शव यात्रा के आगे-आगे चली JCB, ग्रामीणों ने खुद बनाया रास्ता; श्मशान तक पहुंचने में हुई परेशानी
राजेश जामलिया की रिपोर्ट।
मोहन बड़ोदिया के निपानिया डेरा फर्स्ट गांव की घटना
मोहन बड़ोदिया (शाजापुर)। श्मशान तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं होने की समस्या ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को उजागर कर दिया। शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया तहसील के ग्राम निपानिया डेरा फर्स्ट में मंगलवार सुबह एक बुजुर्ग महिला की अंतिम यात्रा के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गांव की 63 वर्षीय श्रीमती सुगन बाई पति राजाराम के निधन के बाद जब ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर श्मशान की ओर निकले, तो रास्ता नहीं होने के कारण आगे बढ़ना मुश्किल हो गया। मजबूरी में ग्रामीणों ने तत्काल जेसीबी बुलाकर रास्ता बनवाया।
अंतिम यात्रा के दौरान सामने आई बड़ी समस्या
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सुगन बाई की अंतिम यात्रा निकाली गई। ग्रामीण शव को लेकर श्मशान की ओर जा रहे थे, लेकिन वहां तक जाने के लिए निर्धारित मार्ग उपलब्ध नहीं था।
बारिश और खराब रास्ते के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा था। ऐसे में ग्रामीणों ने तत्काल व्यवस्था करते हुए जेसीबी मशीन की मदद ली।
जेसीबी आगे-आगे चलकर रास्ता बनाती गई और उसके पीछे ग्रामीण शव यात्रा लेकर आगे बढ़ते रहे। यह दृश्य गांव की मूलभूत समस्या को सामने लाने वाला रहा।
ग्रामीणों ने मिलकर बनाया अस्थायी रास्ता
ग्रामीणों ने बताया कि श्मशान स्थल तो बना हुआ है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं होने के कारण हर बार परेशानी होती है। अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण कार्य के समय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मंगलवार को भी ऐसी ही स्थिति बनी, जिसके बाद ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से तत्काल रास्ता तैयार कराया ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
श्मशान मार्ग नहीं होने से लंबे समय से परेशानी
गांव के लोगों का कहना है कि श्मशान तक पहुंचने के लिए पक्के मार्ग की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। बारिश के दिनों में समस्या और बढ़ जाती है।
कच्चा रास्ता खराब होने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को काफी कठिनाई होती है। ग्रामीणों ने कई बार इस समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया था।
पंचायत ने सीसी रोड निर्माण की कही बात
ग्राम पंचायत सचिव दिनेश टेलर ने बताया कि गांव में श्मशान स्थल मौजूद है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए मार्ग का अभाव है। ग्रामीणों ने आपसी सहमति से फिलहाल अस्थायी रास्ता तैयार कर लिया है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही ग्राम पंचायत द्वारा श्मशान मार्ग पर सीसी रोड का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए लगभग 5 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण की योजना बनाई गई है।
स्थायी समाधान की उम्मीद में ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़क होना बेहद जरूरी है। अंतिम यात्रा जैसे संवेदनशील समय में लोगों को इस तरह की परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए जल्द से जल्द पक्के मार्ग का निर्माण होना चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई है कि पंचायत द्वारा प्रस्तावित सीसी रोड निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा और भविष्य में ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मूलभूत सुविधाओं पर फिर उठे सवाल
निपानिया डेरा फर्स्ट की घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पहुंच मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं। गांवों में श्मशान, अस्पताल, स्कूल और अन्य जरूरी स्थानों तक बेहतर पहुंच मार्ग होना आवश्यक है।
फिलहाल ग्रामीणों ने अपने स्तर पर समस्या का समाधान निकालते हुए अंतिम यात्रा पूरी कराई, लेकिन अब सभी की नजर पंचायत द्वारा किए जाने वाले स्थायी सड़क निर्माण पर है।
