भारत वर्षीय जैन समाज गुरुओं का अपमान सहन नहीं करेगा: डॉ. भावेश गुप्ता के विवादित बयान पर देशभर में रोष
इंदौर। श्रमण संस्कृति और जैन आचार्यों के विरुद्ध सोशल मीडिया पर कहे गए अपमानजनक शब्दों के बाद भारत वर्षीय जैन समाज में तीव्र आक्रोश फैल गया है। जैन समाज से जुड़े संगठनों ने स्पष्ट कहा है कि धर्मगुरुओं और परमेष्ठी आचार्यों का अपमान किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वीश्व जैन संगठन एवं राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के प्रतिनिधि राजेश जैन दद्दू और मयंक जैन ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया पर सक्रिय डॉ. भावेश गुप्ता ने अपने कंटेंट के बहाने जैन आचार्यों और साधु–संतों पर अभद्र टिप्पणी की है, जो किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है।
मयंक जैन ने कहा कि यह कृत्य न केवल जैन संस्कृति का अपमान है, बल्कि करोड़ों जैन समाज जनों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला है।
“फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए किया गया कृत्य” – राजेश जैन दद्दू
राजेश जैन दद्दू ने कहा कि डॉ. भावेश गुप्ता ने जैन आचार्यों को अपने कंटेंट का विषय बना लिया है और गलत भाषा का उपयोग कर केवल अपने Followers बढ़ाने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा—
“यह डॉ. गुप्ता की बौद्धिकता का प्रमाण नहीं है। फॉलोअर्स तो उन लोगों के भी होते हैं जो फूहड़ता फैलाते हैं। परन्तु एक डॉक्टर द्वारा ऐसी भाषा का उपयोग करना उसके पेशे पर कलंक है और उसकी मानसिक दिवालियापन की निशानी है।”
दद्दू ने बताया कि डॉ. गुप्ता फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से इंटर्नशिप कर चुके हैं और वर्तमान में डाइटिशियन के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना संपर्क नंबर भी सार्वजनिक किया है— +91 8178 510727।
जैन समाज की मांग – आचार्यों के चरणों में जाकर मांगे माफी
जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि डॉ. भावेश गुप्ता अपने बयान के लिए जैन आचार्यों एवं सम्पूर्ण भारत वर्षीय जैन समाज से सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो उनके विरुद्ध देशभर के थानों में FIR दर्ज कराई जाएगी।
राजेश जैन दद्दू ने स्पष्ट चेतावनी दी—
“यदि समय रहते डॉ. गुप्ता माफी नहीं मांगते हैं, तो पूरे भारत में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सभी खर्च के लिए वही जिम्मेदार होंगे।”
इंदौर जैन समाज के वरिष्ठों का भी कड़ा विरोध
इंदौर दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन, महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झांझरी, हंसमुख गांधी, टी.के. वेद, सुशील पांड्या तथा राष्ट्रीय शिरोमणि संरक्षिका श्रीमती पुष्पा कासलीवाल, रेखा जैन, श्रीफल सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने इस घटना की निंदा की है।
इन सभी ने डॉ. भावेश गुप्ता से आग्रह किया कि वे तुरंत अपने वक्तव्य के लिए समाज से खेद प्रकट करें और आचार्य परमेष्ठी के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए माफी मांगे।
“क्षमा को कमजोरी न समझें” – जैन समाज का आह्वान
मयंक जैन ने कहा कि यदि डॉ. गुप्ता सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो सम्पूर्ण भारत वर्ष में जैन समाज को चाहिए कि वे ऐसे अराजक और दुर्बुद्धि तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें।
उन्होंने अपील की—
“ऐसे लोगों पर FIR कराएँ ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति जैन संतों, जैन साधुओं और आचार्यों का अपमान करने की गुस्ताखी न कर सके। हमारी क्षमा को हमारी कमजोरी न समझा जाए।”
डॉ. भावेश गुप्ता का इंस्टाग्राम हैंडल भी हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर डॉ. गुप्ता का इंस्टाग्राम हैंडल – @diettubeindia भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर उनके विवादित वीडियो को लेकर जैन समाज की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
जैन समाजजन लगातार टिप्पणी कर ऐसे कंटेंट पर रोक लगाने और धार्मिक भावनाओं को आहत न करने की चेतावनी दे रहे हैं।
जैन समाज ने एकजुट होकर दिया संदेश
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत वर्षीय जैन समाज अपने साधु–संतों, आचार्यों और धार्मिक परंपराओं के सम्मान के प्रति एकजुट और दृढ़ है।
जैन समाज के लोग स्पष्ट कह रहे हैं कि किसी भी धर्मगुरु के विरुद्ध अपमानजनक भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
