गुजरात के जैन समाज ने खरीदी 186 लग्ज़री कारें — ₹149 करोड़ की डील में ₹21 करोड़ की बचत
अहमदाबाद, 19 अक्टूबर 2025 – गुजरात के जैन समुदाय ने एक अनोखी और ऐतिहासिक पहल करते हुए समूह-खरीद (Bulk Buying) के माध्यम से 186 लग्ज़री कारें खरीदीं हैं। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO) के नेतृत्व में हुई इस विशाल डील की कुल कीमत लगभग ₹149.54 करोड़ रही। इन कारों की कीमतें ₹60 लाख से लेकर ₹1.34 करोड़ के बीच थीं। इस सामूहिक खरीद से संगठन के सदस्यों को लगभग ₹21.22 करोड़ की भारी छूट (Discount) मिली।
🔹 अहमदाबाद से शुरू हुई अनोखी पहल
यह ऐतिहासिक खरीद अभियान मुख्य रूप से गुजरात के अहमदाबाद में बसे जैन समाज के सदस्यों द्वारा संचालित किया गया। JITO ने अपने सदस्यों के लिए एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया, जिसके माध्यम से सभी को प्रीमियम ब्रांड्स की कारें जैसे BMW, Mercedes-Benz, Audi, Jaguar, Lexus आदि पर विशेष मूल्य में उपलब्ध कराई गईं।
Business Standard, Mint, Hindustan Times और India Today जैसी राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह “भारत की अब तक की सबसे बड़ी लग्ज़री कार समूह-खरीद डील” मानी जा रही है।
🔹 समूह-खरीद मॉडल से ₹21 करोड़ की बचत
JITO के अधिकारियों के अनुसार, सामूहिक खरीद से सभी सदस्यों को कुल ₹21.22 करोड़ की बचत हुई। इस बचत का कारण था एक साथ 186 गाड़ियों की बुकिंग — जिससे कंपनियों को मार्केटिंग और डिलीवरी लागत में बड़ी कटौती करने का अवसर मिला।
Business Standard की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्येक सदस्य को औसतन ₹11–12 लाख का लाभ मिला, जो व्यक्तिगत रूप से खरीदने पर संभव नहीं था।
🔹 आर्थिक दृष्टि से मजबूत संदेश
यह पहल केवल लग्ज़री कार खरीदने तक सीमित नहीं है; यह “आर्थिक एकता” का भी प्रतीक है। JITO अब इसी मॉडल को आगे बढ़ाते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स, ज्वेलरी, फार्मा और अन्य उच्च-मूल्य उत्पादों की सामूहिक खरीद पर काम कर रहा है।
The Tribune India की रिपोर्ट में बताया गया है कि यह कदम जैन समुदाय को संगठित आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह मॉडल अन्य व्यावसायिक समुदायों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
🔹 क्यों खास है यह डील
- पहली बार किसी समुदाय ने लग्ज़री सेगमेंट में इतनी बड़ी समूह-खरीद की है।
- ब्रांड्स को पहले से ही ऑर्डर मात्रा पता थी, जिससे उन्होंने विशेष छूट दी।
- यह मॉडल “Collective Bargaining Power” का उत्कृष्ट उदाहरण है।
- यह पहल जैन समाज की एकजुटता और व्यावसायिक दृष्टिकोण दोनों को दर्शाती है।
Business Standard की रिपोर्ट के अनुसार, कार कंपनियों ने कहा कि ऐसे समूह-खरीद अभियान से उनका वितरण और प्रचार खर्च घटता है, इसलिए वे बड़े पैमाने पर छूट देने को तैयार रहते हैं।
🔹 सामाजिक-आर्थिक प्रभाव
गुजरात जैसे राज्य में, जहाँ व्यापारिक समुदाय सक्रिय रूप से आर्थिक निर्णयों में भाग लेते हैं, यह कदम समाज की सामूहिक शक्ति का उदाहरण है। इससे यह भी साबित होता है कि लग्ज़री वस्तुओं की खरीद अब केवल “Status Symbol” नहीं रही, बल्कि एक सुव्यवस्थित निवेश मॉडल भी बन रही है।
अहमदाबाद, सूरत और राजकोट जैसे शहरों में इस अभियान ने युवाओं में सामूहिक निवेश की सोच को भी प्रोत्साहित किया है।
🔹 पारदर्शिता और भविष्य की दिशा
हालाँकि रिपोर्टों में व्यक्तिगत ब्रांड या मॉडल का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन JITO ने स्पष्ट किया है कि सभी सौदे आधिकारिक चैनलों और डीलरशिप्स के माध्यम से पारदर्शी रूप से किए गए।
आगे चलकर संगठन अन्य राज्यों में भी इस “JITO Bulk Buy Model” को लागू करने की योजना बना रहा है।
🔹 निष्कर्ष
गुजरात के जैन समुदाय की यह लग्ज़री कार समूह-खरीद केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं, बल्कि सामाजिक-संगठनात्मक दृष्टिकोण से भी एक मिसाल है। ₹149 करोड़ की यह डील बताती है कि जब समुदाय संगठित रूप से कार्य करता है, तो उसका सामूहिक लाभ करोड़ों में पहुँच सकता है।
यह सफलता केवल कारों तक सीमित नहीं है — बल्कि यह “संगठित व्यापार, सामूहिक खरीद और समझदार निवेश” का आधुनिक उदाहरण बन चुकी है।

