जैन साधु संतों पर अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) ने सिरोंज थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों पर एफआईआर और सख्त कार्रवाई की मांग की।
जैन साधु संतों पर अमर्यादित टिप्पणी: सख्त कार्रवाई की मांग, आईजा ने सौंपा अहम ज्ञापन
जैन साधु संतों पर अमर्यादित टिप्पणी को लेकर जैन समाज में आक्रोश
जैन साधु संतों पर अमर्यादित टिप्पणी को लेकर जैन समाज और ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जैन संतों के खिलाफ प्रसारित की जा रही कथित आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियों के विरोध में आईजा ने सिरोंज थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सिरोंज में थाना प्रभारी गजेन्द्र सिंह बुंदेला को सौंपे गए ज्ञापन में आईजा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट राजीव जैन सैनानी और भोपाल संभाग अध्यक्ष सौरभ जैन ने बताया कि पिछले कुछ समय से व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया माध्यमों पर मुनि श्री सुधासागर महाराज सहित अन्य जैन साधु-संतों के विरुद्ध आपत्तिजनक संदेश वायरल किए जा रहे हैं।
थाना प्रभारी को सौंपा गया ज्ञापन
ज्ञापन में कहा गया कि कुछ असामाजिक तत्व संगठित रूप से समाज विरोधी अभियान चला रहे हैं। इसके लिए सोशल मीडिया समूहों का उपयोग कर सीधे-सादे युवाओं को भड़काया जा रहा है तथा समाज में भ्रम और वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
आईजा ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
धार्मिक भावनाओं को पहुंची ठेस
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि जैन धर्म में पंच परमेष्ठी सर्वाधिक पूजनीय माने जाते हैं। आचार्य, उपाध्याय और साधु जैन समाज की श्रद्धा और आस्था के केंद्र हैं।
जैन समाज के अनुसार वर्तमान समय में तीर्थ चक्रवर्ती, जगत पूज्य, निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी महाराज देश के प्रतिष्ठित तपस्वी संतों में शामिल हैं। उनके प्रति जैन और जैनेत्तर समाज में अत्यधिक श्रद्धा और सम्मान है।
आईजा का कहना है कि संतों के विरुद्ध झूठी एवं अपमानजनक टिप्पणियां न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करती हैं।
मुनि श्री सुधासागर महाराज के विरुद्ध वायरल संदेश का मामला
भोपाल संभाग अध्यक्ष सौरभ जैन ने बताया कि 6 जून की शाम लगभग 4 बजे वह अपने घर पर मोबाइल देख रहे थे। इसी दौरान “जागरूक जैन समाज भारत” नामक व्हाट्सएप ग्रुप में एक संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के विरुद्ध कथित रूप से झूठी एवं अपमानजनक टिप्पणियां की गई थीं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि ऐसे संदेश समाज में वैमनस्य फैलाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और अराजकता की स्थिति उत्पन्न करने के उद्देश्य से प्रसारित किए जा रहे हैं। इसलिए संबंधित अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान आईजा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट राजीव जैन, भोपाल संभाग अध्यक्ष सौरभ जैन, पचखनी जैन मंदिर अध्यक्ष डॉ. राजीव जैन बंटी, संजय जैन सियालपुर, आईजा मीडिया प्रभारी राजीव जैन टाइपिंग, पवन जैन भूपत, आकाश जैन, नितिन नगर, दीपेश जैन भौरिया एवं अस्मिक जैन घेतल सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
तीर्थ क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि भी सौंपेंगे ज्ञापन
अशोकनगर में आरोपियों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद विभिन्न जैन तीर्थ क्षेत्रों और संगठनों ने भी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस क्रम में ज्ञानोदय तीर्थ क्षेत्र नरेली (अजमेर), चन्द्रोदय तीर्थ क्षेत्र चांदखेड़ी (राजस्थान), देवोदय तीर्थ क्षेत्र देवगढ़ (उत्तर प्रदेश), पुण्योदय तीर्थ क्षेत्र बजरंगगढ़, दर्शनोदय तीर्थ क्षेत्र थूबोन, शुभोदय तीर्थ क्षेत्र बीनागंज, ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) तथा दिगम्बर जैन पचखनी जैन मंदिर ट्रस्ट सिरोंज के पदाधिकारी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
निष्कर्ष
जैन साधु संतों पर अमर्यादित टिप्पणी को लेकर जैन समाज में व्यापक नाराजगी दिखाई दे रही है। समाज और विभिन्न संगठनों का कहना है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि सामाजिक सौहार्द और धार्मिक सम्मान की रक्षा हो सके।
