Israel Counter Attack on Iran: इजरायल का जवाबी हमला, 4 शहरों में बमबारी से मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर
मध्य पूर्व (Middle East) में एक बार फिर हालात बेहद गंभीर हो गए हैं, जहां इजरायल और Iran के बीच सैन्य संघर्ष तेज होता नजर आ रहा है। ताजा घटनाक्रम में इजरायल ने ईरान पर बड़ा जवाबी हमला करते हुए कई शहरों को निशाना बनाया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है और युद्ध की आशंका गहराती जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायली सेना ने Iran के चार प्रमुख शहरों—तेहरान, इस्फाहान, तबरीज और मेहराबाद—में हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में बमबारी और मिसाइल अटैक दोनों शामिल थे। खासकर एयरपोर्ट और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिससे कई क्षेत्रों में भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चार शहरों में इजरायल की बमबारी, एयरपोर्ट बने निशाना
सूत्रों के मुताबिक इजरायल की सेना (IDF) ने ईरान के भीतर सीधे प्रवेश किए बिना सीमाओं के बाहर से मिसाइलें दागकर यह हमला किया। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान के सैन्य और रणनीतिक ढांचे को नुकसान पहुंचाना बताया जा रहा है।
तेहरान, इस्फाहान, तबरीज और मेहराबाद में हुए हमलों के बाद कई जगह धमाकों की आवाजें सुनी गईं। एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं, हालांकि आधिकारिक स्तर पर विस्तृत आंकड़े अभी तक जारी नहीं किए गए हैं।
IRGC ने की हमले की पुष्टि, जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
Iran की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायली हमलों की पुष्टि की है। IRGC ने बयान जारी करते हुए कहा कि इजरायली सेना ने बिना सीमा पार किए मिसाइलों के जरिए ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
Iran ने इस हमले को गंभीर उकसावे की कार्रवाई बताया है और चेतावनी दी है कि इसका “मुंहतोड़ जवाब” दिया जाएगा। ईरानी सैन्य नेतृत्व ने कहा है कि देश की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और उचित समय पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
इजरायल में हाई अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद
इजरायल की ओर से किए गए इस हमले के बाद देश के भीतर भी सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है। इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इटमार बेन-गवीर ने बयान में कहा है कि अब तेहरान को जवाब भुगतना पड़ेगा और सुरक्षा कारणों से कई आपातकालीन कदम उठाए जा रहे हैं।
इजरायल में स्कूल और कॉलेज अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। अस्पतालों को बंकरों में शिफ्ट करने के आदेश भी जारी किए गए हैं ताकि संभावित हमलों से बचाव किया जा सके। पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
हवाई क्षेत्र बंद, मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा
इस संघर्ष का असर पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र पर दिखाई देने लगा है। इराक और सीरिया ने अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) को बंद कर दिया है। इसके अलावा कई देशों ने सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया है।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंता में है क्योंकि हालात तेजी से युद्ध की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।
ट्रंप के आदेश को नजरअंदाज करने का दावा
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इजरायल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों को नजरअंदाज करते हुए यह जवाबी हमला किया है। कहा जा रहा है कि ईरान और हिजबुल्लाह के हमलों के बाद ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से संपर्क कर जवाबी कार्रवाई न करने की सलाह दी थी।
हालांकि इसके बावजूद इजरायल ने सैन्य कार्रवाई की। इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
ट्रंप पहले भी यह कह चुके हैं कि रणनीतिक फैसले अंतिम रूप से उनके नियंत्रण में होते हैं, और उनके निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। ऐसे में इजरायल के इस कदम को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
पश्चिमी ईरान में भारी धमाके, सायरन बजने की खबर
रिपोर्ट्स के अनुसार लेबनान से सटे पश्चिमी ईरान के क्षेत्रों में भी इजरायल ने लगातार बमबारी की है। करज और आसपास के इलाकों में धमाकों की तेज आवाजें सुनी गईं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
कई जगहों पर एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किए गए और मिसाइलों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन बावजूद इसके कई धमाके हुए। सबसे ज्यादा हमले इस्फाहान क्षेत्र में बताए जा रहे हैं।
Iran और हिजबुल्लाह का इजरायल पर हमला
इससे पहले ईरान और हिजबुल्लाह ने इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। इन हमलों के बाद ही इजरायल ने जवाबी कार्रवाई शुरू की।
हिजबुल्लाह द्वारा लेबनान में इजरायली ठिकानों पर हमले के बाद स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती इस सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है।
युद्ध की आशंका बढ़ी
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव जल्द नियंत्रित नहीं हुआ तो यह एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती टकराव की स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल दोनों देशों की ओर से सख्त बयानबाजी जारी है और किसी भी तरफ से पीछे हटने के संकेत नहीं मिल रहे हैं।
निष्कर्ष
इजरायल और Iran के बीच बढ़ता संघर्ष अब गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। चार ईरानी शहरों पर इजरायली हमले और उसके जवाब में ईरान की चेतावनी ने पूरे मध्य पूर्व को संकट में डाल दिया है। आने वाले समय में यह स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
