भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, Jabalpur द्वारा “पक्षियों के लिए सकोरे वितरण एवं जागरूकता अभियान” का आयोजन
Jabalpur(मध्यप्रदेश):
पर्यावरण संरक्षण, जीव-जंतु कल्याण और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, Jabalpur टीम द्वारा एक विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य भीषण गर्मी के दौरान पक्षियों के लिए जल और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करना तथा आमजन को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
यह कार्यक्रम जबलपुर शहर के विभिन्न पार्कों, उद्यानों और सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित किया गया, जहां ट्रस्ट के सदस्यों ने नागरिकों के बीच सकोरे (मिट्टी के बर्तन) वितरित किए और उन्हें पेड़ों पर लटकाकर पक्षियों के लिए पानी उपलब्ध कराने की प्रेरणा दी।
अभियान का मुख्य उद्देश्य
इस जनकल्याणकारी अभियान का मुख्य उद्देश्य यह था कि समाज में यह संदेश पहुंचे कि मानव जीवन के साथ-साथ पशु-पक्षियों और प्रकृति का संरक्षण भी अत्यंत आवश्यक है।
गर्मी के मौसम में जब तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है, तब पक्षियों के लिए पानी की कमी एक गंभीर समस्या बन जाती है। ऐसे समय में सकोरे में पानी भरकर पेड़ों पर रखना एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी उपाय है, जिससे हजारों पक्षियों की जान बचाई जा सकती है।
ट्रस्ट का मानना है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकते हैं, यदि उन्हें सामूहिक रूप से अपनाया जाए।
पार्कों और उद्यानों में जनजागरूकता अभियान
अभियान के अंतर्गत ट्रस्ट की टीम ने शहर के विभिन्न पार्कों और बगीचों में जाकर आमजन से सीधा संवाद स्थापित किया। लोगों को सकोरे वितरित किए गए और उन्हें यह समझाया गया कि किस प्रकार वे अपने घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी और दाना उपलब्ध करा सकते हैं।
टीम ने यह भी बताया कि पक्षियों का संरक्षण केवल पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक नैतिक और मानवीय कर्तव्य भी है।
इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने अभियान में रुचि दिखाई और स्वयं भी इस मुहिम से जुड़ने का संकल्प लिया।

ट्रस्ट के उद्देश्यों की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को ट्रस्ट के सामाजिक उद्देश्यों, मानवाधिकार से जुड़े कार्यों और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चलाए जा रहे अभियानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर समाजहित में कई प्रकार के जागरूकता और सेवा कार्य किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य समाज में समानता, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को बढ़ाना है।
इस अवसर पर यह भी बताया गया कि ट्रस्ट केवल मानव अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीव-जंतुओं के अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
अभियान में सक्रिय सहभागिता
इस अभियान में ट्रस्ट के कई पदाधिकारी एवं सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- श्रीमती ममता यादव (जिला अध्यक्ष)
- श्रीमती अर्चना यादव (महामंत्री)
- श्रीमती रश्मि केवट (तहसील अध्यक्ष, गोरखपुर)
- श्रीमती रेखा पटेल (जिला कार्यकारिणी सदस्य)
- आशा गोस्वामी (जिला कार्यकारिणी सदस्य)
इन सभी सदस्यों ने मिलकर आमजन को अभियान से जोड़ा और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश
सुनील सिंह यादव (राष्ट्रीय अध्यक्ष) ने इस अवसर पर अभियान की सराहना करते हुए कहा कि मानव अधिकारों के साथ-साथ हमें प्रकृति और जीव-जंतुओं के अधिकारों की रक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि—
“पक्षियों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था करना एक छोटा कार्य जरूर है, लेकिन इसका प्रभाव अत्यंत बड़ा होता है। यह कार्य समाज में करुणा, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक इस दिशा में छोटा-छोटा योगदान दे, तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं की संयुक्त पहल
अभियान में ट्रस्ट के कई सामाजिक कार्यकर्ता भी सक्रिय रूप से शामिल रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता एवं जीवनलाल जैन शामिल रहे।
इन सभी ने संयुक्त रूप से कहा कि भीषण गर्मी के इस समय में पक्षियों के लिए पानी और दाना उपलब्ध कराना हर नागरिक का सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और व्यवहार परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सकोरे वितरण और पर्यावरण संदेश
अभियान के दौरान वितरित किए गए सकोरे केवल एक वस्तु नहीं थे, बल्कि यह एक संदेश थे—कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी क्या है।
टीम ने लोगों को यह समझाया कि कैसे एक छोटा सा सकोरा किसी पक्षी के जीवन को बचा सकता है। गर्मी के दिनों में जब जल स्रोत सूख जाते हैं, तब यह साधारण उपाय जीवन रक्षक सिद्ध हो सकता है।
इसके साथ ही लोगों को यह भी बताया गया कि पेड़ों की संख्या बढ़ाना, जल संरक्षण करना और प्लास्टिक का उपयोग कम करना भी पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है।

जनभागीदारी की अपील
ट्रस्ट ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़ें और अपने-अपने घरों, कार्यालयों और मोहल्लों में पक्षियों के लिए पानी और दाना रखने की व्यवस्था करें।
संगठन का मानना है कि जब तक समाज स्वयं जागरूक नहीं होगा, तब तक किसी भी बड़े परिवर्तन की कल्पना नहीं की जा सकती।
इसलिए हर व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह प्रकृति और जीव-जंतुओं की रक्षा में अपनी भूमिका निभाए।
समाज में बढ़ती जागरूकता
इस अभियान का सबसे सकारात्मक प्रभाव यह देखा गया कि बड़ी संख्या में लोग स्वयं आगे आकर सकोरे लेने और उन्हें स्थापित करने के लिए प्रेरित हुए।
युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया, जिन्होंने इस कार्य को एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार किया।
इस प्रकार यह अभियान केवल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक व्यापक जनजागरूकता आंदोलन में परिवर्तित हो गया।
निष्कर्ष
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह “पक्षियों के लिए सकोरे वितरण एवं जागरूकता अभियान” न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह समाज में मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का भी एक प्रयास है।
यह पहल यह संदेश देती है कि प्रकृति और जीव-जंतुओं की रक्षा करना केवल सरकार या संगठनों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
यदि समाज इस दिशा में एकजुट होकर कार्य करे, तो निश्चित रूप से एक संतुलित, सुरक्षित और संवेदनशील पर्यावरण का निर्माण संभव है।
