Jabalpur में दिव्यांग बच्चों के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया होली उत्सव
Jabalpur: भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की जबलपुर टीम ने दिव्यांग बच्चों और गरीब बस्ती के बच्चों के साथ होली का उत्सव बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया। यह आयोजन न केवल बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला था, बल्कि समाज में भाईचारे, प्रेम और समरसता का संदेश भी देने वाला साबित हुआ।
इस आयोजन का उद्देश्य केवल होली मनाना नहीं था, बल्कि दिव्यांग बच्चों को समाज के मुख्य धारा में शामिल करने, उनके साथ सहभागिता बढ़ाने और उनके हृदय में उत्साह व आत्मविश्वास का संचार करना था। इसके साथ ही, यह कार्यक्रम बच्चों को सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों की शिक्षा देने का अवसर भी बन गया।
कार्यक्रम का प्रारंभ और गतिविधियाँ
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा बच्चों का स्वागत कर उन्हें रंग, पिचकारी, गुलाल, फल और बिस्किट वितरित करने से हुई। बच्चों की आँखों में उत्साह और चेहरे पर खुशी देखने लायक थी।
बच्चों ने पिचकारी से खेलते हुए, गुलाल से एक-दूसरे को रंगते हुए और टीम के सदस्यों के साथ नृत्य और गीतों का आनंद लिया। इस दौरान बच्चों ने अपनी भावनाएँ और कहानियाँ साझा कीं, जिससे कार्यक्रम में आपसी संवाद और अपनापन और गहरा हुआ।
टीम ने बच्चों को होली के महत्व के बारे में भी समझाया। उन्हें बताया गया कि होली बुराई पर अच्छाई की विजय, प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। बच्चों ने उत्सव के माध्यम से यह महसूस किया कि यह पर्व केवल रंग खेलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग को जोड़ने और खुशियाँ बाँटने का संदेश छिपा है।

कार्यक्रम का आयोजन और सहयोग
इस कार्यक्रम की रूपरेखा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती शोम्पा शाह चटर्जी ने तैयार की थी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रेम, सम्मान और समानता का संदेश पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में विशेष सहयोग गोरखपुर तहसील अध्यक्ष श्रीमती रश्मी केवट ने प्रदान किया। उन्होंने बच्चों के साथ सक्रिय रूप से भाग लिया और सुनिश्चित किया कि प्रत्येक बच्चा उत्सव में पूरी तरह शामिल हो।
उपस्थित पदाधिकारी और सदस्य
कार्यक्रम में संगठन के प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने बच्चों के साथ मिलकर रंग, नृत्य और खेल गतिविधियों में भाग लिया। उपस्थित पदाधिकारी निम्नलिखित थे:
- प्रदेश प्रवक्ता: श्रीमती शोम्पा शाह चटर्जी
- जिला अध्यक्ष: श्री धनराज सोनकर
- जिला अध्यक्ष: श्रीमती ममता यादव
- महामंत्री: श्रीमती अर्चना यादव
- रांझी तहसील अध्यक्ष: श्रीमती नीलम गोठिया
- गोरखपुर तहसील अध्यक्ष: श्रीमती रश्मी केवट
- पाटन तहसील अध्यक्ष: श्री निशांत कुर्मी
- कार्यकारिणी सदस्य: श्रीमती रेखा पटेल
- कार्यकारिणी सदस्य: आशा गोस्वामी
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने कहा कि “दिव्यांग एवं जरूरतमंद बच्चों के साथ त्योहार मनाना सच्ची मानव सेवा है। हमारा उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक सम्मान, प्रेम और समानता का संदेश पहुँचाना है।”
उन्होंने बच्चों के उत्साह और मुस्कान को समाज में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बताया और कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
संगठन के अन्य सदस्यों का योगदान
संगठन के सदस्यों जैसे शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, युवराज सिंह राठौर, रामवेश सिंह राजावत, मनीष गुप्ता, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, जीवन लाल जैन चाय वाले और अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि:
“खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं। हमारा संगठन भविष्य में भी सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता के ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करता रहेगा।”
सदस्यों ने बच्चों के साथ खेलों और नृत्य में भाग लेकर उन्हें आत्मविश्वास और हर्ष का अनुभव कराया। बच्चों की हँसी और उत्साह ने पूरे कार्यक्रम को सफल और यादगार बना दिया।

कार्यक्रम का महत्व
यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव तक सीमित नहीं था। इस आयोजन का महत्व कई स्तरों पर देखा जा सकता है:
- सामाजिक समरसता: दिव्यांग और जरूरतमंद बच्चों को मुख्यधारा में शामिल करना।
- संस्कृति और परंपरा का प्रसार: बच्चों को होली के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराना।
- समानता और सम्मान का संदेश: हर बच्चे को प्रेम और सम्मान के साथ जोड़ना।
- सकारात्मक वातावरण: बच्चों में हर्षोल्लास और खुशी के साथ मानसिक स्वास्थ्य में सुधार।
भविष्य की योजनाएँ
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की जबलपुर टीम ने कहा कि वे भविष्य में ऐसे सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करेंगे। उनका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक मानव सेवा, सहयोग और समरसता का संदेश पहुँचाना है।
टीम ने यह भी कहा कि बच्चों के साथ समय बिताने से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी आता है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में सहानुभूति, सौहार्द और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है।
निष्कर्ष
इस प्रकार, भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की जबलपुर टीम द्वारा आयोजित यह होली उत्सव खुशियों, हर्ष और भाईचारे का प्रतीक बना। बच्चों की मुस्कान, रंगों का उत्साह और टीम के सदस्यों का सहयोग इस आयोजन को अविस्मरणीय बनाता है।
संगठन का यह प्रयास समाज में प्रेम, समानता और सेवा का संदेश फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस कार्यक्रम ने यह दिखाया कि समाज के हर सदस्य को जोड़कर ही सच्ची खुशियाँ और मानव सेवा संभव है।
संवाददाता: जीवनलाल जैन, नागदा
