जबलपुर शेयर ट्रेडिंग ठगी का पूरा मामला
जबलपुर शेयर ट्रेडिंग ठगी का एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला मध्य प्रदेश से सामने आया है। आमतौर पर साइबर ठगी के मामलों में आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहते हैं, लेकिन इस बार जबलपुर साइबर सेल पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 14 लाख रुपये की शेयर ट्रेडिंग ठगी करने वाले चार साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला न सिर्फ जबलपुर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कैसे शुरू हुई 14 लाख की शेयर ट्रेडिंग ठगी
साल 2022 में जबलपुर निवासी स्नेहलता अवस्थी की बेटी के पास एक कॉल आता है। कॉल करने वाला खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट बताता है और कम समय में लाखों कमाने का सपना दिखाता है।
धीरे-धीरे विश्वास जीतकर आरोपी ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर अलग-अलग खातों में पैसे डलवाने लगते हैं। शुरुआत छोटे अमाउंट से होती है और फिर रकम बढ़ती जाती है।
पीड़िता को कैसे लगाया गया शेयर ट्रेडिंग का लालच
- फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स और स्क्रीनशॉट
- मुनाफे के झूठे आंकड़े
- “आज नहीं लगाया तो मौका चला जाएगा” जैसी बातें
- बार-बार कॉल और व्हाट्सएप मैसेज
इन्हीं तरीकों से जबलपुर शेयर ट्रेडिंग ठगी के इस मामले में पीड़िता से करीब 14 लाख रुपये ऐंठ लिए गए।
जब पीड़िता ने मुनाफे की रकम वापस मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगे और बाद में संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया।
जबलपुर साइबर सेल की जांच और कार्रवाई
ठगी का एहसास होने के बाद पीड़िता ने जबलपुर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।
लगातार तकनीकी जांच के बाद पुलिस को पता चला कि जिस बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर हुए थे, वह इंदौर निवासी सुखलाल अहिरवार के नाम पर है।
पुलिस ने सुखलाल अहिरवार को हिरासत में लिया, जिसके बाद पूरा शेयर ट्रेडिंग ठगी नेटवर्क सामने आया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं? (नाम सहित)
पुलिस ने इस जबलपुर शेयर ट्रेडिंग ठगी मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- अनिकेत मात्रे
- दयानंद मांझी
- अक्षय मंडलीय
- मिथुन जाटव
चारों आरोपी इंदौर के रहने वाले हैं और ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को ठगने का काम कर रहे थे।
इंदौर और उज्जैन से क्या है कनेक्शन
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ उज्जैन और इंदौर में भी साइबर ठगी के पुराने मामले दर्ज हैं।
इससे साफ है कि यह कोई एक शहर तक सीमित गिरोह नहीं बल्कि मल्टी-सिटी साइबर फ्रॉड नेटवर्क है।
मास्टरमाइंड अब भी फरार
पुलिस के मुताबिक इस पूरे शेयर ट्रेडिंग ठगी रैकेट के पीछे एक मास्टरमाइंड है, जो:
- कॉल करवाता था
- स्क्रिप्ट तैयार करता था
- फर्जी निवेश योजनाएं बनाता था
फिलहाल मास्टरमाइंड फरार है और उसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
शेयर ट्रेडिंग ठगी से कैसे बचें
जबलपुर शेयर ट्रेडिंग ठगी जैसे मामलों से बचने के लिए:
- अनजान कॉल्स पर निवेश न करें
- गारंटीड मुनाफे के वादों से बचें
- SEBI रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म ही चुनें
- कभी भी निजी बैंक डिटेल साझा न करें
- शक होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें
पुलिस की अपील
जबलपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह के ऑनलाइन ट्रेडिंग ऑफर में निवेश करने से पहले पूरी जांच करें।
साइबर ठगी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
