जैन समाज कुंभकर्ण की निंद्रा में क्यों है? हार्दिक हुंडिया का लेख धर्मप्रेमियों को जागने का आह्वान करता है और गंभीर मुद्दे उठाता है।
जैन समाज कुंभकर्ण की निंद्रा: हार्दिक हुंडिया का बड़ा सवाल
जैन समाज कुंभकर्ण की निंद्रा क्या है
मेरा समाज कुंभकर्ण की निंद्रा में है , जगाने की कोशिशों ना करे ।यदि आप कुंभकर्ण की निंद्रा में नहीं है तो हार्दिक हुंडिया का धर्मप्रेमियो की आँख खोलता ये लेख जरूर पढ़े और कुंभकर्ण की निंद्रा में सोया हुया समाज को जागृत करे ।कब जागेगा धर्म प्रेमी हमारा समाज कुंभ कर्ण की निंद्रा में से : हार्दिक हुंडिया
साधु-साध्वी पर उठते सवाल
१८००० से ज़्यादा साधू साध्वी जी महाराजा का अनमोल समुदाय , जो ख़ुद की आत्मा के कल्याण के साथ साथ हमारी आत्माके कल्याण के लिये दीक्षा ली , वो समुदाय आज अंगुली में गिने जाये इतने साधु साध्वी के वेश में बैठे बहु रूपिये के कारण मेरा धर्म , जैन शासन बदनाम हो रहा है , क्या उनके सामने सख़्त कदम उठाने की ताक़त हमारी नहीं है ? क्या प्रभु महावीर के भक्तों कुंभकर्ण की निंद्रा में सो रहे है ?
हमारी आत्मा के कल्याण के लिये सब कुछ त्याग करने वाले बदनाम हो रहे है ? क्या उपकारीओ का उपकार हमे नहीं दिख रहा है ? क्या हम सभी कुंभकर्ण की निंद्रा में है ?
धर्म और विश्वास पर संकट
सागर चंद्र सागर और विश्व रत्न सागर के कुछ साधु , साधु वेश में नाव में बैठकर सफ़र करते हैं , जैन धर्म प्रेमियो को क्या ये नहीं पता है की वो साधु वेश में जल काय जीवो की हत्या का काम ये साधु वेश में कर रहे है ? कहा है चतुर्विध संघ जो उनको संसारी कपड़ा पहना दे ? इनके ख़िलाफ़ कोई कदम ना उठाने का कारण , क्या मेरा संघ कुंभ कर्ण की निंद्रा में सोया है ?सागर चंद्र सागर के जो फोटो वायरल हुये है क्या उस से प्रभु महावीर के संघों को ये नहीं लगता की हमारे साधु साध्वी जी को दुनिया किस रूप में देखेगी ?
समाज की चुप्पी क्यों?
संघ के मुमुक्षु दीक्षा लेने के बाद साधु साध्वी के रूप में वो काम करते दिखे है जो हम जिंदगी में कभी नहीं सोच सकते ? सोचो , विहार करते अकेले साधु साध्वी भगवंतों पर लोग किस नजर से देखेंगे ?
कुछ ग़लत कार्य करने वाले साधु साध्वी , ऐसे लोगो को संसारी कपड़े पहनाने की ताक़त हमारी नहीं है , क्यों की धर्मप्रेमियो कुंभकर्ण की निंद्रा में है ?
आर्थिक और धार्मिक सवाल
सागर चंद्र सागर ने पत्थर पानी में तरता है , वो पत्थर जो भगवान का नाम देकर कई किलो चाँदी भक्तों से लेकर परमात्मा के नाम भक्तों से विश्वासघात किया , फिर भी उनके सामने बोलने की ताक़त किसी की नहीं है ?
मुंबई गोवा रोड पर सागर चंद्र सागर ने बहुत बड़ा मंदिर के नाम प्रोजेक्ट बनाया , जहाँ पूजा करने वाला कोई नहीं है , जैन घर कोई नहीं है फिर भी भगवान की कई प्रतिमाए , देव देवियो की प्रतिमाओ के नाम बोलिया बोलकर करोड़ो रुपया इकट्ठा करे , वो पैसे कहाँ है ?
विवाद और आरोप
ईडर में दो साधु रंग रेलिया करते पकड़ा गए , जेल में गये फिर भी उनको संसारी कपड़े पहनाने की ताक़त नहीं है ?
पालीताणा जैसे शास्वत तीर्थ में साधुओ के साथ मारपीट करके आने वाले पूना में बैठा विराट सागर एक साध्वीजी को धमकी देता है की तुजे पूना में पैर रखने नहीं दूँगा , ऐसे कुसाधु के ख़िलाफ़ कोई कुछ नहीं करेगा ?
धार्मिक आचरण बनाम राजनीति
एक साधु धर्म के नाम कार्यक्रम करके व्यापार कर रहा है , वो कार्यक्रम में बड़े बड़े राजनेता आते है ।पहले शिवसेना के ख़िलाफ़ बोलना , फिर शिवसेना राज आना तो वहाँ चले जाना ऐसे राज जगतकी लड़ाई कराने वाले साधु के ख़िलाफ़ बोलने की ताक़त नहीं है , समाज कुंभकर्ण की निंद्रा में है ।
हार्दिक हुंडिया की अपील
हार्दिक हुंडिया की दो हाथ जोड़ के बिनती है की मोक्ष मार्ग लेके जाने वाले जैन धर्म को ऐसे बहुरूपिया से बचाओ और कुंभकर्ण की निंद्रा से आप सभी धर्म प्रेमियो जागो ये ही उच्च भावनाओ के साथ हार्दिक हुंडिया
