क्षेत्र में पक्षियों की संख्या अधिक होने के कारण यह जीवदया का कार्य अत्यंत आवश्यक एवं उपयोगी है।
सभी समाजजनों ने इस अभियान की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से अपने घरों में पक्षियों के लिए पानी रखने की अपील की।
जीवदया सकोरे वितरण अभियान बना सामाजिक जागरूकता का माध्यम
यह जीवदया सकोरे वितरण अभियान केवल सकोरे बांटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से समाज में पर्यावरण एवं जीवों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी दिया गया।आज के समय में बढ़ती गर्मी और शहरीकरण के कारण पक्षियों के लिए जल स्रोत कम होते जा रहे हैं। ऐसे में यदि प्रत्येक परिवार अपने घर की छत, बालकनी या आंगन में पानी से भरा सकोरा रखे तो हजारों पक्षियों का जीवन बचाया जा सकता है।
इस अभियान के माध्यम से समाज की महिलाओं ने यह सिद्ध किया कि सामूहिक प्रयासों से बड़े सामाजिक बदलाव संभव हैं।
महिला संगठन की सामाजिक भूमिका बनी प्रेरणा
अंजू सेठी, दीपिका गंगवाल, प्रभा गंगवाल एवं प्रियंका डोसी ने सभी संयोजकों का आभार व्यक्त किया। अभियान के सुव्यवस्थित एवं सफल संचालन पर संस्थापक संदीप शीतल पहाड़िया एवं अध्यक्ष ज्योति संजय सेठी ने सभी आर्थिक सहयोगियों तथा 16 मंदिरों की संयोजक टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि महिला संगठन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक संवेदनाओं के साथ जीवदया एवं सेवा कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाता है।
यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि समाज की महिलाएं संगठित होकर सकारात्मक दिशा में कार्य करें तो बड़े स्तर पर सामाजिक परिवर्तन संभव हो सकता है।
जीवदया के माध्यम से समाज को मिला सकारात्मक संदेश
इस जीवदया सकोरे वितरण अभियान ने समाज को यह संदेश दिया कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक जीव के प्रति दया, करुणा एवं संवेदनशीलता भी उसका महत्वपूर्ण भाग है।
पक्षियों के लिए पानी रखना एक छोटा प्रयास अवश्य है, लेकिन इससे मानवता एवं जीवदया की भावना मजबूत होती है। समाज में इस प्रकार के अभियान पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होते हैं।
सामूहिक शक्ति से सफल हुआ अभियान
राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगम्बर जैन महिला संगठन द्वारा चलाया गया यह जीवदया सकोरे वितरण अभियान सामूहिक सहयोग, सेवा भावना एवं सामाजिक प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया।
संगठन की सामूहिक शक्ति से बड़े कार्य भी सहजता एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न किए जा सकते हैं। यही कारण है कि इस अभियान को समाजजनों का भरपूर समर्थन प्राप्त हुआ।
निष्कर्ष
Indore में आयोजित जीवदया सकोरे वितरण अभियान ने यह साबित किया कि छोटे-छोटे प्रयास भी समाज में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगम्बर जैन महिला संगठन द्वारा किया गया यह सेवा कार्य न केवल जीवदया का संदेश देता है, बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण एवं संवेदनशीलता की दिशा में प्रेरित भी करता है।
गर्मी के इस मौसम में यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर के बाहर पक्षियों के लिए पानी रखे, तो हजारों जीवों को राहत मिल सकती है। यही इस अभियान का सबसे बड़ा उद्देश्य और संदेश है।



