—Advertisement—

जैन रत्न अनुपम जैन सम्मानित : काशी हिंदू विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में गौरवपूर्ण सम्मान प्राप्त

Author Picture
Published On: 1 February 2026
WhatsApp Image 2026 01 31 at 9.12.03 PM

—Advertisement—

जैन रत्न अनुपम जैन सम्मानित – काशी हिंदू विश्वविद्यालय की अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रो. अनुपम जैन को जैन दर्शन और भारतीय ज्ञान परंपरा में योगदान हेतु सम्मान।

राजेश जैन दद्दू, इंदौर

जैन रत्न अनुपम जैन सम्मानित : भूमिका

जैन रत्न अनुपम जैन सम्मानित — यह केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारतवर्षीय जैन समाज के लिए गर्व और गौरव का विषय है। दिगंबर जैन समाज के गौरव, प्रख्यात जैन गणित विद्वान, शिक्षाविद और शोधकर्ता प्रो. डॉ. अनुपम जैन को उनकी दीर्घकालीन शैक्षणिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक सेवाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी

जैन रत्न अनुपम जैन सम्मानित होने का यह अवसर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान आया।
इस संगोष्ठी में देश-विदेश के विद्वानों ने भारतीय दर्शन, जैन दर्शन, गणित और संस्कृति पर विचार प्रस्तुत किए।

प्रो. अनुपम जैन का अकादमिक परिचय

जैन रत्न अनुपम जैन सम्मानित प्रो. अनुपम जैन वर्तमान में —

  • तीर्थंकर ऋषभदेव जैन विद्वत महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष

  • प्रमुख जैन गणित विद्वान

  • देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रमुख अन्वेषक

उनका शोध कार्य जैन दर्शन को आधुनिक शिक्षा और गणितीय विमर्श से जोड़ता है।

जैन गणित और भारतीय ज्ञान परंपरा में योगदान

जैन रत्न अनुपम जैन सम्मानित होने का सबसे बड़ा कारण उनका जैन गणित पर अद्वितीय कार्य है।
उन्होंने प्राचीन जैन ग्रंथों में वर्णित गणितीय सिद्धांतों को आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत किया, जिससे वैश्विक स्तर पर भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिली।

जैन समाज के लिए गौरव का क्षण

धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू (इंदौर) ने बताया कि

“जैन रत्न अनुपम जैन सम्मानित होने से सम्पूर्ण जैन समाज गौरवान्वित हुआ है।”

यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि जैन समाज की बौद्धिक परंपरा का वैश्विक सम्मान है।

समाजसेवियों और विद्वानों की प्रतिक्रिया

जैन रत्न अनुपम जैन सम्मानित होने पर बधाई देने वालों में प्रमुख रूप से शामिल रहे —

  • डॉ. जैनेन्द्र जैन

  • टीके वेद

  • हंसमुख गांधी

  • आज़ाद जी जैन

  • अशोक खासगीवाले

  • सुशील पांड्या

  • नरेंद्र वेद
    सभी ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा

जैन रत्न अनुपम जैन सम्मानित होना यह संदेश देता है कि —
✔ ज्ञान
✔ शोध
✔ संस्कृति
✔ परंपरा
इन चार स्तंभों पर चलकर युवा पीढ़ी अंतर्राष्ट्रीय पहचान बना सकती है।

निष्कर्ष

जैन रत्न अनुपम जैन सम्मानित — यह सम्मान भारतीय ज्ञान परंपरा, जैन दर्शन और शिक्षा जगत के लिए मील का पत्थर है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनेगी।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp