—Advertisement—

Javra में गुरु कस्तूर पावन धाम लोकार्पण पर भव्य धर्मसभा, गुरुभक्ति का दिखा अद्भुत समर्पण

Author Picture
Published On: 16 May 2026
Javra में गुरु कस्तूर पावन धाम लोकार्पण पर भव्य धर्मसभा, गुरुभक्ति का दिखा अद्भुत समर्पण

—Advertisement—

Javra में गुरु कस्तूर पावन धाम लोकार्पण पर भव्य आयोजन

Javra (निप्र) की पावन भूमि पर गुरु कस्तूर पावन धाम के लोकार्पण अवसर पर एक विशाल और भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संपूर्ण वातावरण गुरु भक्ति, श्रद्धा, सेवा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं, संत-समुदाय और समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न मुनि-महाराजों और महासतीजी ने अपने प्रवचनों के माध्यम से धर्म, दया, दान और आत्मकल्याण का संदेश दिया।

यह आयोजन न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम रहा, बल्कि समाज में एकता, समर्पण और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने वाला अवसर भी बना। श्रद्धालुओं ने गुरु कस्तूर धाम के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की और इसे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक धरोहर बताया।

गुरु भक्ति और समर्पण का संदेश — प्रवर्तक विजय मुनि जी महाराज

प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जावरा की इस पावन भूमि पर गुरुभक्ति की भावना अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि सेवा, संकल्प, समर्पण और समता की भावना ही सच्चे धार्मिक जीवन की आधारशिला है।

उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति सच्ची निष्ठा केवल पूजा या वंदना तक सीमित नहीं होती, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलना ही वास्तविक गुरुभक्ति है। गुरु कस्तूर पावन धाम इस भाव का जीवंत प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करेगा।

उन्होंने समाज के सभी श्रावक-श्राविकाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में गुरु के आदर्शों को अपनाकर आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ें।

दया, धर्म और दान ही जीवन का मूल आधार — उपाध्याय गौतम मुनि जी महाराज

उपाध्याय डॉ. गौतम मुनि जी महाराज ने अपने प्रवचन में दया, धर्म और दान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह तीनों तत्व मानव जीवन का मूल आधार हैं और इनके बिना कोई भी समाज या व्यक्ति आध्यात्मिक रूप से पूर्ण नहीं हो सकता।

उन्होंने आगम ज्ञान और स्वाध्याय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि गुरु के उपदेशों का अध्ययन और पालन करना प्रत्येक गुरुभक्त का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जब तक व्यक्ति गुरु के ज्ञान को आत्मसात नहीं करता, तब तक उसका आध्यात्मिक विकास अधूरा रहता है।

उन्होंने यह भी कहा कि जैन दिवाकर परंपरा के प्रवचनों का अध्ययन समाज में ज्ञान और संस्कार दोनों को मजबूत करता है। संघ की एकता और मजबूती के लिए स्वाध्याय अत्यंत आवश्यक है।

कर्म और आत्मा का गूढ़ रहस्य — उपप्रवर्तक चंद्रेश मुनि जी महाराज

उपप्रवर्तक श्री चंद्रेश मुनि जी महाराज ने अपने प्रवचन में जीवन, आत्मा और कर्म सिद्धांत पर गहन विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीवात्मा इस संसार में खाली हाथ आती है, लेकिन अपने साथ पाप, पुण्य और कर्मों का लेखा लेकर जाती है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने कर्मों के प्रति सदैव सजग रहना चाहिए क्योंकि वही उसके भविष्य का निर्धारण करते हैं। अच्छे कर्म व्यक्ति को ऊंचाई पर ले जाते हैं, जबकि बुरे कर्म उसे दुख और कष्ट की ओर ले जाते हैं।

उन्होंने गुरु कस्तूरचंद जी महाराज के जीवन का स्मरण करते हुए कहा कि उनके भीतर करुणा, वात्सल्य और दया का अद्भुत प्रवाह था, जो प्रत्येक जीव के प्रति समान रूप से प्रवाहित होता था।

मंत्र शक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का महत्व — महासती डॉ. कुमुदलता जी

महासती डॉ. कुमुदलता जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि मंत्र शक्ति के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन की अनेक समस्याओं, मानसिक विकारों और शारीरिक कष्टों से मुक्ति पा सकता है।

उन्होंने कहा कि गुरु भगवंत केवल मार्गदर्शक ही नहीं होते, बल्कि वे आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत भी होते हैं। जिनके सिर पर गुरु का आशीर्वाद होता है, उनका जीवन संतुलित और सुरक्षित रहता है।

उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में रोटी और ठिकाना आवश्यक है, लेकिन उससे अधिक आवश्यक आत्मिक शांति और गुरु का आशीर्वाद है, जो जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।

गुरु महिमा का स्तवन और भक्ति रस में डूबा वातावरण — डॉ. महाप्रज्ञा जी महाराज

डॉ. महाप्रज्ञा जी महाराज ने स्तवन के माध्यम से गुरु महिमा का गुणगान किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। उनके भजनों और प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

उन्होंने गुरु की महिमा को जीवन के हर क्षेत्र में सर्वोपरि बताया और कहा कि गुरु के बिना ज्ञान, साधना और मोक्ष का मार्ग अधूरा है। उनके शब्दों ने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति और श्रद्धा का संचार किया।

धार्मिक अनुष्ठान और समाज का सहभाग

कार्यक्रम के दौरान नवकारसी, स्वामी वात्सल्य और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लेकर पुण्य अर्जित किया।

समाज के अनेक परिवारों ने नवकारसी के लाभार्थी के रूप में सहभागिता निभाई। इस अवसर पर विभिन्न दानदाताओं और भामाशाहों का सम्मान भी किया गया।

ट्रस्ट और आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जावरा का पूरा समाज इस आयोजन में एकजुट होकर शामिल हुआ।

जीवदया और करुणा का संदेश

संत समाज ने अपने प्रवचनों में जीवदया और करुणा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी प्राणियों के प्रति दया भाव रखना ही सच्चे धर्म का मूल है।

कार्यक्रम से पूर्व दिवाकर भक्त मंडल द्वारा गायों का स्वामी वात्सल्य और जीवदया कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें संतों ने मुक प्राणियों को आशीर्वाद प्रदान किया।

लोकार्पण और शोभायात्रा का भव्य आयोजन

17 मई को प्रातः नवकारसी के बाद गुरु भगवंतों का मंगल प्रवेश चल समारोह आयोजित किया गया। यह शोभायात्रा बीएलएम पैलेस से प्रारंभ होकर गुरु कस्तूर पावन धाम तक पहुंची।

इसके बाद नवीन स्मारक (छत्री) और भवन का लोकार्पण तथा भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम के पश्चात धर्मसभा और स्वामी वात्सल्य का आयोजन भी हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

समाज की एकता और समर्पण का प्रतीक आयोजन

यह संपूर्ण आयोजन जावरा समाज की एकता, समर्पण और धार्मिक आस्था का प्रतीक बना। आयोजन में विभिन्न समाजसेवियों, ट्रस्ट पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम का संचालन पूर्व महामंत्री सुजानमल कोच्चटा ने किया। अंत में गुरु जयकारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत होकर अपने-अपने गंतव्यों की ओर लौटे।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp