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Jain स्टार ग्रुप मझगांव ने मकर संक्रांति पर 40वां जिवदया शिविर आयोजित किया – बच्चों और समाजसेवाओं ने लिया भाग

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Published On: 15 January 2026
Jain Star Group Majhgawan Organizes 40th Animal Welfare Camp on Makar Sankranti – Children and Volunteers Participate
— Jain Star Group Majhgawan Organizes 40th Animal Welfare Camp on Makar Sankranti – Children and Volunteers Participate

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Jain स्टार ग्रुप मझगांव ने मकर संक्रांति पर आयोजित किया 40वां जिवदया शिविर

महाराष्ट्र की मायानगरी मुंबई में पुण्यनगरी सीपी टैंक माधुबाग गौशाला में श्री Jain स्टार ग्रुप मझगांव एवं श्री मुंबई जिवदया मंडल द्वारा मकर संक्रांति पर्व पर जिवदया शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर पिछले 40 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है और यह संस्था समाज में सेवा, दया और संवेदनशीलता का संदेश फैलाने में अग्रणी रही है।

Jain स्टार ग्रुप मझगांव के प्रमुख चंपक वीं जैन ने बताया कि यह शिविर प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित किया जाता है। उनका कहना था कि पहले इस शिविर में 500-600 कबूतर आते थे, जबकि इस वर्ष केवल 8 कबूतर ही आए। उन्होंने यह स्थिति देखकर कहा कि यह दर्शाता है कि मानवता और दया की भावना बढ़ती जा रही है, लेकिन साथ ही भगवान से प्रार्थना की कि ऐसे शिविरों का आयोजन करना कम से कम पड़े।

Camp का उद्देश्य और महत्व

इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जीवों के प्रति संवेदनशीलता, उनके कल्याण और उन्हें सुरक्षा प्रदान करना है। जैन धर्म में जीवों के प्रति करुणा और अहिंसा की भावना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे शिविर समाज में लोगों को यह संदेश देते हैं कि हर जीव का जीवन कीमती है और उनके साथ दयालुता का व्यवहार करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।

चंपक वीं जैन ने बताया कि शिविर में न केवल पक्षियों और जीवों को सुरक्षित रखा गया, बल्कि उन्हें अच्छा आहार और स्वास्थ्य संबंधी देखभाल भी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि “एक छोटे से बच्चे ने कबूतरों को नवकार महामंत्र का पाठ कराया, जो एक प्रेरणादायक दृश्य था और यह दिखाता है कि अगली पीढ़ी भी जीवों के प्रति संवेदनशील है।”

Jain Star Group Majhgawan Organizes 40th Animal Welfare Camp on Makar Sankranti – Children and Volunteers Participate

डॉ. और सेवाभावी का सम्मान

इस वर्ष के शिविर में विभिन्न डॉ. और समाजसेवी व्यक्तियों का भी सम्मान किया गया। इनमें प्रमुख रूप से डॉ. प्रतिक भाई खाके, डॉ. सोहन कांबले, डॉ. अंबालाल रामजी दाभी और अजित भाई शामिल थे। उन्होंने अपने प्रयासों और समाज में सेवा के योगदान के लिए विशेष सम्मान प्राप्त किया।

चंपक वीं जैन ने कहा कि ऐसे लोग समाज में दया, सेवा और करुणा की भावना फैलाने में मदद करते हैं। उनकी प्रेरणा से और अधिक लोग जिवदया शिविरों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।

कबूतर और अन्य जीवों की देखभाल

जैन स्टार ग्रुप का यह शिविर सिर्फ आयोजन तक सीमित नहीं रहता। शिविर में आने वाले जीवों की स्वास्थ्य जाँच, भोजन और आवास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। यह पहल दर्शाती है कि समाज में सिर्फ मनुष्यों की ही नहीं, बल्कि सभी जीवों की भलाई के लिए भी काम करना आवश्यक है।

चंपक वीं जैन ने कहा, “शिविर का असली उद्देश्य यह है कि लोग जानें कि जीवित प्राणी भी हमारे समाज का हिस्सा हैं और उनके प्रति दया भाव रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। हर छोटे बच्चे को यह समझाना कि जीवों के प्रति दया और करुणा जरूरी है, इस शिविर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।”

Camp में बच्चों की भागीदारी

इस शिविर में बच्चों की भागीदारी विशेष रूप से उत्साहवर्धक रही। बच्चों ने कबूतरों को नवकार महामंत्र सुनाया और उन्हें खिलाया। यह गतिविधि न केवल बच्चों में करुणा का भाव विकसित करती है, बल्कि उन्हें यह सिखाती है कि छोटे कदमों से भी समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

चंपक वीं जैन ने कहा, “भविष्य की पीढ़ी को यह सिखाना कि जीवों के प्रति दया भाव रखना आवश्यक है, हमारे समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि हम बच्चों को शिविर में शामिल करने पर विशेष ध्यान देते हैं।”

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40 वर्षों की सेवा की परंपरा

Jain स्टार ग्रुप मझगांव ने 40 वर्षों से लगातार यह शिविर आयोजित किया है। पहले इस शिविर में 500-600 कबूतर आते थे, लेकिन वर्तमान में मात्र 8 कबूतर आए। यह बताता है कि समय के साथ परिवर्तन आया है, लेकिन संस्था की प्रतिबद्धता और सेवा भावना पहले जैसी ही मजबूत है।

चंपक वीं जैन ने कहा कि उनका लक्ष्य यह है कि इस शिविर के माध्यम से समाज में दयाभाव, करुणा और सेवा की भावना को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि ऐसे शिविरों की आवश्यकता जल्दी खत्म हो, लेकिन जब तक यह जरूरत है, वे इसे जारी रखेंगे।

Camp की सामाजिक और धार्मिक महत्वता

मकर संक्रांति जैसे पर्व पर आयोजित इस शिविर का धार्मिक और सामाजिक महत्व भी है। यह शिविर केवल जिवों की सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक संदेश, करुणा और संवेदनशीलता फैलाने का माध्यम भी है।

चंपक वीं जैन ने कहा, “हमारे समाज में जिवदया और अहिंसा की परंपरा को मजबूत करने के लिए ऐसे शिविरों का आयोजन जरूरी है। हम चाहते हैं कि लोग जानें कि हर प्राणी का जीवन महत्वपूर्ण है और उन्हें सम्मान और सुरक्षा प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है।”

निष्कर्ष

श्री Jain स्टार ग्रुप मझगांव और मुंबई जिवदया मंडल द्वारा आयोजित यह शिविर 40 वर्षों की सेवा और करुणा की परंपरा का प्रतीक है। बच्चों से लेकर वृद्धों तक, सभी इस शिविर का हिस्सा बनकर यह संदेश फैलाते हैं कि दयाभाव और सेवा केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे अपने कर्मों के माध्यम से दिखाना चाहिए।

Jain स्टार ग्रुप की यह पहल समाज में दयालुता, संवेदनशीलता और करुणा का संदेश फैलाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। भविष्य में भी इस तरह के शिविर और सामाजिक कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेंगे।

इस प्रकार, मकर संक्रांति पर आयोजित यह जिवदया शिविर न केवल जीवों के कल्याण का प्रतीक है, बल्कि समाज में मानवता, दया और करुणा की भावना को भी मजबूती देता है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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